वसंत में खिले हुए पेओनी फूलों का लुत्फ लेने के लिए ल्वोयांग शहर का दौरा

2019-12-25 04:31:11
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चीन में हर वर्ष के अप्रैल के अंत में पेओनी फूल खिलने का मौसम है। पेओनी फूल चीन के इतिहास के थांग, सुंग और छिंग राजवंश कालों में राष्ट्रीय फूल निश्चित किया गया था। क्योंकि पेओनी फूलों का रंग विविधतापूर्ण ही नहीं, आकार प्रकार भी बहुत बड़ा भव्यदार दिखाई देता है। इसलिए वह फूलों का राजा माना जाता है और चीनी लोगों को उसे बहुत लगाव है। हर वर्ष जब पेओनी फूल खिल उठते हैं, तो यह फूल देने वाले पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। थांग राजवंश के किसी प्रसिद्ध कवि ने पेओनी फूलों की प्रशंसा करते हुए यह कविता लिखी कि पेओनी फूल राज्य की सुन्दर छवि है। उस के खिलने से समूचे राजधानी शहर में धूम मचती है। प्राचीन काल से ही चीन का ल्वोयांग शहर पेओनी फूल देखने का सब से अच्छा स्थल है, और तो और ल्वोयांग शहर पेओनी फूल का उद्गम स्थल भी है।

ल्वोयांग शहर में पेओनी फूल उगाये जाने का इतिहास बहुत पुराना है। वह अपनी अनौखी छवि व मनोहर रंग से लोगों को मोह लेता है। ल्वोयांग शहर लोगों के दिल में पेओनी फूल का तीर्थ स्थल भी बन गया है।

ल्वोयांग शहर में पेओनी फूल उगाये जाने का इतिहास कोई एक हजार पाँच सौ वर्ष पुराना है। इतिहास में सब से पहले स्वी राजवंश में पेओनी फूल की उगाई शुरू हुई है, जबकि थांग राजवंश तक पेओनी फूलों की उगाई अपनी बुलंदी पर पहुंच गयी और सुंग राजवंश में इस फूल को फूलों का राजा कहकर माना जाने लगा। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि ल्वोयांग का पेओनी फूल की उगाई स्वेइ राज्य से शुरू हुई है। थांग राजवंश तक वह अपनी ऊँचाई पर रहा, जबकि सुंग राजवंश तक वह सारे चीन में बड़ा नामी हो गया है। 1982 में ल्वोयांग शहर ने पेओनी फूल को अपने शहरी फूल के रूप में निश्चित किया। फिर 1983 से ल्वोयांग शहर की सरकार हर वर्ष में ल्वोयांग पेओनी फूल उत्सव आयोजित करती है, तब से लेकर आज तक 28 साल हो गये हैं।

थांग राजवंश से ही लोग पेओनी फूल को बेहद कीमती समझते आये हैं और उसकी प्रशंसा में बड़ी तादाद में कविताएं और चित्र रच चुके हैं। अब पेओनी फूल जितना मूल्यवान नहीं समझा जाता है, पर लोगों के बीच हर वर्ष के वसंत में पेओनी फूल का आनंद उठाने की परम्परा फिर भी बनी रही है। ल्वोयांग शहर के पेओ���ी फूल अपने पुराने उगाई इतिहास, विविधतापूर्ण किस्मों और गर्भित गहरी फूल संस्कृति से बहुत ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करते आये हैं।

हाल में ल्वोयांग शहर में करीब बीस से अधिक प्रसिद्ध विशाल पेओनी बाग़ बगीचे उपलब्ध हैं और वे हर वर्ष लोगों के लिए खुलते हैं। ल्वोयांग के आम लोग भी खिले हुए फूलों का लुत्फ लेने के आदी हो गये हैं। हर वर्ष जब पेओनी फूल उत्सव मनाया जाता है, तो सारे शहर में त्योहार का उल्लासपूर्ण वातावरण व्याप्त रहा है। फूल बाग़ बगीचे जाने की भीड़ लगी रहती है, साथ ही फूल बेचने और खरीदने की होड़ सी लगती है। अब पेओनी फूल उत्सव ल्वोयांग शहर का सब से बड़ा लोकप्रिय उत्सव बन गया है।

