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चीन में लोकप्रिय रहीं आमिर की फ़िल्में

2018-01-31 06:00:00
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भारतीय फ़िल्म सुपरस्टार आमिर खान की नयी फ़िल्म सीक्रेट सुपरस्टार को हाल में चीन के सिनेमाघरों में काफ़ी स्वागत मिला है। गत वर्ष आमिर की दूसरी फ़िल्म दंगल ने भी चीन में अच्छी कमाई की थी। चीनी दर्शक इन भारतीय फ़िल्मों से बहुत प्रभावित हुए और प्रेरणा भी मिली है।

हालांकि हालिया चीन-भारत संबंध आम तौर पर इतने गर्म नहीं है, फिर भी भारतीय फ़िल्मों का चीन में लोकप्रिय होना निसंदेह एक अच्छी शुरूआत है। आमिर की फ़िल्म पर चीनी दर्शकों की मान्यता ने यह प्रतिबिंबित किया है कि दोनों देशों की जनता की समान भावना व खोज है। जबकि यह भावना न सिर्फ़ फ़िल्म आदि सांस्कृतिक क्षेत्रों में सीमित रहती है, बल्कि और इसे विस्तृत क्षेत्रों के आपसी विश्वास में भी होनी चाहिए।

दो प्राचीन देश होने के नाते चीन और भारत के बीच हजारों वर्षों का आर्थिक व सांस्कृतिक आदान प्रदान का इतिहास है। चीनी महाभिक्षु ह्वेनसांग और भारतीय महाभिक्षु बोधिधर्म(Bodhidharma) दोनों देशों की जनता की जुबान पर रहे हैं। चीनी मशहूर विद्वान ची श्यानलिन का कहना था कि चीन-भारत सांस्कृतिक आवाजाही सारी दुनिया के लिए एक मिसाल है।

चीन और भारत के बीच निरंतर मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान होता है, जिसका गहरा सभ्यता आधार है। चीन और भारत की सभ्यता व विचार में अनेक समानताएं मौजूद रही हैं। भारतीय परम्परागत संस्कृति में अहिंसा और मानव व प्रकृति के सामंजस्यपूर्ण सहअस्तित्व आदि के विचार चीनी परम्परागत संस्कृति की अनेक समानताएं हैं।

आधुनिक दौर में चीन और भारत ने भी एक दूसरे का समर्थन किया था। चीन ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन किया था। भारतीय चिकित्सा दल ने चीन के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध में भाग लिया। भारतीय महान कवि रविंद्र नाथ टैगोर ने चीन-भारत सांस्कृतिक आवाजाही के लिए भारी योगदान दिया। 60 से ज्यादा सालों से पहले चीन, भारत और म्यांमार ने एक साथ शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पांच सिद्धांत पेश किये, जो बाद में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का बुनियादी मापदंड बन चुका है। महात्मा गांधी ने चीन और भारत को एक जहाज पर सवार कर मुश्किलों को दूर करने के सहकर्मी माने।

आज विकास विचारधारा और विकास रास्ते पर दोनों देशों की भी समानताएं मौजूद हैं। दोनों बड़ी आबादी वाले नवोदित बाजार देश हैं। देश के प्रशासन और आर्थिक विकास में चीन व भारत के बीच कई आपसी सबक लेने व सहयोग करने के क्षेत्र हैं। बहुपक्षीयवाद की रक्षा करने और और उचित व न्यायपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की खोज करने में चीन और भारत की बराबर अपील भी हैं।

आपसी विश्वास के अभाव का मूल कारण है कि दोनों के बीच समझ अपर्याप्त है। चीन का एक पट्टी एक मार्ग पहल समान समृद्धि व विश्व शांति पर केंद्रित है। चीन को समझने के बाद लोगों को और विश्वास होगा कि दुनिया के साथ सामंजस्य सहअस्तित्व होना चीन की अभिलाषा रही है।

चीन और भारत के बीच संवेदनशील समस्या को लेकर दोनों पक्षों को मतभेदों पर नियंत्रित करना चाहिए और मतभेदों को ताक पर रखकर सहयोग की खोज करनी चाहिए। आमिर खान ने कहा कि वे चीनी फिल्म निर्माताओं के साथ सहयोग कर फिल्म क�� शूटिंग करना चाहते हैं। हम आशा करते हैं कि आमिर की फिल्मों के चीन में लोकप्रिय होने से दोनों देशों के और व्यापक सहयोग के लिए अच्छा मौका मिलेगा। 

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