इटली से आए हुबेई का दामादः मेरा दिल चीनी जनता के साथ

2020-03-10 10:00:00
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कोविड-19 के प्रकोप होने के बाद चीन में पढ़ने और काम करने वाले इटालवी लोग भी प्रभावित हुए। उन में कुछ लोग चीन, यहां तक वुहान में ठहरकर चीनी जनता के साथ महामारी का मुकाबला करने का संकल्प लिया। कुछ लोग विविधतापूर्ण कारणों से अस्थायी रूप से चीन से रवाना हुए। लेकिन उन में से अनेक लोगों ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि महामारी के मुकाबले में हम जरूर विजय पा सकेंगे। वे आशा करते हैं कि जल्द ही चीन वापस लौट सकेंगे। दक्षिण इटली के कालाब्रिआ रिजन(Calabria Region) में रहने वाले पाओलो दोदारो उन में से एक हैं, जिन्होंने चीन के हुबेई प्रांत की एक लड़की से शादी की थी।

पाओलो चीन में सात सालों से यहां रह रहे हैं। हाल में वह एक मशहूर इटालवी व्यंजन संस्कृति का प्रसार करने वाले हैं। चीन के हुनान प्रांत के युए यांग शहर में उन के नाम वाली एक रेस्तरां चलाते हैं। उन की पत्नी हुबेई प्रांत के ईछांग शहर की है। उन का एक 8 महीने का बेटा है। उन्होंने कहा कि चीन में काम करना और जीवन बिताना उन के बचपन का सपना है। इधर के वर्षों में चीन में बड़ा विकास, रंग-बिरंगी संस्कृति, मेहमान नवाज चीनी लोग और उन के सुखमय परिवार जीवन से उन्हें लगता है कि उन्होंने सही विकल्प किया है।

“मुझे बड़ी खुशी हुई है कि चीन में काम कर सकता और जीवन बिता सकता। यहां मेरे अनेक चीनी दोस्त हैं। यहां का जीवन मानों अपने घर जैसा है। चीनी लोग आम तौर पर बहुत गर्म हैं और शांतिप्रिय हैं। चीन में रहने से मैं बहुत संतुष्ट हूं।”

कोविड-19 के कहर से वे अपने पत्नी और बेटे के साथ अस्थायी रूप से इटली वापस लौटे। फिर भी वे हर समय पर महामारी की प्रगति व परिवर्तन पर ध्यान देते रहे। साथ ही चीन में उन के सहकर्मियों व दोस्तों के प्रति चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि महामारी के प्रति उन्होंने चीनी लोगों के साथ सहानुभूति साझा की।

“चीन एक सुन्दर और महान देश है। अब चीन में हुई महामारी से मैं बहुत दुख हूं। मैं आशा करता हूं कि सब लोग इस कमजोर वक्त गुजर कर सकेंगे। इस वक्त मुझे लगता कि मैं तुम्हारे बीच एक हूं और अपने को भी चीनी मानता हूं। मैं इटली से आता हूं। आप लोगों से बहुत प्यार करता हूं।”

इधर के दिनों में इटली के अनेक रेडियो, टीवी और अखबारों ने उन से साक्षात्कार किया। साक्षात्कार में उन्होंने महामारी की रोकथाम के बारे में चीन के कदम और हुबेई और चीन के अन्य स्थलों में लोगों की जीवन स्थिति की यथार्थ स्थितियों का परिचय दिया।

“साक्षात्कार में मैंने लोगों को चीन की सची स्थितियों के बारे में जानकारी दी। मैंने देखा कि चीन सरकार ने तुरंत प्रतिक्रिया की और कदम उठाए। किसी अन्य एक देश की सरकार ऐसा नहीं कर सकती। चीन का विशाल क्षेत्रफल और बड़ी आबादी है। इसलिए हरेक काम करना इतना आसान नहीं है। जबकि चीन ने परिस्थिति को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की। उदाहण दें कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में दस दिनों में दो अस्पतालों की निर्माण किया।”

लेकिन विविध कारणों से इटली में कुछ लोग महामारी के प्रति बहुत डरते हैं। उन्होंने चीनियों के प्रति भेदभाव दिखाया।18 फरवरी को एक टीवी प्रोग्राम में पाओलो ने भावुक रूप से लोगों से चीनियों के प्रति भेदभाव न दिखाने की मांग की और लोगों के चीनी रेस्तरां में खाना खाने की सलाह दी।

इधर के दिनों के कठोर प्रयास से चीन में महामारी के रोकथाम कार्य में सक्रिय परिवर्तन आए हैं और प्रगति भी मिली है। पाओलो ने भी विभिन्न माध्यमों से महामारी के बारे में जानकारी ली। उन के विचार में चीन सरकार के रोकथाम कार्य सराहनीय है। चीन में व्यापक चिकित्सकों, वैज्ञानिकों यहां तक आम नागरिकों ने इस संघर्ष में बड़ी मेहनत की। उन्हें विश्वास है कि चीन अवश्य ही महामारी का मुकाबला करने के तरीके की खोज कर सकेगा। वायरस अवश्य ही पराजित किया जाएगा। और चीनी लोग अपने सुखमय जीवन को पुनः शुरू कर सकेंगे।

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