《बड़े देश की कूटनीति》नामक एक टीवी फीचर फिल्म का परिचय

2017-09-27 08:18:23
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《बड़े देश की कूटनीति》नामक एक टीवी फीचर फिल्म का परिचय

《बड़े देश की कूटनीति》नामक एक टीवी फीचर फिल्म का परिचय

हाल में《बड़े देश की कूटनीति》नामक एक टीवी फीचर फिल्म सीसीटीवी पर प्रसारित की गयी, जिसमें पिछले पाँच सालों में चीन की विदेश नीति में नयी विचारधारा, नयी रणनीति व नयी उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गयी। चीनी अंतर्राष्ट्रीय मामलों की अनुसंधान संस्था के उप प्रधान रेन जोंगज ने कहा कि चीनी विशेषता वाली कूटनीति चीन द्वारा देश का प्रशासन करने और अंतर्राष्ट्रीय अभिव्यक्ति है। मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के रक्षक, निर्माता व योगदान देने वाले देश होने के नाते चीन अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में अपनी शक्ति को निरंतर मजबूत करेगा।"दुनिया इतनी बड़ी है, समस्याएं इतनी ज़्यादा हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय चीन की आवाज़ सुनना चाहता और चीनी प्रस्ताव को देखना चाहता है। इसलिए चीन ज़रूर उपस्थित होना चाहिए।"

2016 के नव वर्ष के बधाई संदेश में चीन के सर्वोच्च नेता शी चिनफिंग ने चीन के प्रति विश्व की प्रतिक्षा की प्रतिक्रिया की।

पिछले पाँच सालों का सिंहावलोकन करने से हम देख सकते हैं कि आज चीन विश्व के केंद्र में आ रहा है। यह चीन व विश्व की आपसी मांग से मेल खाता है। चीनी अंतर्राष्ट्रीय मामलों की अनुसंधान संस्था के उप प्रधान रेन जोंगज ने कहा, "चीन के प्रति विश्व की प्रतिरक्षा में अभूतपूर्व उन्नति आयी है। चीन का आर्थिक पैमाना लगातार मजबूत हो रहा है। 2010 से चीन विश्व की दूसरी आर्थिक इकाई बन चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय आशा करता है कि चीन अंतर्राष्ट्रीय अहम सवालों पर अपने विचार पेश कर सकेगा और चीनी विचारधारा पर प्रकाश डाल सकता है। चीन व विश्व के बीच आर्थिक आपसी सहअस्तित्व के बढ़ने से चीन को खुद का विकास करने की आवश्यक्ता है। चीन अंतर्राष्ट्रीय स्थान को उन्नत करके विकास के लिए और ज्यादा बाजार की खोज करना चाहता है, साथ ही चीन अंतर्राष्ट्रीय सिस्टम में मिलकर विश्व के साथ गहन आवाजाही  भी चाहता है। इसलिए चाहे अंदर से या बाहर से देखा जाए चीन को बड़े देश की कूटनीति करने की फौरी ज़रूरत है।"

परिवर्तित अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति को मद्देनज़र शी चिनफिंग ने कहा कि चीन विश्व के विभिन्न देशों द्वारा आम भाग्य वाले समुदाय के निर्माण में लगा रहेगा। वे अब तक 50 से ज्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं और सौ से ज्यादा विदेशी राजनीतिज्ञों से मिले। उन्होंने शांगहाई सहयोग संगठन, एपेक संगठन, जी-20 ग्रुप और ब्रिक्स देशों के सिलसिलेवार अहम सम्मेलनों की अध्यक्षता की। चीनी रवैया, चीनी बुद्धिमता और चीनी प्रस्ताव को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की व्यापक सराहना व सक्रिय प्रतिक्रिया मिली है। शी चिनफिंग ने विश्व को यह बताया,"चीन खुलेपन की नीति अपनाता है। चीन विभिन्न पक्षों की भागीदारी का स्वागत करता है। चीन विभिन्न देशों के समान विकास का समर्थन करता है। चीन अपने लिए नहीं विभिन्न देशों के लिए साझा आनंद लेने वाले समुदाय का निर्माण करेगा।"

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