महामारी की पृष्ठभूमि में विभिन्न देशों में कैसे शुरू हो रहे हैं नए सेमेस्टर

2020-09-25 09:13:00
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दोस्तों, हर साल के अगस्त से सितंबर तक विश्व के विभिन्न देशों में नये सेमिस्टर शुरू होने का वक्त है। पर इस वर्ष कोविड-19 महामारी की पृष्ठभूमि में कुछ देशों ने महामारी की गंभीर रोकथाम करते हुए सावधानी से नये सेमिस्टर शुरू किए हैं। और कुछ देशों ने दूरस्थ शिक्षा के तरीके से नये सेमिस्टर शुरू किए हैं। महामारी की रोकथाम के साथ स्कूलों में पढ़ाई कैसे हो ?यह विभिन्न देशों की सरकारों, स्कूलों व हर विद्यार्थी के मां-बाप के लिए एक परीक्षा की तरह है।

हालांकि जापान के टोक्यो क्षेत्र में कोविड-19 महामारी की स्थिति गंभीर रही, लेकिन टोक्यो क्षेत्र के 23 जिलों में 13 जिलों के विद्यार्थी अगस्त के अंत में गर्मी की छुट्टियां समाप्त करके स्कूलों में वापस लौटे।

जापान के टोक्यो में स्थित शिरोग्ने हिल स्कूल में महामारी की रोकथाम के लिये बहुत गंभीर कदम उठाये गये हैं। इस स्कूल के उप प्रमुख ने बताया कि गेट पर विद्यार्थी एक दूसरे से दूरी बनाकर प्रवेश करते हैं। इस के बाद शिक्षक गैर-संपर्क थर्मामीटर से सभी बच्चों के शारीरिक तापमान की जांच करते हैं, और बच्चों के स्वास्थ्य का निरीक्षण करते हैं। साथ ही गेट में प्रवेश करते समय हर बच्चे को स्वास्थ्य रिकॉर्ड कार्ड पेश करना पड़ता है। स्कूल के अंदर निगरानी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि हर समय पर बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी की जा सके। सभी कक्षाओं को संक्रमण मुक्त किया गया है। बच्चे भोजन करने या क्लास रूम में प्रवेश करने से पहले हाथ धोते हैं और कीटाणुशोधन करते हैं। हालांकि स्कूल ने बच्चों से स्कूल के बाहर मास्क पहनने पर कोई गंभीर आग्रह नहीं किया, लेकिन स्कूल में प्रवेश करके बच्चों को खेलकूद व भोजन करने के अलावा सभी मौकों पर मास्क पहनने पड़ते हैं।

दक्षिण कोरिया में महामारी के कारण बच्चों के स्कूल में वापस लौटने का समय स्थगित किया गया। मध्य अगस्त से दक्षिण कोरिया में कोविड-19 महामारी की स्थिति गंभीर बनी। हर दिन नये पुष्ट मामलों की संख्या सौ से अधिक पहुंच गयी। दक्षिण कोरिया के शिक्षा मंत्रालय ने यह घोषणा की कि 26 अगस्त से राजधानी सियोल, इंचियोन और ग्योंगगी प्रांत के सभी किंडरगार्टन, प्राइमरी स्कूल व मीडिल स्कूल के विद्यार्थी स्कूल में जाने के बजाय ऑनलाइन शिक्षा लेते हैं। यह कदम सितंबर के आरंभ तक जारी रहेगा। क्योंकि हाई स्कूलों में तीसरे साल के सीनियर छात्र विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी में व्यस्त हैं। इसलिये वे ऑनलाइन शिक्षा नहीं ले रहे हैं, महामारी की रोकथाम अच्छी तरह से करने की पूर्व शर्त पर वे क्लास रूम में शिक्षा ले सकते हैं। योजनानुसार 19 नवंबर में आयोजित विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा भी 3 दिसंबर तक स्थगित की गयी है।

