सब से सख्त वीजा जांच नीति लागू करेगा अमेरिका

2018-12-07 10:00:00
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हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अपने देश में आने वाले विदेशी लोगों की जांच को मज़बूत करेगा। चाहे आप्रवासी या गैरआप्रवासी लोग, सब को अपने सोशल मीडिया और ई-मेल पता आदि बताना होगा, जिस का मकसद यह है कि ये अमेरिका के लिए धमकी न बनें। अनुमान के अनुसार नये कदम के उठाने से हर साल करीब 1.5 करोड़ लोग इस से प्रभावित होंगे।

अमेरिकी मीडिया की हालिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की इस नयी जांच नीति ने वीजा का आवेदन देने वाले सभी विदेशी लोगों को पाँच सालों में प्रयोग किये गये फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया की ठोस सामग्रियां प्रदान करनी होगी। साथ ही उन्हें फोन नम्बर, ई-मेल पता, विदेशी यात्रा की रिकॉर्ड आदि सूचनाएं भी देनी होंगी। यदि उन के परिवार के लोगों ने आतंकी गतिविधियों में हिस्सा लिया, या उन का बहिष्कार किया गया, तो संबंधित सूचनाएं भी वीजा मांगते समय दी जानी होंगी।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक हर साल अमेरिका में जाने वाले 7.1 करोड़ आप्रवासी और 1.4 करोड़ छात्र, यात्री व व्यापारी इस नये नियम से प्रभावित होंगे। अमेरिकी सीएनएन की समीक्षा के मुताबिक वीजा की इस नयी नीति से व्यक्तिगत गोपनीयता और नागरिक अधिकारों के समर्थक अवश्य ही क्रोधित होंगे। उन का मानना है कि यह कदम वीजा मांगने की प्रक्रिया को धीमी देगा, साथ ही अमेरिका में कानूनी प्रवेश की कार्यवाइयों पर सीमित भी रखा जाएगा।

सुरक्षित अमेरिका की रचना करने के लिए ट्रम्प के पास और कुछ कदम हैं। अमेरिका सरकार अमेरिका-मैक्सिको के सीमांत क्षेत्र में एक दस वर्षीय योजना बनाएगी। योजना के अनुसार सरकार 18 अरब अमेरिकी डॉलर की पूंजी देगी। ट्रम्प ने वायदा किया कि अमेरिका एक ऊंची और सुन्दर दीवार बनाएगा। साथ ही ट्रम्प सरकार ने ईरान, लीबिया, सीरिया, यमन, सोमाली, चाड, डीपीआरके और वेनेजुआ आदि 8 देशों से आए कुछ सरकारी अधिकारियों के अमेरिका में जाने में पाबंदी लगाया।

ट्रम्प सरकार ने छात्रों की वीजा मांगने की नीति भी बदली, जिस से छात्रों के अमेरिका में पढ़ना और मुश्किल होगा।

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