14वां आबादी और विकास मंत्री स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन इंडोनेशिया में उद्घाटित

2017-12-20 09:17:22
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28 नवम्बर को 14वां आबादी और विकास मंत्री स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन इंडोनेशिया में उद्घाटित हुआ। वर्तमान सम्मेलन की मुख्य थीम है सतत शहर, आबादी का स्थानांतरण और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासीः दक्षिण दक्षिण दृष्टिकोण और कदम। 

28 नवम्बर को 14वां आबादी और विकास मंत्री स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन इंडोनेशिया के योग्याकर्ता (Yogyakarta ) में आयोजित हुआ। सम्मेलन 29 नवम्बर तक चला। 26 देशों और संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से आए करीब 120 से ज्यादा प्रतिनिधि सतत शहर, आबादी स्थानांतरण और शहरों में स्वास्थ्य और बूढ़ेपन समेत समान रुचि वाले विषयों पर विचार विमर्श किया। आबादी और विकासमान दक्षिण दक्षिण सहयोग साझेदारी संगठन के अध्यक्ष देश का प्रतिनिधि होने के नाते चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य और परिवार योजना कमेटी के प्रधान ली पिन ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की।

संयुक्त राष्ट्र आबादी कोष की कार्यकारिणी प्रधान नतालिआ कनेम ने अपने भाषण में कहा कि हालिया मनुष्य के सामने मौजूद सिलसिलेवार समस्याओं का हल करने के लिए दक्षिण दक्षिण सहयोग साझेदारी संगठन इस सहयोग ढांचे के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। उन के मुताबिक,

मैं आप लोगों को यह चेतावनी देना चाहती हूं कि आबादी और विकास दक्षिण दक्षिण सहयोग साझेदारी संगठन की अहम भूमिका यह है कि वह आबादी और विकास मंत्री स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन इस प्लेटफार्म और दक्षिण दक्षिण सहयोग की प्रणाली के ज़रिए संबंधित सवालों का समाधान करता है। कारण यह है कि वह सचमुच एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यसूची है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय माध्यमों की आवश्यक्ता है। संयुक्त राष्ट्र संघ के 2030 सतत विकास लक्ष्य में महत्वाकांक्षा, आपसी संपर्क और भूमंडलीकरण शामिल हैं। जबकि इस विकास लक्ष्य को साकार करने के लिए जरूरी संसाधन किसी अन्य एक संयुक्त राष्ट्र संस्था और सरकारी विकास संस्था द्वारा प्रदान किए गए संसाधनों से कहीं ज़्यादा होता है।

इस सम्मेलन के मेज़बान देश से आए प्रतिनिधि, इंडोनेशियाई मानव विकास और संस्कृति मंत्री पुएन ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य विषय हालिया दुनिया की विकास प्रवृत्ति से मेल खाती है। उन के मुताबिक, वर्तमान सम्मेलन की थीम है सतत शहर, आबादी का स्थानांतरण और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासीः दक्षिण दक्षिण दृष्टिकोण और कदम। यह थीम आबादी और विकास दक्षिण दक्षिण सहयोग साझेदारी संगठन के लक्ष्य से मेल खाता है, साथ ही 2015 से लागू होने वाले संयुक्त राष्ट्र संघ के 2030 सतत विकास के लक्ष्य से भी मेल खाता है। यह थीम भी हमारे द्वारा हल की जाने वाली समस्या है। शहरीकरण हमारे विकास और प्रगति का प्रतिबिंब है। इधर के पाँच वर्षों में मनुष्य के इतिहास में पहली बार शहरी आबादी ग्रामीण आबादी से ज्यादा हो चुकी है। इस समय विश्वभर  की आबादी के 54 प्रतिशत लोग शहरों में ठहरते हैं।

इस सम्मेलन में भाग लेने वाली चीनी उप प्रधान मंत्री ल्यू येनतुंग ने कहा कि आबादी और विकास दक्षिण दक्षिण सहयोग साझेदारी संगठन का अध्यक्ष देश होने के नाते चीन सरकार इस सम्मेलन के आयोजन पर बड़ा ध्यान देती है। उन्होंने कहा कि दक्षिण दक्षिण सहयोग विकासमान देशों द्वारा सहयोग करके एक साथ चुनौतियों का सामना करने का महान कार्य है। उन के अनुसार, 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दक्षिण दक्षिण सहयोग मंच के गोल मेज़ सम्मेलन में भाग लेते समय नये काल में दक्षिण दक्षिण सहयोग के चार आह्वान पर प्रकाश डाला। चीन ने दक्षिण दक्षिण सहयोग की सहायता कोष की स्थापना की और विकासमान देशों के आर्थिक विकास और जन-जीवन में सुधार को मदद देने के लिए 100 परियोजनाओं का समर्थन देने की बात कही। कुछ समय पहले चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दक्षिण दक्षिण सहयोग और विकास अकादमी के पहले स्नातकोत्तरों को दिए गए जवाबी पत्र में उन्हें अपने देशों के सुधार और विकास के नेता बनने के लिये प्रेरित किया। यह सब चीन द्वारा दक्षिण दक्षिण सहयोग को और ऊंचे स्तर तक पहुंचाने और बेहतर विकास करने का दृढ़ संकल्प दिखाता है।

संयुक्त राष्ट्र आबादी कोष की कार्यकारिणी प्रधान नतालिआ कनेम ने कहा कि वे आबादी, विकास और गरीबी उन्मूलन के सिलसिलेवार कार्यों पर चीन द्वारा किए गए प्रयास को मान्यता देती हैं और चीन द्वारा संबंधित अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रणाली को दिए गए समर्थन के प्रति आभार प्रकट किया। चीन सरकार आबादी समस्या का हल करने की कोशिश कर रही है, साथ ही चीन अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों के साथ सहयोग करना भी चाहता है। संयुक्त राष्ट्र आबादी कोष चीन सरकार द्वारा विश्व में सब से गरीब और वृद्ध महिलाओं, लड़कियों द्वारा किए गए प्रयास के प्रति आभार प्रकट करना चाहता है।



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