कोविड-19 महामारी के कुप्रभाव से जर्मनी के मिडिल व प्राइमरी स्कूल और किंडरगार्टन इस वर्ष के मध्य मार्च से क्रमशः बंद हुए हैं। अब महामारी की स्थिति बेहतर होने और गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के साथ विभिन्न क्षेत्रों में अगस्त के आरंभ से क्रमशः स्कूलों को खोला गया। जर्मनी के विभिन्न स्टेटों के संस्कृति व शिक्षा मंत्रियों की संयुक्त बैठक ने जुलाई में संक्रमण की रोकथाम व स्वास्थ्य कदम का ताज़ा ढांचा पारित किया। जिस में विभिन्न क्षेत्रों की स्कूलों में स्वास्थ्य से जुड़े कदम, गतिविधियों में लोगों के बीच दूरी, शिक्षकों व कर्मचारियों की तैनाती, कार्मिक रिकॉर्ड ट्रैकिंग, न्यूक्लिक एसिड परीक्षण व रिपोर्टिंग सिस्टम आदि कामों के प्रति सैद्धांतिक नीति नियम निश्चित की गयीं। उन नीति नियमों में स्कूल में ठहरने के दौरान गले लगाने और हाथ मिलाने का निषेध, निर्धारित क्षेत्रों में मास्क पहनने की ज़रूरत, वेंटिलेशन के लिये नियमित रूप से खिड़कियां खोलना, उचित रूप से साफ़ करना और कीटाणुशोधन करना आदि विषय शामिल हुए हैं। उन के अलावा विभिन्न स्टेटों ने अपनी ठोस स्थिति के अनुसार संबंधित नीति नियम भी निश्चित किए हैं। कुछ मिडिल व प्राइमरी स्कूलों, जो खुल गये हैं, में शिक्षकों व विद्यार्थियों से क्लास रूम में मास्क पहनने की जबरदस्त आग्रह नहीं किया गया। पर कुछ स्टेटों में गलियारे, शौचालय व गतिविधि कक्ष जैसे बंद इनडोर, जहां लोग इकट्ठे हुए हैं, में लोगों से मास्क पहनने का आग्रह किया गया।

दक्षिणी गोलार्ध में स्थित ब्राज़ील में सर्दी की छुट्टियां समाप्त हो चुकी हैं। अगस्त के आरंभ में स्कूलों की नयी सेमिनस्टर शुरू हुई। क्या बच्चे स्कूल में जा सकते हैं? इस मामले पर सभी मां-बाप व शिक्षकों का ध्यान केंद्रित हुआ है। क्योंकि ब्राज़ील में महामारी की स्थिति स्पष्ट रूप से बेहतर नहीं हुई, इसलिये ज्यादातर क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा बच्चों को शिक्षा देने का मुख्य तरीका है। हालांकि कुछ स्टेटों में स्कूल खोलने की कोशिश की गयी, लेकिन विद्यार्थियों ने महामारी की रोकथाम से जुड़ी नीति-नियमों का पालन पूरी तरह से नहीं हो सकता, इसलिये समाज में स्कूल को खोलने का विरोध करने की आवाज़ गूंज रही है। ब्राज़ील के साओ पाउलो अख़बार के डेटाबेस द्वारा 18 अगस्त को जारी जनमत सर्वेक्षण के परिणाम से यह जाहिर हुआ है कि ब्राज़ील में 79 प्रतिशत लोगों के ख्याल से स्कूलों को खोलने से महामारी की स्थिति बिगड़ जाएगी। स्कूलों को कम से कम और दो महीनों तक बंद होना चाहिये।

वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अगस्त के आरंभ में बयान जारी कर कहा कि स्कूल में वायरस संक्रमण की अपेक्षा घर में रहना बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक होगा। उन्होंने मां-बाप से स्कूलों को खोलने का समर्थन देने का आग्रह किया। ताकि बच्चे स्कूलों में वापस लौट सकें। इस के साथ ब्रिटिश सरकार ने भी यह नीति बनायी है कि उन लोगों, जो बच्चों को स्कूलों में भेजने से इनकार करते हैं, को 120 पाउंड देने की सज़ा मिलेगी। अगर वे बारी बारी से बच्चों को स्कूलों में नहीं भेजते हैं, तो ऐसे मां-बाप को शायद 2500 पाउंड या तीन महीनों की कैद हो सकती है।

जनमत सर्वेक्षण कंपनी द्वारा ब्रिटेन भर में 3000 से अधिक लोगों के प्रति किये गये एक सर्वेक्षण के परिणाम से यह जाहिर हुआ है कि ब्रिटिश सरकार ने सितंबर में व्यापक रूप से स्कूलों को खोलने की घोषणा की। इस के बाद तीन हफ्तों में जनता की समर्थन दर 57 प्रतिशत से 65 प्रतिशत तक बढ़ गयी। लेकिन और 19 प्रतिशत लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया।

उधर स्कॉटलैंड में अगस्त में स्कूल खुल गये। स्थानीय सरकार ने 31 अगस्त से सभी विद्यार्थियों, जिन की उम्र 12 वर्षों से अधिक है, को स्कूल के गलियारे समेत सार्वजनिक क्षेत्रों में और स्कूल बसों में मास्क पहनने का आग्रह किया। पर क्लास रूम में अगर लोगों के बीच सामाजिक दूरी अच्छी तरह से रखी जाती है, तो विद्यार्थियों को मास्क पहनने की ज़रूरत नहीं है।

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