तोक्यो ओलंपिक व्यायामशाला और उनके डिजाइनर वेइ येनवु

2020-08-12 10:00:00
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24 जुलाई की रात को वेइ येनवु अपने द्वारा डिजाइन किये हुए तोक्यो नये राष्ट्रीय व्यायामशाला में बैठे हुए ओलंपिक के उद्घाटन समारोह देख सकते थे और अपने जीवन में उज्ज्वल वक्त का आनंद उठा सकते थे। लेकिन महामारी के प्रकोप से लोग उस नये व्यायामशाला को अस्थायी रूप से भूलते जा रहे हैं।

वेइ येनवु को ज्यादा निराशा नहीं है। अगले महीने वे 66 साल के हो जाएंगे। मानव जाति, प्रकृति और वातावरण के सामंजस्यपूर्ण अस्तित्व का विश्वास करने की वजह से वे शांति से ये सब देख सकते हैं।

“वास्तव में एक साल स्थगित करने से व्यायामशाला के आसपास की घास और सुन्दर हो सकती है। वे रोज उगती हैं। पूरे व्यायामशाला के लिए यह अच्छी बात है।”

इस व्यायामशाला का डिजाइन करते समय वेइ येनवू और उनकी टीम ने वन्य व्यायामशाला की विचारधारा से आसपास के मिंगजी राज्यभवन के वन्य को जोड़कर बाहरी दीवार बनाने में प्राकृतिक चाइनीज़ फ़र पेड़ों का इस्तेमाल किया, जबकि व्यायामशाला की छत लाछ पेड़ से बनायी गयी है। व्यायामशाला के पास 47 हजार पौधे उगाये गये हैं। इससे व्यायामशाला मिंगजी राज्यभवन पार्क का एक भाग भी बनता है।

वेइ येनवू का घर और वर्कशॉप व्यायामशाला के पास स्थित हैं। रोज सुबह काम करने के लिए व��� व्यायामशाला से गुजरते हैं। इसे नक्शे में चित्र से सच्ची वास्तु में परिवर्तित करने को देखकर उन्हें महसूस हुआ कि मानों अपने बच्चे के बड़ा होने को देखते हो।

ओलंपिक के स्थगित होने के बाद जापान ने पूरे देश में आपात स्थिति में प्रवेश करने की घोषणा की। सरकार ने लोगों से घर में काम करने का आह्वान किया। लेकिन वेइ येनवू रोज सुबह 7 बजे से पहले ही दफ्तर में आ जाते हैं और डिजाइन चित्र देखते हैं और कुछ ऑनलाइन बैठकों में भाग लेते हैं। कोविड-19 के प्रकोप से ओलंपिक स्थगित किया गया है। विश्व के लिए यह अति अहम ऐतिहासिक घटना है, जबकि वेइ येनवू ने शांति से इसे स्वीकार किया। कोई अनुमान नहीं लगा सकता है कि वायरस कब तक रहेगा। व्यायामशाला का निर्माण पूरा हो चुका है। उसका थीम है प्रकृति और वातावरण। यही पर्याप्त है।

तोक्यो ओलंपिक आयोजन कमेटी के अध्यक्ष सन शिलांग ने कहा कि अगर अगले साल ओलंपिक समय पर आयोजित किया जाता है, तो मानव जाति द्वारा महामारी को पराजित करने को मनाने का वक्त होगा। लेकिन वेइ येनवू की नजर में विजय में नये विषय शामिल होना चाहिए। मानव जाति वायरस के साथ सहअस्तित्व करने को सीखना है। वेइ ने कहा कि मौसम परिवर्तन की वजह से अनेक नये वायरस हम पर हमला करेंगी। हमें उन के साथ सहअस्तित्व करना चाहिए। इसलिए विजय का मतलब है शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और मनुष्य व प्रकृति का मेल-मिलाप।

एक साल के बाद के ओलंपिक के उद्घाटन समारोह के प्रति वेइ येनवू की कोई जानकारी नहीं है। उद्घाटन समारोह के कई डायरेक्टर उनके अच्छे दोस्त हैं, लेकिन उन्हें कुछ नहीं बताते हैं। वेइ येनवू ने कहा कि वे आशा करते हैं कि उद्घाटन समारोह प्राकृतिक और शांतिपूर्ण होगा, चूंकि केवल इस तरह का उद्घाटन समारोह महामारी के बाद के माहौल से मेल खा सकता है।

