चीन-अफ्रीका सहयोग का मिसाल है मोम्बासा-नैरोबी रेल मार्ग

चीन-अफ्रीका सहयोग का मिसाल है मोम्बासा-नैरोबी रेल मार्ग
मोम्बासा-नैरोबी रेल मार्ग की कुल लम्बाई 472 किलोमीटर है और रास्ते में केनिया के सब से बड़े राष्ट्रीय पार्क---सावो पार्क भी गुजरता है। पहले मोम्बासा से नैरोबी जाने के लिए दस घंटे की जरूरत थी, अब इस रेल मार्ग के खुलने के बाद यात्रा का समय 5 घंटे में कम किया गया, जो बड़े हद तक स्थानीय जनता को सुविधा देता है। मोम्बासा-नैरोबी रेल मार्ग की प्रचलन कंपनी के जनरल मैनेजर ली चोफिंग ने कहा, यात्रियों की सेवा करने में हम चीनी मापदंड और केनियाई तत्व के अच्छे मेल मिलाप में लगे रहते हैं। व्यापक यात्री चीनी रेल गाड़ी की श्रेष्ठ सेवा, तेज़ व सुरक्षित अनुभव अहसास कर सकते हैं। इस रेल मार्ग का हरेक रेलवे स्टेशन और हरेक रेल गाड़ी चीन और कैनिया की जनता के दिल को जोड़ने का मैत्री पुल बन चुका है।
चूंकि केनिया में एकमात्र पुराना रेल मार्ग 100 से ज्यादा साल पहले निर्मित था, इसलिए केनिया में आधुनिक रेल प्रतिभाओं का भंडार शून्य रहा। तो मोम्बासा-नैरोबी रेल मार्ग की प्रचालन कंपनी ने स्थानीय कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी किया। ली ने पत्रकारों से कहा कि अब कंपनी के कुल कर्मचारियों में स्थानीय कर्मचारियों का अनुपात 70 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। उन के मुताबिक, हम चीनी कर्मचारी केनियाई शिक्षुओं को सिखाते हैं। केनिया के लोग बहुत स्मार्ट है। अब उन में से कई लोग स्वतंत्र रूप से काम कर पाते हैं। मोम्बासा-नैरोबी रेल मार्ग के कुल 33 रेलवे स्टेशन हैं, जिन में 25 स्टेशनों के जिम्मेदार केनियाई कर्मचारी हैं। यह एक साल के प्रशिक्षण का परिणाम है।
हैरिसन किमानी उन में एक है। वह चीन में चीनी भाषा पढ़ाते थे। प्रशिक्षण लेने के बाद अब वह मोम्बासा-नैरोबी रेल मार्ग ट्रेन में कंडक्टर बन चुके। उन्होंने ने पत्रकार से कहा कि उन्हें बड़ी खुशी हुई है कि मोम्बासा-नैरोबी रेल मार्ग के निर्माण ने उन जैसे युवाओं को मौका दिया है, साथ ही केनिया के विकास को भी अवसर प्रदान किया है। उन के मुताबिक, रेल मार्ग के निर्माण ने स्थानीय युवकों को रोजगार के ज्यादा मौके दिये हैं। हरेक विभाग में स्थानीय कर्मचारियों की संख्या बहुत है। जब आप यहां प्रशिक्षण लेते हैं, तो बिलकुल एक नये जीवन की शुरूआत होगी। केनिया में रेल मार्ग का बड़ा विकास करने की आवश्यक्ता है। जबकि चीन इस तरह की तकनीक हमारे लिए लाया है। रेल मार्ग के खुलने से कृषि के विकास को भी आगे बढ़ाया है। हमारे यात्रियों में कई किसान हैं। उन में अनेक लोग एमाली में खेती का काम करते हैं, जहां खेती का खर्चा नैरोबी से बहुत कम है। फ़सल पाने के बाद उन्होंने रेल गाड़ी से कृषि उत्पादकों को नैरोबी में सौंपा। नैरोबी में अनाज का दाम हमेशा के लिए ऊँचा रहा है। इस से नैरोबी में अनाज के दबाव में भी शैथिल्य लाया गया है।