“इलेक्ट्रॉनिक व्यक्ति युग” में कैसे बच्चों को घास मैदान में लाएं

2018-10-10 10:00:00
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चाहे आप मानें या न मानें हम स्वेच्छा से“इलेक्ट्रॉनिक व्यक्ति युग”में प्रवेश कर चुके हैं। मानव जाति के जीवन में सूचना प्रौद्योगिकी का दिन ब दिन व्यापक इस्तेमाल किया जाने लगा है। इस बात में कोई आश्चर्य नहीं कि लोगों के जीवन और काम करने की स्थिति ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन में परिवर्तित की जाने लगी। ऑनलाइन पढ़ाई, ऑनलाइन गेम्स, ऑनलाइन मनोरंजन इत्यादि। लेकिन व्यस्कों और बालकों पर“इलेक्ट्रॉनिक व्यक्ति युग”का कुप्रभाव लोगों ने पता लगाया है।

ब्रिटेन आदि पश्चिमी देश बच्चों को आभासी दुनिया से घास के मैदान में खींचने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बच्चे“इलेक्ट्रॉनिक व्यक्ति युग”से लायी विविधतापूर्ण समस्याओं के प्रभाव से बच सकें।

ज्यादा से ज्यादा चीनी मां-बाप को यह महसूस हुआ कि आज के युग में बच्चे दिन रात आभासी दुनिया में व्यस्त रहते हैं और नये इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से खेलते हैं। वे आभासी दुनिया से खुशी की खोज करने की कोशिश करते हैं। हम बचपन में खेती मैदानों में आराम से दौड़ते थे और खेलते थे। तो हमारे बच्चे कब हमारी जैसी खुशियां महसूस कर सकते हैं! 

अमेरिकी विद्वान रिचर्ड लुफ ने अपनी एक पुस्तक में प्रकृति अभाव रोग की विचारधारा पेश की। उन्होंने कहा कि प्रकृति अभाव रोग डॉक्टरों द्वारा उपचार करने वाला रोग नहीं है, जबकि वह हालिया एक खतरनाक स्थिति है। यानी बच्चे प्रकृति के साथ कम समय बिताते हैं, जिस से उनके व्यवहार और मनोवैज्ञानिक समस्याएं पैदा हुई हैं। प्रकृति अभाव से पैदा होने के मुख्य कारण हैः मां-बाप बच्चों के बाहर खेलने की बात को नहीं मानते। बच्चों के लिए खेलने के स्थलों की कटौती और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की दिन ब दिन लोकप्रियता है।

20 शताब्दी के 70 के दशक में ब्रिटिश विद्वान लुकास ने“पर्यावरण संबंधी शिक्षा, पर्यावरण के जरिए शिक्षा और पर्यावरण के लिए शिक्षा”के पर्यावरण शिक्षा फार्मूले को प्रस्तुत किया। लुकास फार्मूले से प्रभावित होकर ब्रिटिश पर्यावरण शिक्षा जगत ने आउटडोर शिक्षा की लहर छेड़ी। लोगों ने सुझाव पेश किया कि किसी भी क्लास और किसी भी कॉर्स के विद्यार्थी ओपन मैदान में जाकर पढ़ें, ताकि विद्यार्थी आउटडोर पढ़ाई से सब से अच्छा परिणाम पा सकें। 

इसी शिक्षा विचारधारा से प्रभावित ब्रिटेन में आउटडोर शिक्षा की विविधता तरीके हैं। उदाहरण के लिए ब्रिटेन में किंडरगार्डन से उच्च शिक्षालयों तक सभी कोर्सों के आउटडोर शिक्षा की परम्परा को प्रोत्साहन दिया जाता है। लोग यह मानते हैं कि प्रकृति सब से मूल्यवान शिक्षा संसाधन है। आउटडोर शिक्षा से विद्यार्थी बड़े हद तक सच्ची दुनिया के करीब रह सकते हैं, कोर्सों के ज्ञान को और अच्छी तरह समझ सकते हैं और पढ़ाई परिणाम को उन्नत कर सकते हैं।

