अनुमान है कि 2018 वैश्विक आर्थिक विकास दर 3.5 प्रतिशत होगी

2018-01-10 09:00:00
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अनुमान है कि 2018 वैश्विक आर्थिक विकास दर 3.5 प्रतिशत होगी

अनुमान है कि 2018 वैश्विक आर्थिक विकास दर 3.5 प्रतिशत होगी

चीन के थिंक टैंक----चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी ने हाल में पेइचिंग में विश्व अर्थतंत्र का पीला पत्रः 2018 विश्व आर्थिक परिस्थिति विश्लेषण और अनुमान और अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति का पीला पत्रः वैश्विक राजनीति व सुरक्षा रिपोर्ट(2018) जारी की। पीले पत्र में अनुमान लगाया गया कि 2018 में पीपीपी के मुताबिक गणित विश्व जीडीपी की वृद्धि दर करीब 3.5 प्रतिशत है। राजनीति और सुरक्षा के क्षेत्र में चीन दृढ़ता से विश्व मंच के केंद्र में वापस लौटेगा। सुनिए संबंधित एक रिपोर्ट।

इस बार जारी किए गए इन दो पीले पत्रों ने 2017 विश्व आर्थिक परिस्थिति और सुरक्षा परिस्थिति का विश्लेषण किया और 2018 के प्रमुख देशों व क्षेत्रों का अनुसंधान किया। पीले पत्र में यह माना गया कि 2017 में विश्व आर्थिक वृद्धि दर में उल्लेखनीय उन्नति आयी है, श्रमिक बाजार का निरंतर सुधार किया गया है और वैश्विक वस्तुओं के दाम स्तर में धीरे धीरे बढ़ोतरी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की वृद्धि दर में भी इजाफा हुआ है।

साल 2018 के लिए पीले पत्र ने अनुमान लगाया कि पीपीपी के मुताबिक विश्व में जीडीपी की वृद्धि दर करीब 3.5 प्रतिशत होगी। इस मात्रा में विश्व आर्थिक विकास की अस्थिरता, वैश्विक कर्जों के स्तर की उन्नति, भूमंडलीकरण विरोधी प्रवृत्ति, अमेरिका के राजनीतिक बंदोबस्त, ब्रिटेन के यूरोप से हटने की प्रक्रिया और भू-राजनीति मुठभेड़ आदि मुद्दों पर चिंता भी प्रतिबिंबित हैं। चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के अनुसंधानकर्ता याओ चीचोंग ने कहा, हमने अनुमान लगाया कि अगले साल विश्व आर्थिक वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत होगी, जो आईएमएफ़ के अनुमान से 0.3 प्रतिशत नीची है। कारण यह है कि हमने देखा कि गैरबैंकिंग विभागों के कर्ज स्तर में उन्नति आयी है, जिनमें सरकार, उद्यमी और नागरिक शामिल हैं। इसलिए सारी दुनिया के आर्थिक विकास का आधार बहुत मज़बूत नहीं है और विकास करने की प्रेरणा शक्ति भी पर्याप्त नहीं है।

पीले पत्र में कहा गया कि 2017 में वैश्विक राजनीतिक व सुरक्षा   स्थिति में आम स्थिरता की प्रवृत्ति पर बरकरार है, लेकिन क्षेत्रीय गर्म सवाल अभी भी गंभीर रहा है। डांवाडोल में फंसे मध्य पूर्व से तनावपूर्ण  स्थिति  कोरियाई प्रायद्वीप तक, आतंकवाद से शरणार्थी संकट तक, हर क्षेत्र में सत्ता की लड़ाई और बोलने के अधिकार प्रतिबिंब है। इसमें पुनरुत्थान होने वाले चीन ने चीनी विशेषता वाले समाजवादी नये युग में प्रवेश किया है, जो हालिया अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के लोकतंत्रीकरण को आगे बढ़ाने की अहम शक्ति बन सकेगा।

2018 चीन के आसपास की परिस्थिति की चर्चा में चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के विश्व अर्थतंत्र और राजनीतिक अनुसंधान संस्था की अनुसंधानकर्ता ली तोंगयान ने कहा कि चीन के पड़ोसी क्षेत्र की परिस्थिति अभी भी स्थिर रही है, जो चीन के विकास के लिए लाभदायक है। उन के मुताबिक, चीन के आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पहले कई सालों की विकास प्रवृत्ति पर बरकरार रहती है, लेकिन कुछ नयी विशेषताएं और नये परिवर्तन भी आए हैं। चीन के उत्तरी क्षेत्र सब से स्थिर है, जबकि दक्षिण पूर्वी एशिया और मध्य एशिया में स्थिति भी अपेक्षाकृत स्थिर रही है। पूर्वी एशिया की परिस्थिति कोरियाई प्रायद्वीप के नाभिकीय सवाल और चीन-जापान समुद्री प्रादेशिक भूमि के विवाद और चीन व अमेरिका की होड़ से प्रभावित होकर सब से अस्थिर रही है, जो चीन के विकास के लिए लाभदायक है।

पीले पत्र में बताया गया कि आज अंतर्राष्ट्रीय ढांचे में बुनियादी परिवर्तन नहीं आया है। अमेरिका अभी भी एकमात्र सुपर देश है। लेकिन विकसित देशों का प्रदर्शन इतना अच्छा नहीं रहा और उनके बीच अलगाव आया है। नवोदित आर्थिक इकाई में चीन और भारत का प्रदर्शन सबसे उल्लेखनीय है। निरंतर बढ़ने वाली आर्थिक शक्ति और अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव कदम ब कदम अंतर्राष्ट्रीय ढांचे के नक्शे को बदल रहा है। 2018 में विश्व आतंकी परिस्थिति में अनिश्चितता मौजूद रहेगी। कोरिया प्रायद्वीप के परमाणु सवाल पर अमेरिका संभवतः उत्तर कोरिया के खिलाफ़ और सख़्त नीति अपनाएगा।

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