1964 तोक्यो ओलंपिक के दौरान 10 की उम्र में वेइ येनवू ने पिता जी के साथ राष्ट्रीय व्यायामशाला में ओलंपिक मैच देखा। व्यायामशाला की खास डिजाइन को देखकर उन्हें झटका सा लगा। वह इतना सुन्दर है कि उस समय की वास्तुओं से बिलकुल अलग है। उस दिन से वेइ येनवू ने एक वास्तु कलाकार बनने का संकल्प लिया। लेकिन उम्र के बढ़ने से वे प्रबलित कंक्रीट और कांच संरचना की ऊंची इमारतें नहीं पसंद करते हैं, जबकि पहले के तोक्यो की याद आती है। वे प्रबलित कंक्रीट की इमारतों के प्रति निराशा प्रकट करते हैं। वे लकड़ियों के मकानों में रहना चाहते हैं।

वेइ येनवू ने कहा कि नया व्यायामशाला वास्तु कला के इतिहास में एक मोड़ साबित किया जाएगा। 20वीं सदी प्रबलित कंक्रीट की सदी है, लेकिन 21वीं सदी पर्यावरण पूरी दुनिया का मुख्य थीम है। वे चाहते हैं कि ओलंपिक यह मुख्य थीम दे सकेगा।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 से पहले लोग कार्यालय की इमारतों में काम करना पसंद करते थे। यह अमेरिका से आयी कंपनी संस्कृति है। लेकिन 21वीं सदी में प्रवेश होने के बाद सूचना तकनीक के विकास के साथ लोगों के पास और ज्यादा विकल्प हो चुके हैं। लोग घर में, पार्क में, होटल में यहां तक की कॉफी बार में भी काम कर सकते हैं। कोई भी जगह काम करने का स्थल बना सकते हैं। इसलिए लोगों को इस नयी संस्कृति से शहर का डिजाइन करना चाहिए जबकि महामारी ने हमें एक अच्छा मौका दिया है।

वेइ येनवू चीन और जापान के इतिहास को पसंद करते हैं और परम्परागत वास्तु कला से प्रेरणा लेते हैं। तोक्यो के नये राष्ट्रीय व्यायामशाला का डिजाइन करते समय उन्होंने 607 में निर्मित नारा के पाँच मंजिला शिवालय के डिजाइन से सीखा है।

जापान में अनेक बौद्ध धर्म के मठों का डिजाइन स्वेइ या थांग राजवंश काल के दौरान चीन से आयी थी। पाँच मंजिला शिवालय का डिजाइन पर्यावरण के बहुत अनुकूल है। जबकि तोक्यो नये राष्ट्रीय व्यायामशाला का डिजाइन भी इससे ग्रहण किया गया है। वेइ येनवू ने कहा कि परम्परागत विचारधारा अनेक कठिन समस्याओं का हल कर सकती है, लेकिन वास्तु कलाकार को परम्परा में नहीं फंसना चाहिए। आधुनिक वास्तु में नयी सामग्रियां और तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाना चाहिए।

वेइ येनवू की रचनाएं पूरी दुनिया में फैलती हैं, चीन में भी उनके अनेक रचनाएं हैं। उदाहरण के लिए लम्बी दीवार के नीचे बांस कमरा, पेइचिंग का चाय घर, छनतू शहर का कला हॉल और हांगचो शहर स्थित चीनी कला अकादमी का लोक कला संग्रहालय इत्यादि। चीन के शांगहाई और पेइचिंग में उन की टीम के दफ्तर हैं। महामारी के प्रकोप से पहले वे अभी अभी जापान वापस लौटे थे।

वेइ येनवू के विचार में पेइचिंग का परम्परागत मकान सिहेयुआन उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है। पेइचिंग के बर्ड नेस्ट व्यायामशाला और वॉटर क्यूब उनकी नजर में चुनौती देने वाले डिजाइन है। लेकिन वे लम्बी दीवार सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि लम्बी दीवार मानव जाति की सब से महान उपलब्धियों में से एक है, चूंकि लम्बी दीवार पहाड़ पर निर्मित है, जबकि आसपास की भूस्थिति को नहीं नष्ट करती है। उनका मानना है कि लम्बी दीवार ग्रीन बिल्डिंग का एक मॉडल है।

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