प्राचीन पीली नदी के तटीय क्षेत्र हुआ य्वान खो

2019-11-21 09:00:00
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जैसा कि आप जानते हैं कि भारतीय जनता जिस तरह गंगा नदी को अपनी मां मानती है, उसी तरह चीनी जनता प्राचीन काल से ही पीली नदी को अपनी मां मानती आयी है। पर पीली नदी के मध्यम भाग में बसी हेनान प्रांतीय जनता, पीली नदी के प्रति विशेष पेचीदा भाव रखती है, उसके मन में पीली नदी माता नदी होने पर भी अपनी जान लेने वाला पानी भी है। पीली नदी के तट पर स्थित हुआ य्वान खो नामक गांव पीली न जाने कितनी बार नदी की बाढ़ का शिकार बना था, पर हर बार बाढ़ आने के बाद इस गांव का पुनर्निर्माण होकर नया रुप लेता है। अतः आज यहां पर फलता फूलता नजर आ रहा है।

कहा जाता है कि पाँच सौ वर्ष पहले के मिंग राजवंश काल में एक शू नामी बड़े अधिकारी ने पीली नदी के किनारे पर एक फूल उद्यान स्थापित किया। इस चालीस वर्ग किलोमीटर विशाल फूल बागान में विविधतापूर्ण फूल पौधे उगाये हुए हैं। साल भर में रंग बिरंगे फूल खिले हुए हैं। आसपास में बसे सभी लोग फूलों का लुत्फ उठाने आते थे। बाद में पीली नदी का मार्ग बदलकर उमड़ने वाली बाढ़ ने इसी सुन्दर फूल बागान को हड़प कर नष्ट कर दिया। तब से यह स्थल पीली नदी के दक्षिण किनारे का एक घाट बन गया। स्थानीय लोग उसे हुआ य्वान खो कहकर पुकारते हैं।

आज का हुआ य्वान खो हेनान प्रांत की राजधानी चंग चो शहर के उत्तर उपनगर से 17 किलोमीटर दूर, पीली नदी के दक्षिण किनारे पर खड़ा हुआ है। वह पीली नदी का नमूना है और पीली नदी का एक झरोखा भी है। हुआ य्वान खो का विशेष भौगोलिक स्थल ने इस का असाधारण इतिहास रच दिया है।

पुराने जमाने में पीली नदी का भू दृश्य आखिर कितना शानदार था। आज किसी को मालूम नहीं है। पर आज का हुआ य्वान खो सचमुच औजपूर्ण नजर आता है। चारों तरफ हरियाली छायी रहती है और रंग बिरंगे फूल खिले हुए दिखाई देते हैं, जिन में जनरल बाँध यानी च्यांग च्युन बाँध का प्राकृतिक दृश्य उल्लेखनीय है। पीली नदी पर्यटन विकास ब्यूरो के उप जनरल मैनेजर यू हान छिंग ने इस का परिचय देते हुए कहा सुना जाता है कि जनरल बाँध तत्काल के एक जनरल ने खड़ा कर दिया था। लोग कहते हैं कि उस समय एक जनरल ने पीली नदी को सुधारने में बड़ा कारनामा किया था, तत्कालीन राजा ने उन की प्रशंसा में बड़ा इनाम दिया। बाद में स्थानीय लोगों ने उन की स्मृति में 1754 में जनरल मंदिर का निर्माण किया, क्योंकि यह बाँध इस जनरल मंदिर के बगल में अवस्थित है, इसलिए उसका नाम जनरल बाँध रखा गया।

जनरल मंदिर में लोगों के बीच लोकप्रिय 64 पीली न��ी देवताओं की पूजा की जाती है। जनरल का मूल रूप चीन के प्राचीन इतिहास में नदी सुधारने में सफल अधिकारियों का था। ये अधिकारी अपने जीवन काल में कर्तव्यपरायण थे। उन का देहांत होने के बाद लोग उन की स्मृति में नाना प्रकार के आयोजन करते हैं। धीरे धीरे लोगों ने उन्हें देवता का रुप कर दिया।