ल्वोयांग शहर का शनचो पेओनी फूल बागान विख्यात ऐतिहासिक प्राचीन अवशेष पाइ मा मठ के सामने स्थित है, जो शहरी क्षेत्र में पाँच किलोमीटर दूर है और शहरी क्षेत्र से पाँच विशेष प्रयटन लाइने सीधे तौर पर वहां पहुंच सकती हैं। शनचो पेओनी फूल बागान का क्षेत्रफल चालीस से अधिक हैक्टर विशाल है। बागान में सभी निर्माण थांग राजवंश काल की वस्तु शैलियों के आधार किये गये हैं। इतना ही नहीं, बागान में पानी, सेतुओं और पर्वतों का दर्शनीय भू दृश्य बहुत आलीशान दिखायी देता है। इस पेओनी फूल बागान में हजार किस्मों वाले विश्वविख्यात पेओनी फूल पाये जाते हैं, जो वर्तमान चीन में पेओनी फूलों के बड़े बागानों में से एक माना जाता है।

शनचो पेओनी फूल बागान में देश विदेश की बढ़िया 1021 किस्मों वाले पेओनी फूल उगाये गये हैं, जो ल्वोयांग शहर में सब से ज्यादा पेओनी फूलों की किस्में उपलब्ध हुई हैं। शनचो पेओनी फूल बागान में प्राकृतिक फूल अवधि हर वर्ष की पहली अप्रैल से मई की पहली दश्मी तक होती है, जो चालीस दिन तक बरकरार है। विदेश से आयातित सूर्य नामक पेओनी फूल, जिसका आकार प्रकार इतना बड़ा है कि उसका सब से बड़ा व्यास तीसेक सेंटीमीटर है। श चिन नामी पेओनी फूल को ही मिसाल ले लीजिए। उसके एक फूल पौधे पर कोई सात आठ रंगों वाले फूल खिल जाते हैं। यह किस्म बहुत कम देखने को मिलती है।

शन चो पेओनी फूल बागान में विविधतापूर्ण पेओनी फूल देखने के अलावा विश्राम व मनोरंजन करने का मvपसंद स्थल भी है। यहां पर पेओनी फूल संस्कृति और आधुनिक हाई टेक से नयी किस्मों वाले पेओनी फूल पोषित करने की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती हैं। साथ ही पर्यटक अपने घर को सजधज करने के लिए बागान की दुकान में पेओनी पौधा भी खरीद सकते हैं।

शनचो पेओनी बागान के पेओनी फूल बड़ा नामी ही नहीं, बल्कि इन की कुछ किस्में 2008 ओलंपिक खेल समारोह को सजाने के लिए भी चुनी गयी हैं। 2010 शांगहाई विश्व मेले के दौरान पर्यटकों ने बहुत ज्यादा प्रदर्शनी भवनों में भी ल्वोयांग शहर के पेओनी फूलों की भव्यदार छवि देखी है।

शाही शहर पार्क ऐसे पार्कों में से एक है, जहां सब से पहले केंद्रित रुप से पेओनी फूल प्रदर्शित हुए हैं। यहां के पेओनी फूल बहुत विख्यात भी हैं।

ल्वोयांग के शाही शहर पार्क प्रथम ल्वोयांग पेओनी फूल उत्सव का आयोजन स्थल था। 1983 में ल्वोयांग शहर में प्रथम पेओनी फूल उत्सव इस पार्क के पेओनी मंडप में हुआ था। शाही शहर पार्क की स्थापना 1955 में हुई, क्योंकि यह पार्क पूर्वी चो राजवंश के शाही शहर के कुछ खंडहर पर स्थापित हुआ है। इसलिए उसका नाम शाही शहर रखा गया। यह शाही शहर पार्क ल्वोयांग शहर में ही नहीं, बल्कि समूचे हेनान प्रांत का सब से बड़ा बहुदेशीय पार्क भी है। इस शाही शहर पार्क में ल्वोयांग पेओनी फूलों की किस्में ज्यादा ही नहीं, बल्कि पेओनी उगाने का इतिहास भी सब से पुराना है। उगाई तकनीक शक्तियां भी बहुत मजबूत हैं। यहां पर मालियों की सूक्ष्म देखरेख में पेओनी पौधे खूब परवान होते हैं।

चालू वर्ष में शाही शहर पार्क में पर्यटक पेओनी फूलों का लुत्फ लेने के अलावा विविध रंगीन गतिविधियों में भी भाग ले सकते हैं। ल्वोयांग वासियों में दिन में पेओनी फूलों और रात को दीपों को देखने की परम्परा बनी रही है। वर्तमान में इस पार्क में विशेष तौर पर विभिन्न किस्मों वाले दीप तैयार हुए हैं। पार्क के गेट में कदम रखते ही 16 मीटर ऊँचा व पाँच मीटर चौड़ा पेओनी फूल दीप स्कीन नज़र आता है, जहां रंगबिरंगे पेओनी फूल खिले हुए हैं, जो फलता फूलता नज़र आता है।

शनचो पेओनी फूल बागान व शाही शहर पार्क को छोड़कर ल्वोयांग शहर में और बीस से अधिक पेओनी फूल बागान देखने लायक भी हैं।

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