हो लाल पर्वत की तलहटी में खड़ा क्वांगचुंग मठ

2019-09-06 06:00:00
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क्वांगचुंग मठ हो लान पर्वत के पश्चिमी भाग में अवस्थित है। क्योंकि वह दक्षिण अलाशानचो जिले में खड़ा हुआ है, इसलिए स्थानीय लोग उसे दक्षिण मठ भी कहते हैं। हरित पर्वतों से घिरा हुआ यह मठ एकदम शांत वातावरण में नजर आता है। मठ में कदम रखते ही पर्यटक ताजी ठंडी हवा महसूस कर सकते हैं। मठ के दक्षिण भाग में एक निर्मल सरिता कल-कल करते हुए बहती नजर आती है।

लामा ऊलीची को इस क्वांगचुंग मठ में रहते हुए तीस साल हो गये हैं। वे यहां के हरेक पेड़, घास-फूस व स्थल से बेहद परिचित हैं। उन्होंने हमारे संवाददाता से कहा कि क्वांगचुंग मठ का निर्माण सन् 1758 में हुआ था। क्योंकि वह पर्वत के सहारे निर्मित हुआ है, इसलिए इस मठ की दोनों ओर सीधी खड़ी चट्टानों पर जीती जागती रंगीन मूर्तियां चित्रित हुई हैं और ये सजीव मूर्तियां भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश में सब से बड़ा मूर्ति समूह माना जाता है। और कमाल की बात यह है कि इस मठ को घेरने वाले पर्वतों की आठ चोटियां क्वान इन अवलोकितेश्वर का कमलासन मालूम पड़ती हैं और यह क्वांगचुंग मठ ठीक इसी कमलासन के बीचोंबीच खड़ा हुआ है।

लामा उलीची ने इस मठ का परिचय देते हुए कहा कि पूरे मठ में छोटे व बड़े सूत्र भवन, मैत्रेय भवन, औषधि भवन समेत कुल 20 से अधिक भवन हैं। इस के अतिरिक्त बड़े भवन में बुद्ध शाक्यमुनि और लामा बौद्ध धर्म के पीला संप्रदाय के संस्थापक चुंगकपा और उन के शिष्यों की मूर्तियां रखी हुई हैं। संयोग की बात है कि जिस दिन हमारे संवाददाता ने इस क्वांगचुंग मठ में प्रवेश किया, उस दिन चीनी पंचांग के अनुसार पूर्णिमा थी। वहां पर आयोजित प्रार्थना सभा में बहुत से लामा सूत्र पढ़ रहे थे। हमारा संवाददाता लामा उलीची के साथ सूत्र भवन में प्रविष्ट हुआ।

सूत्र भवन में प्रवेश कर लामा उलीची तुरंत ही लामाओं के बीच बैठकर सूत्र सुनाने लगे। जब हमारे संवाददाता ने चारों तरफ नजर दौड़ायी, तो देखा कि बूढ़े लामा हों या जवान, सभी निष्ठा व लग्न से सूत्र सुन रहे हैं। अलाशान क्षेत्र के स्थानीय लोग क्वांगचुंग मठ को एक तीर्थ स्थल मानते हैं, क्योंकि इस मठ में छठी पीढ़ी के दलाई लामा छांगइंगचाजो के पार्थिक शरीर को रखने वाला स्तूप सुरक्षित है, इसलिए यह क्वांगचुंग मठ भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश के धार्मिक जगत में विशेष स्थान रखता है।

यह मठ पश्चिम भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश, यहां तक कि समूचे भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश में बहुत नामी है। क्योंकि उस का तिब्बती धार्मिक नेता छठी पीढ़ी वाले दलाई लामा छांगइंगकाजो से गहरा रिश्ता है। छठी पीढ़ी वाले दलाई लामा छांगइंगकाजो का जन्म 1683 में हुआ था। कहा जाता है कि वे तिब्बत और भारत के बहुत से धार्मिक स्थलों का दौरा करने के बाद सन् 1716 में अलाशान क्षेत्र के एक चरवाहा परिवार में आ पहुंचे, साथ ही उन्होंने इसी परिवार के बेटे को अपना प्रथम शिष्य बनाकर बौद्ध सूत्र की दीक्षा दी। अतः अनेक साल बीतने के बाद दलाई लामा छांगइंगकाजो का निर्वाण इसी अलाशान क्षेत्र में हुआ। उन के इस शिष्य ने अपने गुरु छांगइंगकाजो की स्मृति में विशेष तौर पर उन के पार्थिव शरीर को एक स्तूप में रखकर दर्शन के लिए क्वांगचुंग मठ में लगाया। क्वांगचुंग मठ के उप संचालक सुइराटु के अनुसार छांगइंगकाजो के सूत्र-ग्रंथ, फायर और दूसरे पात्र समेत कुछ मूल्यवान ऐतिहासिक व सांस्कृतिक अवशेष आज भी इसी मठ में अच्छी तरह सुरक्षित हैं।

छांगइंगकाजो एक धार्मिक नेता ही नहीं, एक प्रसिद्ध रोमांटिक कवि भी थे। धार्मिक बंधनों से मुक्त उन का उत्साहवर्द्धक चिंतन उन की कविताओं में देखा जा सकता है और उन की अधिकतर कविताओं में नारी पुरुष की अमर प्रेम की कहानी का गुणगान किया गया है। और हर पंक्ति व शब्द में थोड़ा बहुत दुःख व परेशानी का भाव व्याप्त है।

इधर के सालों में स्थानीय सरकार के समर्थन से क्वांगचुंग मठ के धार्मिक इतिहास व संस्कृति को अच्छा संरक्षण प्राप्त हुआ है। स्थानीय लोगों के धार्मिक विश्वास को भी सम्मान मिला है। साथ ही स्थानीय सरकार हर वर्ष इस मठ की मरम्मत व रक्षा करने में विशेष अनुदान भी देती है। स्थानीय सरकार के संबंधित विभाग ने मठ के कुछ वृद्ध लामाओं का उचित बंदोबस्त भी किया है।

स्थानीय सरकार जातीय व धार्मिक मामलों को बड़ा महत्व देती है, साथ ही तिब्बती बौद्ध धर्म के लामाओं का विशेष ख्याल भी रखती है, ताकि वे निश्चिंत रूप से जीवन बिता सके।

अब क्वांगचुंग मठ तिब्बती बौद्ध धर्म का एक मठ ही नहीं, बल्कि भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश का एक प्रसिद्ध रमणीक पर्यटन स्थल भी है। हर वर्ष लगभग दो लाख से अधिक पर्यटक इस क्वांगचुंग मठ का दौरा करने आते हैं। स्थानीय सरकार ने कहा कि वे पश्चिमी चीन की सुन्दर नदियों, मठों की अलग ढंग की धार्मिक संस्कृतियों और विशेष मंगोल जातीय रंगीन परम्पराओं के सहारे देशी-विदेशी पर्यटकों को बढ़िया सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराऐंगे।

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