विदेशों में पढ़ने के बाद वापस लौटने वाले लोग चीन के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए और महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे

2018-09-27 10:00:00
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विदेशों में पढ़ने के बाद वापस लौटने वाले लोग चीन के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए और महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे

विदेशों में पढ़ने के बाद वापस लौटने वाले लोग चीन के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए और महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे

चीन में तेज़ आर्थिक व सामाजिक विकास और वैश्विकरण में भागीदारी के साथ विदेशों में पढ़ने के बाद वापस लौटने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती रही है। वैश्विक थिंक टैंक और ZHAOPIN.COM द्वारा हाल में जारी एक जांच रिपोर्ट से जाहिर है कि अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति के दिन ब दिन जटिल होने के नाते विदेशों में पढ़ने के बाद वापस लौटने वाले लोग चीन के आर्थिक व सामाजिक विकास में और बड़ी भूमिका अदा करेंगे।

चीनी शिक्षा मंत्रालय से मिले आंकड़े बताते हैं कि चीन में सुधार व खुलेपन की नीति के लागू होने के पिछले 40 सालों में विदेशों में पढ़ाई के बाद वापस लौटने वाले लोगों की संख्या 51.9 लाख तक पहुंची हैं, जिन में 60 प्रतिशत के लोगों  ने स्वदेश में काम करने का संकल्प लिया। 2002 में अमेरिका में मास्टर डिग्री पढ़ने वाले छन श्वेईमिंग सिलिकॉन घाटी की एक मशहूर परामर्श कंपनी में कार्यरत थे। इस साल उन्होंने स्वदेश वापस लौटकर काम करने का निर्णय लिया। इस का कारण बताते हुए छन ने कहा कि आज चीन वैश्वीकरण की प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहा है। इसलिए उन के लिए ज्यादा मौके होंगे। उन के मुताबिक, एक तरफ़, मुझे इसे भूमंडलीकरण की प्रवृत्ति महसूस हुई है। चीन का विकास वैश्विक रूप लेने लगा है। पहले चीन ने पश्चिमी देशों की समुन्नत चीज़ों से सीखा, लेकिन आज चीन सच्चे माइने में भूमंडलीकरण की ओर पढ़ रहा है। चीन न सिर्फ सीखता है, बल्कि नेतृत्व भी करता है। मुझे विश्वास है कि मेरे जैसे विद्यार्थियों की चीन की संस्कृति और पश्चिम संस्कृति के बारे में कुछ जानकारियां होती हैं। साथ ही हमारे पास कुछ तकनीक और प्रबंध के अनुभव भी हैं। इसलिए हम सीधे रूप से देश के सधार में भाग ले सकते हैं और और अर्थवान व प्रभावी कार्य कर सकते हैं।

वैश्विक थिंक टैंक और ZHAOPIN.COM द्वारा संयुक्त रूप से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया कि घरेलू आर्थिक विकास की अच्छी परिस्थिति इन लोगों के स्वदेश वापस लौटने का एक अहम कारण है। इसके अलावा भूमंडलीकरण विरोधी शक्ति के तीव्र होने और अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक व आर्थिक परिस्थिति के डांवाडोल होने की पृष्ठभूमि में विदेशों में आर्थिक, राजनीतिक व सामाजिक वातावरण का बुरा वातावरण भी इन लोगों के स्वदेश वापस लौटने की मुख्य वजह भी है।

जांच से यह भी जाहिर है कि पेइचिंग, शांगहाई और क्वांगचो स्वदेश वापस लौटने वाले लोगों के सब से पसंदीदा शहर हैं। अपने करियर विकास के अलावा सांस्कृतिक जीवन पर भी उनका ध्यान है। वैश्विक थिंक टैंक के बाजार विभाग के निगरानी ली छ्यांग ने कहा, पहला, मैं अपने भावी विकास की योजना के मुताबिक पेइचिंग, शांगहाई और क्वांगचो पर ख्याल करता हूं। वास्तव में मुझे विवश होकर उपरोक्त तीन शहरों में विकास करना पड़ता है। दूसरा, इन तीन शहरों में लोगों का सांस्कृतिक जीवन अपेक्षाकृत समृद्ध है। हमारे में अधिकांश लोग संतुष्ट आमदनी और नौकरी चाहते हैं, साथ ही आशा करते हैं कि हमारा जीवन भी अच्छा हो सकेगा।


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