रमणीय अलशान पर्यटन स्थल का दौरा

2019-06-19 09:00:00
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अलशान शहर चीन के भीतरी मंगोलिया स्वायत प्रदेश के शिंग आन जिले में स्थित है और वह मंगोल गणराज्य से सटा हुआ है। क्योंकि इस शहर में स्वच्छ चश्मे, अजीबोगरीब पत्थर, घने जंगल और बर्फ जैसे पर्याप्त पर्यटन संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए स्थानीय लोग अकसर यह कहते आये हैं कि यदि आप शिंगआन जिले आकर अलशान शहर नहीं पहुंचेंगे, तो इस का अर्थ यह होगा कि शिंगआनलिंग पर्वतीय क्षेत्र नहीं आने के बराबर है। ऊंचे अक्षांतर क्षेत्र स्थित होने की वजह से अलशान शहर में ग्रीष्म अल्पकालिक है और मौसम भी सुहावना है, जबकि सर्दियों का मौसम लम्बा ही नहीं बहुत ठंड भी है। आम तौर पर सर्दियों का मौसम सितम्बर से अगले साल के मई तक होता है।

जंगल व घास मैदान से घेरे हुए अलशान शहर हर सुबह लकड़ियों से भरी माल रेल गाड़ियों की सीटी आवाज़ से जग जाता है। फिर मुलायम धूप और तरोताजा वातावरण इस 8 हज़ार से अधिक जनसंख्या वाले छोटे सीमांत शहर को एकदम जीता जागता बना लेता है। अलशान शहर में एक मात्र मुख्य सड़क है, सड़क के दोनों किनारों पर अधिकतर यूरोपीय वास्तु शैलियों में निर्मित लाल छत वाली इमारतें नजर आती हैं।

मंगोल भाषा में अलशान का अर्थ है गर्म पवित्र जल। अलशान शहर के पर्याप्त पर्यटन संसाधनों में अभूतपूर्व चश्मा समूह सब से उल्लेखनीय है। स्थानीय चीनी चश्मा म्युजियम मात्र म्युजियम ही नहीं, आरामदेह विश्रामगृह भी है। इस म्युजियम में कार्यरत कर्मचारी ने परिचय देते हुए कहा यहां कुल 37 चश्मे पाये जाते हैं, जिन में सात चश्मों का पानी पिलाया जा सकता है। जबकि अन्य तीस चश्मे नहाने लायक हैं। मजे की बात है कि ये तीस चश्मों का तापमान एक जैसा नहीं है। अलग अलग तापमान वाले चश्मे लोगों पर भिन्न भिन्न असरदार होते हैं। मसलन न्बर 23 चश्मा रोग पूछने वाला चश्मा पुकारा जाता है। कहा जाता है कि इसी चश्मे के पानी में लेटे लेटे यदि शरीर की जिस जगह में दर्द महसूस होता है, तो वह जगह किसी बीमारी से लग गयी है। नम्बर बीस चश्मे के पानी का तापमान मानव शरीर के तापमान से मिलता जुलता है, इसी चश्मे में नहाने के बाद लोग एकदम तरोताजा लगते हैं। बहुत से रोगी इसी चश्मे में नहा कर चंगे हो गये हैं।

कहा जाता है कि हर सुबह अलशान शहर के बहुत से वासी पानी भरने और हाथ मुंह धोने के लिए प्रसिद्ध पाँच मील चश्मे जाते हैं। इस चश्मे का पानी प्रत्यक्ष रूप से पिया जाता है। इस चश्मे का पानी साल भर में तीन से पाँच सेल्सिलस डिग्री तक बरकरार रहा है और वह हृद्य रोग, उच्च रक्तचाप और मैदा रोग जैसे रोगों के उपचार में काफी असरदार साबित हुआ है।

सर्वविदित है कि थ्येनछी का अर्थ है ज्वालामुखी पहाड़ के मुंह पर बनी झील। स्थानीय वासियों का कहना है कि अलशान थ्येनछी अप्सरायों का नहाने का स्थल है। उसका क्षेत्रफल 13.5 हैक्टर बड़ा है और वह सिनच्यांग वेवुर स्वायत्त प्रदेश के थ्येनछी और उत्तर पूर्व चीन के ची लिन प्रांत के थ्येनछी के बाद चीन की तीसरी बड़ी ज्वालामुखी झील मानी जाती है। अलशान थ्येनछी ऊंचे पर्वत की चोटी पर स्थित है, जहां पहुंचने में चार सौ से अधिक सीड़ियां चढ़ना जरूरी है, झील के चारों ओर घने जंगल उगे हुए हैं और प्राकृतिक दृश्य बहुत मनोहर है।

अलशान थ्येनछी झील समुद्र की सतह से कोई एक हजार तीन सौ मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। सूखे के मौसम में झील में पानी का अभाव नहीं रहा है। जबकि बाढ़ आने से पानी झील से बाहर भी नहीं निकलता है। आख़िर यह झील कितनी गहरी है। अभी तक किसी ने इस की माप नहीं ली है। इस झील में आक्सिजन के अभाव से मछली नहीं है।

अलशान थ्येनछी पर्यटन क्षेत्र के पास पर्यटकों को स्थानीय जंगली फल भी चखने को मिलते हैं। इस के अलावा बहुत से पर्यटक स्थानीय वासियों के रेस्त्रांओं में विशेष स्थानीय पकवान खाना ज्यादा पसंद करते हैं। जी हां, यहां के छोटे बड़े रेस्त्रांओं में खाना सस्ता, साफ-सुथरा ही नहीं, सभी कच्चे माल हरित भी हैं। इतना ही नहीं, पर्यटक स्थानीय विशेषताओं वाली चीज़ें खरीदकर रिश्तेदारों को गिफ्ट के रूप में भेंट कर सकते हैं।

अलशान थ्येनछी झील के पास और शह थांग लिन पर्यटन स्थल और अजालेया झील पर्यटन स्थल भी हैं। शह थांग लिन ज्वालामुखी पर्वत से निकले पत्थरों से बना हुआ है। देखने में जले हुए मालूम पड़ता है। पर ऐसे घास तक भी उपलब्ध न होने के क्षेत्र में आकाश से बात करने वाले देवदार पेड़ उगे हुए दिखाई देते हैं। इस के अतिरिक्त हर साल के अप्रैल व मई में सारे पहाड़ी क्षेत्र पर खिले हुए अजालेया फूल नजर आते हैं, देखने में बहुत सुन्दर लगते हैं।

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