सछ्वान-तिब्बत मार्ग बन चुका हो लोकप्रिय

2020-01-08 10:00:00
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सर्दियों के मौसम में हमारे संवाददाता चीन में सब से सुन्दर मार्ग माने जाने वाले सछ्वान-तिब्बत मार्ग गए। सर्दियों में पठार पर मौसम बहुत ठंडा होता है, लेकिन लॉजिस्टिक बहुत व्यस्त दिखता है। पठार पर बाजार अर्थतंत्र ओतप्रोत है। 2000 किलोमीटर लम्बा वाला सछ्वान-तिब्बत मार्ग तरल बाजार बन चुका है। आसपास के गांवों में दिन ब दिन नया परिवर्तन हो रहा है।

चीन के तिब्बत के लिनची शहर से प्रस्थान होकर हमारे पत्रकार सछ्वान तिब्बत मार्ग से 36 किलोमीटर जाने के बाद बायी क्षेत्र के कंगचांगमन जातीय चोपा गांव पहुंचे। रास्ते के पास कई ग्रीनहाउस ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। 52 वर्षीय वांग त्वेइ इस साल में नये निर्मित 10 स्ट्रॉबेरी ग्रीनहाउसों में व्यस्त रहे हैं। स्ट्रॉबेरी एक अच्छा उद्योग है। महिलाएं घर में स्ट्रॉबेरी उगाती हैं, जबकि पुरुष बाहर व्यापार करते हैं। गांव के हरेक परिवार में गाड़ी होती है। स्थानीय लोगों का जीवन स्तर उन्नत हो गया है। वांग त्वेइ ने कहा कि घर में दो तिब्बती इमारतों का निर्माण किया गया, जिस का कुल क्षेत्रफल 300 से अधिक वर्ग मीटर है।

स्थानीय गरीबी उन्मूलन विभागों ने 26 लाख से अधिक चीनी युआन की पूंजी देकर चोपा गांव में 66 ग्रीनहाउस का निर्माण किया। हरेक परिवार को 2 ग्रीनहाउस मिले हैं, बाकी 8 ग्रीनहाउस गांव द्वारा सामूहिक रूप से प्रचलन किये जाते हैं। किसान यांग चोंग ने इस सितंबर में सब स्ट्रॉबेरी को बेचा। उन्होंने कुल मिलाकर 80 हजार से अधिक युआन की कमाई की।

चोपा गांव में कुल 29 परिवार और 124 आदमी रहते हैं। 2013 में गांव के सब लोग सछ्वान तिब्बत मार्ग के पास स्थानांतरित हुए। इधर के वर्षों में स्ट्रॉबेरी उगाकर गांव के सब लोग समृद्ध होने लगे। चोपा गांव की सीपीसी पार्टी के महासचिव त्वोपूच्येइ ने कहा कि सछ्वान तिब्बत मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है। किसानों के लिए यह अच्छी बात है। पुरुष आम तौर पर बाहर काम करते हैं और उनके विचारों में भी धीरे धीरे परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वे स्ट्रॉबेरी उगाने, बिक्री करने और प्रोसेसिंग करने में जोर देंगे। साथ ही उन्होंने पर्यटन उद्योग का बड़ा विकास करने की योजना भी बनायी।

सछ्वान तिब्बत मार्ग ने न सिर्फ़ प्रथम उद्योग को प्रेरित किया, बल्कि व्यापार, यातायात उद्योग और रोजगार के अवसर भी दिये हैं। पहले गरीब किसानों ने अपनी मेहनत से गरीबी से छुटकारा पाया।

तिब्बत के दक्षिण पूर्व में स्थित छांगतू शहर की मांगखांग काउंटी के रूमेई कस्बे की ऊँचाई 2600 मीटर है। चूंकि यहां की ऊँचाई अपेक्षाकृत कम है, इसलिए स्थानीय लोग दो ऋतुओं में फसल बो सकते हैं। लेकिन आजकल यहां के किसान यातायात और व्याप���रिक उद्योग में व्यस्त रहने लगे हैं।

55 वर्षीय गांव की सीपीसी पार्टी के कमेटी के प्रधान थूतंगचाशी ने कहा कि 2010 से पहले रूमेई कस्बे के 50 किलोमीटर क्षेत्रफल में कोई मार्ग नहीं था। यहां से ल्हासा जाने के लिए एक हफ्ते का समय लगता है। जबकि मार्ग का निर्माण करने के बाद गांव के 189 परिवारों के 1009 लोगों में आधे से ज्यादा लोग यातायात काम करने लगे। इतना ही नहीं बाहर मजदूरी का काम करने वाले लोगों की संख्या में भी बढ़ोतरी आयी है।

34 वर्षीय श्यांगपाओचू पूरे गांव में सब से पहले कार्गो ट्रक खरीदने वाले व्यक्ति हैं। उन के मुताबिक, पहले कई साल यहां सीमेंट की रोड नहीं थी। घर वापस लौटने के लिए 15 दिन लगते थे। अब रोड ठीक हो गयी है और वापस लौटने में सिर्फ़ एक हफ़्ता लगता है। अनुमान है कि इस साल उन की आमदनी 1.8 लाख युआन होगी।

रूमेइ कस्बे के सछ्वान तिब्बत मार्ग के दोनों किनारे होटल, रेस्तरां और सुपर मार्केट सब कुछ मौजूद हैं। स्थानीय लोग अपने मकानों को अन्य क्षेत्रों से आए लोगों को किराये पर भी देते हैं। सो वे हर वर्ष 30 हजार से 2 लाख चीनी युआन की कमाई कर सकते हैं।

रूमेइ कस्बे के प्रभारी छन हाईथाओ ने कहा कि सछ्वान तिब्बत मार्ग से लोग बाहर दुनिया से संपर्क और घनिष्ट हो गये हैं। उन्होंने समृद्ध बनाने के साथ विचारों को भी बदला है। 2013 से ज्यादा से ज्यादा पर्यटक कस्बे में रहने लगे। भविष्य में कस्बा मुख्यतः पर्यटन के जरिए आर्थिक विकास करेगा।

सछ्वान तिब्बत मार्ग भीतरी इलाके और तिब्बत को जोड़ने वाली यातायात की महा धमनी है, साथ ही आदान प्रदान और आर्थिक विकास का मार्ग भी है।

सछ्वान प्रांत के गेनजी तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर के दक्षिण में स्थित यांग च्यांग काउंटी सोंगरोंग नामक एक किस्म के मशरूम के लिए मशहूर है। इधर के दो वर्षों में जापान और दक्षिण कोरिया आदि देशों के व्यापारी दूर से यांग च्यांग आकर सोंगरोंग खरीदने लगे हैं। अब यांग च्यांग काउंटी में मशरूम मिसाल केंद्र की स्थापना हो चुकी है, जिससे स्थानीय तिब्बती लोगों की आमदनी बढ़ चुकी है।

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