एआईआईबी के उप गर्वनरः तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा भविष्य का निवेश

2018-07-25 10:00:00
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एआईआईबी के उप गर्वनरः तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा भविष्य का निवेश

एआईआईबी के उप गर्वनरः तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा भविष्य का निवेश

डेढ़ साल पहले चीन के आह्वान पर एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) औपचारिक रूप से स्थापित किया गया। अभी तक एआईआईबी के सदस्यों की संख्या पहले के 57 से बढ़कर 86 तक पहुंच गयी है। एआईआईबी के निवेश में भाग लेने वाली बुनियादी संरचनाओं की निर्माण परियोजनाओं की संख्या 26 तक पहुंची है, जो दसों से ज्यादा देश शामिल हैं और कर्ज की कुल रकम 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। एआईआईबी ने अपनी यथार्थ कार्यवाई से विश्व को दिखाया कि एआईआईबी चीन का नहीं है।

हाल में चीन के शांगहाई शहर के फूतान विश्वविद्यालय में आयोजित शांगहाई मंच के दौरान एआईआईबी के उप गर्वनर चोछिम वोन अमस्बर्ग ने कहा कि भविष्य में एआईआईबी की परियोजनाएं मुख्यतः तीन क्षेत्रों में निवेश देंगी। पहला, एआईआईबी स्वच्छ ऊर्जा, अनवरत शहर और शहरी सड़क पर केंद्रित करेगा। दूसरा, मध्य एशिया और आसियान समेत सीमा पार और पार क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को साकार करने पर ध्यान देगा। तीसरा, निजी उद्यमों के वित्तपोषण को आकर्षित करने को महत्व देगा, ताकि पेंशन फंड और बीमा एजेंसियों के लम्बे अरसे के पूंजी निवेश को आकर्षित कर सके।

डेढ़ साल में 26 परियोजनाओं की पुष्टि  

27 महीनों की मेहनत के बाद एआईआईबी 2016 के 16 जनवरी को पेइचिंग में स्थापित हुआ  और विश्व में पहला चीन के प्रदत्त में गठित बहुपक्षीय वित्तीय संस्था बन गया। एआईआईबी का मुख्यालय पेइचिंग में स्थित है, जिसका लक्ष्य एशियाई क्षेत्रीय बुनियादी संरचनाओं के आपसी संपर्क और आर्थिक एकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ावा देना है और चीन तथा अन्य एशियाई देशों व क्षेत्रों के सहयोग को मजबूत करना है। 57 देश एआईआईबी के संस्थापक देश बने, जिनमें एशिया के 37 देश और एशिया के बाहर 20 देश शामिल हैं।

एआईआईबी के उप गर्वनर चोछिम वोन अमस्बर्ग ने कहा कि पिछले दो से ज्यादा सालों में एआईआईबी ने कुल 26 इवेंटों की पुष्टि की, जिन में यातायात, ऊर्जा और अनवरत शहर आदि शामिल हैं। पेइचिंग में कोयला गैस से गैस में बदलना, पाकिस्तान के एम4 एक्सप्रेई वे और भारत के गुजरात प्रदेश की गांव में मार्ग निर्माण परियोजना आदि एआईआईबी के निवेश में प्रमुख इवेंट हैं।

हालांकि एआईआईबी का आह्वान चीन ने दिया, फिर भी अभी तक इस के इवेंटों में सिर्फ़ एक चीन में है। 2017 के 11 दिसम्बर को एआईआईबी ने 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर निकालकर चीन के पेइचिंग के ग्रामीण क्षेत्रों में कोयला गैस के गैस में बदलने की परियोजना में पूंजी देने की घोषणा की। इस साल के जुलाई माह की शुरूआत में इस इवेंट का आंकलन पूरा हुआ। अगस्त माह में 65 पृष्ठ वाले वातावरण और समाज प्रबंध योजना रिपोर्ट पूरी की। इसके बाद के 8 दिसम्बर को यह रिपोर्ट एआईआईबी के निदेशक मंडल द्वारा पारित की गयी। यह भी पहली बार है कि एआईआईबी ने चीन से आए कोष से सहयोग किया है। पेइचिंग म्युनिसिपल ने 22.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर, चीनी स्वच्छ विकास प्रणाली कोष ने 3 करोड़ अमेरिकी डॉलर और पेइचिंग गैस ग्रुप ने 25.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का वित्तपोषण भी दिया।

