बांग्लादेश में चो च्येनक्वो नामक एक चीनी की कहानी

2019-10-02 09:00:00
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चीनी लोग नाम देने पर बड़ा महत्व देते हैं। चीनी लोगों के नाम आम तौर पर पारिवारिक परम्परा, प्रचलित संस्कृति और प्राकृतिक परिवर्तन से संबंधित हैं। 1949 में नये चीन की स्थापना के बाद, लोगों के नाम भी युग के परिवर्तन के साथ बदलते रहे हैं। उदाहरण के लिए अनेक चीनियों ने च्येनक्वो, च्येनहुआ या च्येइफांग का नाम लिया है, जिस का अर्थ है देश की स्थापना या निर्माण। 2019 के 1 अक्तूबर को चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 70वीं जयंती है। अब हम विदेशों में जाकर मैत्रीपूर्ण दूत बनने वाले च्येनक्वो नाम होने वाले आदमी से मिलें और उन की कहानी सुनें। आशा है कि उन की कहानियों से नये चीन की स्थापना के पिछले 70 सालों में हुए परिवर्तन व विकास को महसूस कर सकेंगे।

1970 के 9 अक्टूबर में जन्मे चो च्येनक्वो घर में इकलौते बेटे हैं। उन के मां-बाप चाहते थे कि उन का सुन्दर व उज्जवल भविष्य हो, तो उन्हें च्येनक्वो का अंतिम नाम दिया। अब वे बांग्लादेश में बारिशल विद्युत कंपनी लिमिटेड में प्रमुख सुरक्षा निदेशक हैं।

बारिशल विद्युत कंपनी लिमिटेड बांग्लादेश में चीनी उद्यम द्वारा निवेश करने वाली पहली विद्युत परियोजना है। 2018 के 28 मई माह में चीनी प्रबंधक के रूप में चो च्येनक्वो बांग्लादेश आये। उन्होंने भाषाओं की बाधाओं को दूर कर यहां काम करना शुरू किया। चो के मुताबिक, बारिशल पहुंचते ही यहां केवल कुछ धान की खेत और छोटा तालाब था। वहां कोई मशीनरी उपकरण नहीं उपलब्ध थे। चूंकि 25 जून को परियोजना के शुरू होने की रस्म का आयोजन करने की जरूरत थी, इसलिए हमने विवश होकर राजधानी ढाका से 3 खोदक मशीनों को उधार लिया।

लाओस, नेपाल, पाकिस्तान की तुलना में बांग्लादेश में विद्युत परियोजना करने के लिए और मुश्किल है। कारण यह है कि बांग्लादेश में प्रमुख उपकरणों व सामग्री को भारत और पड़ोसी देशों से आयातित करनी होता है। कुछ वस्तुओं को चीन से भी आयातित करने की आवश्यकता होती है। लेकिन चो च्येनक्वो और सहकर्मियों की कोशिश से इन समस्याओं का हल किया गया है।

हाल में बारिशल निर्माण परियोजना सही ढंग से चल रही है। हालांकि बांग्लादेश में स्थिति बहुत कठोर है, फिर भी चो च्येनक्वो और सहकर्मी यहां अपना घर मानते हैं और दैनिक जीवन में रंग डालने की कोशिश करते हैं। कंपनी के सामान्य विभाग के प्रधान चो श्याओहू ने परिचय देते हुए बताया, चीन के परम्परागत त्योहार मध्य शरत उत्सव के आगमन पर हमने समय से पहले योजना बनायी और मूनकेक आर्डर किया। हम ने खास तौर पर कुछ हलाल मूनकेक भी मंगाए, ताकि स्थानीय कर्मचारी भी हमारे साथ त्योहार मना सकें। बांग्लादेश के कर्मचारी बांग्लादेश के त्योहार मनाने के अलावा हमारे चीनियों के त्योहार भी मनाते हैं। हालांकि स्थिति कठोर है, फिर भी हमने कुछ गतिविधियों का आयोजन भी किया। मध्य शरत उत्सव की रात को हमने बारबेक्यू किया। दूसरे दिन हम ने आसपास के छोटे पार्क में व्यायाम की प्रतियोगिता भी की। इस तरह बांग्लादेश में हमारा जीवन रंगीन बन गया।

बांग्लादेश आने से पहले 2016 के अगस्त माह में चो च्येनक्वो पाकिस्तान की एक विद्युत कंपनी में कार्यरत थे। उन्होंने क्रमशः विदेशों में चार मध्य शरत उत्सव और दो वसंत त्योहार बिताये। चो ने कहा,विदेशों में मेरे जैसे संघर्ष करने वाले अनेक चीनी लोग हैं। मेरी तरह वे परिजनों के साथ खुशहाल जीवन को त्याग कर बेल्ट एंड रोड पहल और चीनी सपने के महान लक्ष्य को साकार करने के लिए और उद्यमों की विकास रणनीति के लिए मेहनत कर रहे हैं। त्योहारों में भी परिवारजनों के साथ नहीं मिल सकते हैं।

विदेशों में लम्बे समय के लिए काम करने की वजह से परिवार के प्रति उन की गहरी याद है। साथ ही मातृभूमि के विकास के प्रति उन की समझ भी गहरी हो गयी है। चो के मुताबिक, चाहे मैं कहीं भी जाऊँ, मेरी मातृभूमि की तुलना में अच्छा नहीं है। आजकल चीन का बहुत तेज़ विकास हुआ है, लोगों का जीवन भी सुखमय हो रहा है। अपने देश में मैं कभी भी सुरक्षा के प्रति चिंतित नहीं रहता। मातृभूमि विदेशों में चीनियों की मजबूत निर्भरता है। अगर मातृभूमि शक्तिशाली हो, तो विदेशों में हम गौरव और सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।

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