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राष्ट्रीय वाणिज्यक पर्यटन मिसाल क्षेत्र----सु चोउ औद्योगिक केंद्र की यात्रा

2019-10-16 06:00:00
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चीन के सु चोउ शहर की चर्चा करते ही लोगों के मन में प्राचीन कालीन बागों, ऐतिहासिक हान सान मठ आदि सांस्कृतिक अवशेषों का ख्याल आ जाता है। लेकिन आज हम सु चोउ शहर के पूर्वी छोर पर स्थित एक नये नगर के निर्माण के बारे में चर्चा करेंगे। इस नगर का निर्माण चीन और सिंगापुर सरकार के बीच घनिष्ठ सहयोग के फलस्वरूप सु चोउ में एक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में किया गया था। इस नगर के निर्माण में चीनी पारंपरिक शैली के साथ-साथ पश्चिमी शैली तथा अन्य कई देशों की शैलियों का मिलाजुला रूप देखा जा सकता है।

सु चोउ औद्योगिक क्षेत्र का नाम सुनकर ही लोगों के मानस पटल पर मकान, मशीनें, सड़कें आदि उभरकर सामने आ जाता है। लेकिन जब राजकीय वाणिज्य पर्यटन के मिसाली क्षेत्र से नामी सु चोउ औद्योगिक क्षेत्र में आते ही सामने विशाल झील को देखकर लोगों की आंखें आश्चर्य से खुली रह जाती हैं। सु चोउ औद्योगिक क्षेत्र में स्थित चिन ची झील(金鸡湖)एक प्राकृतिक झील है। इसका क्षेत्रफल चीन के प्रसिद्ध हांगचोउ शहर की पश्चिमी झील से लगभग 1.2 वर्गकिलोमीटर ज्यादा है।

इस झील के ऊपर जो बड़ी चकरी लोग देखते हैं वह इस झील में ही स्थित ऊँचा फेरी ह्वील है। वह सु चोउ के फेरी ह्वील पार्क में स्थित है। यह विश्व का सब से बड़ा पानी के ऊपर बनी पहिया है। इस के पास वाला टापू का नाम आड़ू का बाग है क्योंकि यहां पर लगभग 50 प्रतिशत से ज्यादा पेड़ आड़ू के फूल के हैं। वसंत के मौसम में यहां पर लाल, गुलाबी आदि रंगों के फूल खिले होते हैं।

चिन ची झील में पर्यटकों के लिए सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र है यहां पानी में स्थित फेरी ह्वील। इसे मोथिएन चरखा भी कहा जा सकता है। इसकी ऊँचाई लगभग 120 मीटर है। वर्तमान में यह विश्व का सबसे ऊँचा चरखा है। इसकी दूसरी तरफ स्थित थाओ हुआ द्वीप, ली कुंग बाँध आदि दर्शनीय स्थल भी नौकायान के दौरान देखा जा सकता है।

झील में नौकायान खत्म होने के बाद नौका सु चोउ के दस सबसे सुन्दर रात्रि पर्यटन स्थलों में से एक चंद्रमा नौका घाट पर जा रुका। रात के नौ बजे इस घाट पर पहली बार आने वाले लोग बिना आश्चर्यचकित हुए नहीं रह जाते हैं। इस पार्क के व्यापारिक केंद्र में इतनी शांति को देखकर बहुत सारे पर्यटक आश्चर्यचकित रह जाते हैं। यहां पर कई दुकानें हैं, लेकिन किसी भी दुकान से कोई आवाज नहीं आती है। लोग चुपके से दरवाजा खोलते हैं तथा अंदर बैठकर चाय का मजा लेते हैं या फिर वहीं बैठकर आराम करते हैं। कुछ लोग यहां तटों पर बैठकर या लेटकर चाँद की रोशनी में जिंदगी के कुछ शांत लम्हों का मजा लेते हैं। यहां पर बैठकर लोग मंद-मंद चल रही शीतल हवा में चाँदनी में अपने ही शरीर की सुन्दरता को निहारते रहते हैं। जैसे-जैसे रात बीतती है, लोग अपने काम-धंधों को भुलकर किसी दूसरे लोक में पहुंच जाते हैं।

चिन ची झील से जुड़ा एक और प्रसिद्ध स्थल है जिसका नाम लीकुंग तटबंध स्ट्रीट है। यह इस झील क्षेत्र में स्थित एकमात्र लम्बा बाँध है। इसकी कुल लंबाई लगभग 1400 मीटर है। यहां पर देशी और विदेशी गीत-संगीत, खाद्य-पदार्थों का जमावड़ा होता है। वह सु चोउ की एकमात्र चीनी विशेषता वाली स्ट्रीट है, जहां बहुत से विदेशी पर्यटक आते हैं।

झील के किनारे का दृश्य बहुत मनमोहक ���ै और यहां पर चीनी और पश्चिमी शैली के खाद्य पदार्थों का भी संगम है। बहुत सारे चीनी व्यंजनों का प्रकार पश्चिमी व्यंजन की तरह है। अगर खाने की बात करते हैं तो इस औद्योगिक क्षेत्र पार्क में स्थित टाइम्स स्कावयर को नहीं भूला जा सकता है।

पर्यटकों के लिए खाना और घूमना जितना महत्वपूर्ण होता है उतना ही जरूरी आराम करना भी होता है। इधर के वर्षों में पर्यटन विभाग द्वारा दिये गये आंकड़ों के अनुसार सु चो औद्योगिक पर्यटन क्षेत्र में कुल 170 होटल हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र में 33 उच्च सुविधा युक्त होटल है जिसमें 4 पांच स्टार होटल हैं। यहां पर स्थित पांच स्टार होटलों की संख्या पूरे सु चोउ शहर का 20 प्रतिशत बनती है।

अगर आप शहरी जीवन से ऊब जाते हैं तो मन की शांति के लिए आप यहां पर स्थित चुंग युवान मठ में जा सकते हैं। चुंग युवान मठ का पहला नाम चुंग श्वेन मठ था। इस मठ का निर्माण छठी शताब्दी में हुआ था जोकि सु चोउ के प्रसिद्ध मठ हान शान मठ काल का है। यह मठ चीनी सांस्कृतिक क्रांति के समय पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया था। बाद में इस मठ को फिर से वर्ष 2007 में तैयार किया गया। इस मंदिर में स्थित अवलोकीदेश्वर मंडप की ऊँचाई 46 मीटर है जोकि पूरे देश में पानी पर स्थित सबसे ऊँचा मंडप है। इस मंडप में प्रवेश करते ही लोग इसके अंदर स्थित विशाल मूर्ति को देखकर स्तब्ध रह जाते हैं। मूर्ति के अलावा यहां पर चीन का सबसे बड़ा और विशाल महावीर महल भी स्थित है। यहां पर देश का सबसे बड़ा तांबे का घंटा भी है जिसका वज़न लगभग 10 टन है।

इस मठ का दौरा करने के बाद पर्यटक वापस लौटने के लिए बस, ट्रेन, मेट्रो, लोकल ट्रेन आदि की सुविधा ले सकते हैं। यहां पर हूनिंग बुलेट ट्रेन स्टेशन है। इस स्टेशन के निर्माण से देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए यहां पर आना बहुत सुविधाजनक हो गया है।


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