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बांग्लादेश-चीन जन मित्रता संघ के महासचिव शुमन की कहानी

2020-02-05 10:00:00
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बांग्लादेश-चीन जन मित्रता संघ के महासचिव शुमन की कहानी

बांग्लादेश-चीन जन मित्रता संघ के महासचिव शहरयार जामन शुमन के चीन के बीच खास संबंध है। पिछले दसों वर्षों में वे हर साल कई बार चीन आते थे। 2019 में वे दूसरे बेल्ट एंड रोड अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के शिखर मंच में भाग लेने वाले एकमात्र बांग्लादेश के एनजीओ सदस्य हैं। आज के प्रोग्राम में हम आप लोगों को उन की कहानी सुनाएंगे।

प्राचीन काल से चीन और बांग्लादेश अच्छे पड़ोसी और अच्छे मित्र हैं। इतिहास में दोनों की व्यस्त आवाजाही और गहरी मित्रता रही है। सीएमजी के पत्रकार के साथ साक्षात्कार में शुमन ने कहा कि चीन और बांग्लादेश के बीच मित्रता बहुत पुरानी है। बांग्लादेश का चेटोग्राम बंदरगाह इतिहास में बांग्लादेश के खुलेपन की अहम खिड़की था। चीन के महान नाविक जंग हो बेड़े का नेतृत्व कर चेटोग्राम बंदरगाह पहुंचे थे। उन्होंने चीन और बांग्लादेश के बीच समुद्री आवाजाही की शुरूआत की थी। शुमन के मुताबिक, दोनों देश भाई बहन की तरह है। दोनों के बीच अनेक समानताएं भी हैं। हमारी बंगाली भाषा में अनेक शब्द चीनी भाषा से आये हैं। उदाहरण के लिए बांग्लादेश में चाय और चेटोग्राम सब चीनी शब्द से आये हैं। मिंग राजवंश के जनरल जंग हो के चेटोग्राम बंदरगाह पहुंचने के बाद इस सुन्दर बंदरगाह को चेटोग्राम का नाम दिया।

चीन के साथ शुमन का खास संबंध है। बचपन में ही शुमन ने अनेक चीनी पुस्तकों को पढ़ा था। चीन के प्रति उनका गहरा प्यार है। 20 वर्ष पहले शुमन ने औपचारिक रूप से बांग्लादेश-चीन जन मित्रता संघ में शामिल किया। शुमन ने पत्रकार से कहा कि बीते दसियों सालों में वे हर साल कई बार चीन आते थे। चीन के विकास और परिवर्तन की चर्चा में शुमन ने खूब सराहना की।

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