चीन-अफ्रीका सहयोग और मज़बूत

2018-09-12 10:00:00
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चीन-अफ्रीका सहयोग और मज़बूत

चीन-अफ्रीका सहयोग और मज़बूत

हाल में चीन-अफ्रीका सहयोग मंच का पेइचिंग शिखर सम्मेलन पेइचिंग में आयोजित हुआ। हाल के वर्षों में चीन और अफ्रीका के बीच सांस्कृतिक मेलजोल साल दर साल घनिष्ट होता रहा है। चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के ढांचे में दोनों ने चीन-अफ्रीका सहयोग फोकस, चीन और अफ्रीका के बीच सांस्कृतिक आवाजाही, वसंतोत्सव की गतिविधियां जैसी 200 से ज्यादा सांस्कृतिक सहयोग परियोजनाएं आयोजित की हैं, जिसने कारगर रूप से चीन और अफ्रीका के सांस्कृतिक मेलजोल को आगे बढ़ाया है। अफ्रीका में 37 सालों के लिए काम करने वाले चीन सरकार के अफ्रीकी मामलों के विशेष प्रतिनिधि, चीनी विदेश मंत्रालय के पूर्व अफ्रीकी ब्यूरो के प्रधान श्वू चिंगहू ने परिचय देते हुए कहा कि चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के जोहानसबर्ग शिखर सम्मेलन में पेश की गयी 20 से ज्यादा अफ्रीकी देशों में टीवी सिग्नल खोलने की परियोजना ने अफ्रीकी लोगों के जीवन में मनोरंजन को भर दिया है। श्वू के मुताबिक, चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के जोहानसबर्ग शिखर सम्मेलन के बाद हमने 22 देशों के साथ सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किया। इस परियोजना ने अफ्रीकी लोगों को बड़ा लाभ दिया है। अब सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी टीवी प्रोग्राम देख पाते हैं। इस परियोजना ने अफ्रीका के लोगों के लिए दुनिया को जानने वाला द्वार खोला है, जिसने उनके सांस्कृतिक जीवन को निरंतर प्रचुर किया है।

युवा शिक्षा और रोज़गार चीन और अफ्रीका के सहयोग के अहम क्षेत्रों में से एक है। श्वू ने कहा कि अफ्रीका की आबादी में ज्यादादर युवक हैं। अफ्रीका के विभिन्न देशों के नेता युवकों की शिक्षा, प्रशिक्षण और रोज़गार को बड़ा महत्व देते हैं। यह भी चीन-अफ्रीका सहयोग का प्राथमिक क्षेत्र है। उनके मुताबिक, 2015 में जोहानसबर्ग शिखर सम्मेलन के बाद चीन अफ्रीका के लिए 2 लाख पेशेवर तकनीशयनों का प्रशिक्षण कर चुका है। चीन ने 40 हज़ार लोगों के चीन में प्रशिक्षण लेने का मौका दिया। साथ ही जोहानसबर्ग शिखर सम्मेलन से अब तक के तीन वर्षों में चीन सरकार ने कुल 30 हज़ार विद्यार्थियों को चीन में पढ़ने के लिए सरकारी छात्रवृत्ति दी है। अब चीन के 3100 से 3200 उपक्रमों ने अफ्रीका में सहयोग किया है। चीन में पढ़ने के बाद स्वदेश वापस लौटने वाले अफ्रीकी विद्यार्थी भी स्थानीय चीनी उपक्रमों में एक नौकरी पा सकते हैं और उन्हें अच्छी आमदनी भी मिल सकती है। उदाहरण के लिये केन्या के मोम्बासा-केन्या रेल मार्ग के निर्माण के दौरान चीनी उपक्रमों ने कुल 46 हजार स्थानीय मज़दूरों को नौकरी दी। इथियोपिया के ओरिएंटल उद्योग उद्यान में 11 हजार से ज्यादा स्थानीय युवक काम करते हैं।

चीन में सुधार और खुलेपन की नीति के लागू होने के बाद चीन में गरीबी उन्मूलन कार्य विश्वविख्यात है, जिसने अफ्रीकी देशों के गरीबी से छुटकारा पाने को अनेक अनुभव भी दिये हैं। चीन सरकार के पूर्व अफ्रीकी मामलों के विशेष प्रतिनिधि, चीनी विदेश मंत्रालय के पूर्व अफ्रीकी ब्यूरो के प्रधान ल्यू क्वेईचिन ने कहा कि चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के जोहानसबर्ग शिखर सम्मेलन में गरीबी उन्मूलन संबंधी सहयोग योजना थी। चीन ने अफ्रीकी देशों के साथ गरीबी उन्मूलन के अनुभव साझा करने के साथ साथ अफ्रीकी देशों को यथार्थ मदद भी दी है।     श्वू चिंगहू ने कहा कि चीन ने अफ्रीकी देशों की कई जन-जीवन संबंधी परियोजनाओं को मदद दी, उन्हें पूंजी निवेश, तकनीक, बिक्री माध्यम आदि की सहायता दी है, जिसने स्थानीय नागरिकों की आमदनी को उन्नत भी की है। दक्षिण अफ्रीका में एक माता हैं। उनके कई बच्चे हैं और उनके पति नहीं हैं। चीन की मदद से उन्होंने एक मशरूम उगाने की परियोजना में हिस्सा लिया। अब उन्होंने बच्चों के खाने-पीने, स्कूल में पढ़ने की समस्या का हल किया है और गरीबी से छुटकारा पाया है। इसके अलावा मलावी में चीन की कपास परियोजना भी है। चीन ने स्थानीय किसानों को कपास उगाना सिखाया, लोगों को पूंजी और तकनीक प्रदान की और कपास को भी खरीदा, जिसने स्थानीय किसानों की आय को बढ़ाया है। मोज़ाम्बिक की धान परियोजना और तन्जानिया की मकई परियोजना जनता से संबंधित परियोजनाएं हैं। हालांकि देखने में ये छोटी परियोजनाएं हैं, फिर भी स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को उन्नत किया है।

हाल ही में चीन क्रमशः 9 सालों के लिए अफ्रीका का पहला व्यापार साझेदार देश बन चुका है। 2017 में चीन-अफ्रीका व्यापार रकम 1.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंची है। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग में चीन अफ्रीका के अंदुरुनी वृद्धि की क्षमता पर ज्यादा ध्यान देता है। पहले चीन-अफ्रीका सहयोग खून देने पर केंद्रित था, लेकिन अब यह सहयोग अफ्रीका को खून की रचना करने में परिवर्तित कर रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय की सार्वजनिक राजनयिक परामर्श कमेटी के सदस्य, चीनी विदेश मंत्रालय के पूर्व अफ्रीकी ब्यूरो के प्रधान शंग थाओ ने कहा, हम न सिर्फ चीनी उत्पादों को अफ्रीकी बाजार में भेजते हैं, साथ ही हम अफ्रीकियों को निर्माण उद्योग की मदद भी देते हैं। चीनी कारोबारों ने अफ्रीका में जूता कारखाना, खाद्य पदार्थों की प्रोसेसिंग कारखाना आदि कारखानों की स्थापना की। चीन अफ्रीकियों को संसाधन को उत्पादकों में बदलना सिखाया। ये उत्पादक अफ्रीकी बाजार में बेचे जा सकते हैं, साथ ही यूरोप और अमेरिका के बाजारों में भी निर्यात किये जा सकते हैं। बाद में दुनिया में मेड इन चाइना के सिवाये, मेड इन अफ्रीका भी होगा।

 

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