पीली नदी के तट पर स्थित हुआ य्वान खो की चर्चा में पीली नदी गीत का उल्लेख करना जरूरी है। पीली नदी गीत पीली नदी संस्कृति की एक असाधारण निधि है और वह पीढ़ी दर पीढ़ी के नदी सुधारने वाले मजदूरों के खून पसीने से सिंचित पीली नदी संस्कृति ही है। जहाजी मजदूर पीढी दर पीढ़ी पीली नदी पर रहते आये हैं। इससे वे पीली नदी को खूब जानते हैं और अपने नाव को सब से मूल्यवान समझते हैं। पीली नदी की उफनती लहरों से जूझने और जीवन निर्वाह करने में उन्होंने विविधतापूर्ण विशेष पहचान वाला गीत का सृजन किया है।

पीली नदी के मार्ग में आए बदलाव के साथ साथ जहाज मजदूरों के पीली नदी गीत यानी होउ ची भी बदल जाता है। बदलाव के तदनुरुप के लिए इसी होउ ची को अलग अलग तालों का रुप दिया गया। मसलन पीली नदी के ऊपरी व मध्यम भागों स्थित पीली मिट्टी पठार व हे नान प्रांत के पश्चिम पहाड़ी क्षेत्र में गहरी संकीर्ण घाटियां ज्यादा हैं। जब पीली नदी इन क्षेत्रों से होकर आगे बह जाती है, तो पानी की धारा अत्यन्त तेज है। ऐसी कठिन भौगोलिक स्थिति में नौका मजदूर नावों को आगे खींचने में अपना हौसला बढ़ाने वाला हाउ ची का लय छोटा व जोरशोर था, जब पीली नदी पश्चिम हेनान के पहाड़ी क्षेत्र से निकलकर हुआ पेइ मैदान में बह जाता है, तो नौका मजदूरों के हाउ ची का लय धीमा व सुरीला था। सुनने में बड़ा मज़ा आता है।

वर्तमान में पीली नदी हाउ ची हुआ य्वान खो पर्यटन क्षेत्र का एक प्रदर्शित कार्यक्रम बन गया है। प्रतिदिन प्रयटकों को पेश किया जाता है। आज के हुआ य्वान खो में तत्कालीन घाट नहीं रहा है, लेकिन पीली नदी के किनारों पर बसे ग्रामीण लोगों ने शहरी वासियों के लिए मजेदार मछुआ वातावरण तैयार कर दिया है।

पीली नदी के दोनों किनारों पर अत्यंत समृद्ध जल संसाधन व दलदल उपलब्ध हैं। बहुत सी दलदल क्षेत्रों को कृषि पारिस्थितिकी उद्यान का रुप दिया गया है। पीली नदी फू चिंग पारिस्थितिकी उद्यान उन में से एक है।

पीली नदी फू चिंग पारिस्थितिकी उद्यान पीली नदी के दक्षिण व उत्तर दोनों किनारों को लांघकर 8 किलोमीटर लम्बा है। यह पारिस्थितिकी उद्यान थाईवान प्रांत के फू चिंग ग्रुप ने अपनी पूंजी से निर्मित हुआ है। इस पारिस्थितिकी उद्यान के सभी प्रबंधक थाईवान के ल्येन कुल खानदान से आये हैं। स्थानीय लोग इस पारिस्थितिकी के संस्थापक बुजुर्ग ल्येन को बड़े प्यार से लाओ ल्येन कहकर पुकारते हैं। उन्होंने थाईवान के विशेष स्वादिष्ट भोजन व मनोरंजन मध्यम चीन में ला दिये हैं।

जन्मभूमि व मातृभूमि के प्रति गहरे प्रेमभावना लिए बुजुर्ग ल्येन ने इस पारिस्थितिकी उद्यान में 40 हैक्टर से विशाल हरित मानवकृत झील निर्मित की और इस झील को सूर्य चाँद झील का नाम रखा। झील के टेढ़े मेढ़े तट पर हरियाली छायी हुई है। और तो और झील में नाना प्रकार वाली 5 लाख से अधिक मछलियां पायी जाती है। इस पारिस्थितिकी उद्यान में मछली पकड़ने वाला स्थल, मानवकृत बीच और स्वीमिंग पुल स्थापित हुआ है। अब यह पारिस्थितिकी उद्यान लोगों का विश्राम करने वाला आरामदेह स्थल बन गया है।

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