एआईआईबी के उप गर्वनर चोछिम वोन अमस्बर्ग ने पत्रकार से कहा कि भविष्य में एआईआईबी के निवेश मुख्यतः तीन मुद्दों पर केंद्रित होंगे। पहला, एआईआईबी स्वच्छ ऊर्जा, अनवरत ऊर्जा और अनवरत शहर पर केंद्रित करेगा। 2016 के 13 अगस्त को पाकिस्तान के एक 64 किलोमीटर लम्बा वाले एम4 एक्सप्रेई वे का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हुआ, यह भी एआईआईबी के पहले पूंजी निवेश के इवेंटों में से एक है। इस मार्ग के निर्माण के बाद पाकिस्तान के दक्षिण व उत्तरी यातायात कॉरिडोर का एक गठित भाग बन सकेगा और कारगर रूप से राजधानी इस्लामाबाद, फैसलाबाद और मुल्तान आदि शहरों के बीच यात्रा समय को कम कर सकेगा, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रदेश और अन्य क्षेत्रों के आपसी संपर्क को मजबूत करेगा।

दूसरा, एआईआईबी सीमापार आपसी संपर्क पर ज्यादा ध्यान देगा। एआईआईबी के गर्वनर चिन लीछ्वन ने इस से पहले कहा था कि बैंक की स्थापना के पहले साल में एआईआईबी ने पाकिस्तान, तजाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, म्यामार, आमान और आज़रबाइजान आदि 7 एशियाई देशों के 9 इवेंटों को 173 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कर्ज दिया। यह क्षेत्रीय आपसी संपर्क को आगे बढ़ाने का सक्रिय अर्थ होता है।

इस के अलावा निजी विभागों के पूंजी निवेश को आकर्षित करना भविषय के निवेश का एक अहम भाग भी होगा। एआईआईबी के सतत विकास को मद्देनजर भविष्य में एआईआईबी निजी विभागों के वित्तपोषण को आकर्षित करेगा और बांड भी जारी करेगा। इससे पहले एआईआईबी ने मूडीज, फिच और स्टैंडर्ड एंड पूर्स तीन अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी की सर्वोच्च क्रेडिट रेटिंग प्राप्त की थी। उदाहरण के लिए पेंशन फंड और बीमा एजेंसियों ने एआईआईबी के इवेंटों के प्रति बड़ी रुचि दिखायी।

परम्परागत विकास बैंक में कुछ चंदा देने वाले देश हैं, अन्य कुछ कर्ज लेने वाले देश हैं। जबकि एआईआईबी में सभी सदस्य पैसे उधार दे सकते हैं, परन्तु आम तौर पर विकसित देश पैसे नहीं उधार नहीं देते।

एआईआईबी के सदस्यों के निरंतर विस्तृत होने के साथ बैंक के प्रचालन को सरल और कारगर

बनाना एक बड़ी चुनौती है। हाल में एआईआईबी के सिर्फ 200 से कम कर्मचारी हैं। भविष्य में कर्मचारियों की संख्या 500 तक पहुंच जाएगी। प्रचालन के सिवाए, एआईआईबी ने एडीबी और विश्व बैंक के अनुभव लिए हैं। एआईआईबी में स्थायी निदेशक नहीं हैं। इसके प्रबंध के ढांचे में सरल और उच्च गुणवत्ता की विशेषता नजर आयी है। एआईआईबी वैश्विक प्रशासन ढांचे का एक सृजन है, जिस का प्रशासन ढांचा नवोदित बाजार की अपील को प्रतिबिंबित कर सकता है। तथ्य से भी साबित हुआ है कि मौजूदा प्रशासन फार्मूला बहुत कारगर है।

 

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