ब्रिटिश सरकार आउटडोर शिक्षा को बड़ा महत्व देती है। सरकार सिलसिलेवार नीतियां जारी कर आउटडोर शिक्षा के विकास को आगे बढ़ाती है और आउटडोर शिक्षा की गुणवत्ता को उन्नत करती है।

साथ ही आउटडोर शिक्षा के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने कई इनाम भी तैयार किये हैं और आउटडोर शिक्षा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले संगठनों या निजी व्यक्तियों को पुरस्कार देती है।

आउटडोर शिक्षा का विकास करने की प्रक्रिया में सुरक्षा हमेशा के लिए एक अहम तत्व है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।ब्रिटिश स्कूलों द्वारा आयोजित विविध आउटडोर शिक्षा में जोखिम आकलन करने की जरूरत है। यानी शिक्षकों को इस से पहले संभवतः मौजूद विविधतापूर्ण जोखिमों का आकलन करना होता है और सुरक्षा प्रस्ताव पेश करना होता है। सरकार ने आउटडोर आंदोलन के विकास के लिए बहुत परिपूर्ण राहत सिस्टम भी बनायी है, जिस में वायु राहत, पहाड़ी राहत और समुद्री राहत आदि शामिल हैं। सरकारी राहत संगठनों के सिवाये ब्रिटेन में अनेक गैरसरकारी राहत संगठन और स्वयं सेवक संगठन हैं।

आउटडोर शिक्षा को आगे विकसित करने के लिए ब्रिटेन में अति परिपूर्ण सामाजिक सेवा सिस्टम बनाया गया है। मिसाल के लिए भूवैज्ञानिक पार्क, पर्यटन स्थल, मैदान, खेती भूमि, बॉटनिकल गार्डन, चिड़िया घर और संग्रहालय इत्यादि। आउटडोर शिक्षा के विकास के लिए ब्रिटेन में फील्डवर्क स्टडी काउंसल जैसी सामाजिक सेवा संस्था और आउटडोर शिक्षा पढ़ाई कमेटी का गठन भी किया गया है।

और तो और ब्रिटेन के सभी संग्रहालय लोगों के लिए खुले हैं, जो स्कूलों द्वारा संग्रहालय आदि सामाजिक संसाधनों का इस्तेमाल कर आउटडोर शिक्षा को गारंटी देते हैं। क्लास को संग्रहालय में स्थानांतरित करना ब्रिटेन के मिडिल और प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के सामान्य पढ़ाई तरीकों में से एक है। ब्रिटेन के प्राकृतिक ऐतिहासिक संग्रहालय या राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी हॉल में आप अकसर शिक्षकों द्वारा छात्रों को पढ़ाते हुए देख सकते हैं। साथ ही ये संग्रहालय भी स्वेच्छा से विविधतापूर्ण मल्डी मीडिया तकनीक से शिक्षा संसाधनों का विकास करते हैं। उदाहरण के लिए लंटन के प्राकृतिक ऐतिहासिक संग्रहालय में खास छोटा कमरा है, जहां पर्यटक भूकंप आते समय अहसास कर सकते हैं। रंग बिरंगी प्राकृतिक वैज्ञानिक ज्ञान इस तरह दिलचस्प तरीकों से प्रतिबिंबित की जाती है।

ब्रिटेन में किसी बच्चे की शिक्षा प्रक्रिया में सिलसिलेवार आउडडोर शिक्षा गतिविधियां भी होनी चाहिए। आउडडोर शिक्षा शिक्षकों का काम नहीं है, बल्कि मां-बाप, पर्यावरण शिक्षा स्वयं सेवक, सरकारी कर्मचारी यहां तक संबंधित क्षेत्रों के विद्वान सब आउडडोर शिक्षा की अहम शक्ति हैं।

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