नये सेमिस्टर का पहला विशेष सबक

2020-09-10 15:08:34
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दोस्तों, सितंबर में नया सेमिस्टर फिर से आ गया है। चीन के विभिन्न क्षेत्रों के विश्वविद्यालय, मीडिल स्कूल, प्राइमरी स्कूल व किंटरगार्टन क्रमशः खुल गये हैं। समूचे देश के लगभग 30 करोड़ शिक्षक व विद्यार्थी फिर स्कूल आने लगे हैं।

इस विशेष सेमिस्टर की शुरूआत में महामारी की रोकथाम पहले सबक का महत्वपूर्ण विषय बन गयी। ताकि बच्चे देश भर में चल रही महामारी से लड़ाई में साहस व कर्तव्य सीख सकें, और प्रगति भी प्राप्त कर सकें।

1 सितंबर की सुबह पूर्वी झील के किनारे स्थित हुपेई प्रांत के वुहान शहर के चीइन किंडरगार्टन ने द्वार खोलकर बच्चों का स्वागत किया। इस में प्रवेश करने वाले हर बच्चे को स्वास्थ्य कोड स्कैन करने, शारीरिक तापमान की जांच करने, मुंह व हाथों की जांच करने, हाथों का कीटाणुशोधन करने, जूते का कीटाणुशोधन करने, और शारीरिक तापमान की फिर एक बार जांच करने समेत छै प्रक्रियाओं को पूरा करना पड़ता है। उनके अलावा हर बच्चे के स्वास्थ्य प्रतिबद्धता पत्र पर बिते एक हफ्ते में बच्चे के शारीरिक तापमान और बाहर जाने की स्थिति लिखी हुई है।

नये सेमिस्टर में बच्चों का पहला सबक भी महामारी की रोकथाम से जुड़ा हुआ है। छोटे वर्ग के क्लास रूम में मुझे हाथ धोना पसंद है नामक कार्टून फिल्म प्रस्तुत की गयी। ताकि बच्चे कोविड-19 वायरस के फैलने के तरीके और सही ढंग से हाथ धोने को जान सकें। मध्य वर्ग के क्लास रूम में शिक्षक ने बच्चों को सही तरीके से मास्क पहनना सिखाया। और बडे वर्ग के क्लास रूम में चिकित्सकों से जुड़ी कहानियां सुनायी गयीं।

चीइन किंडरगार्टन की शिक्षक हू मन ने कहा कि अंत में वुहान महामारी के पंजे से मुक्त हो गया। हर बच्चों ने अपनी आंखों से इस महामारी की स्थिति देखी है। आशा है भविष्य में हम बच्चों के साथ ज्यादा जानकारियां व हुनर साझा कर सकेंगे, और एक साथ आनंदमय समय बिता सकेंगे।

वर्तमान में विश्व में महामारी की स्थिति खत्म नहीं हुई। पतझड़ व सर्दी के दिनों में फ़्लू आदि रोग तेजी से फैलते हैं। जो स्कूलों में महामारी की रोकथाम करने का महत्वपूर्ण वक्त ही है। इसलिये बच्चों को संक्रामक रोगों की रोकथाम व नियंत्रण से जुड़ी जानकारियां सीखाना और आम जीवन में अच्छी आदतें विकसित करना खास महत्व है।

इस के प्रति शिक्षा मंत्रालय ने न सिर्फ़ विभिन्न स्कूलों से नये सेमिस्टर से पहले सभी तैयारी अच्छी तरह से करने, गंभीरता से महामारी की रोकथाम करने का आग्रह किया, बल्कि शिक्षकों व बच्चों से नये सेमिस्टर का पहला सबक अच्छी तरह से लेने की अपील भी की गयी। सबक में संक्रामक रोगों की रोकथाम व नियंत्रण से जुड़ी जानकारियां सीखाना, रक्षात्मक तकनीक का प्रशिक्षण देना, महामारी की रोकथाम में अपना विचार व आत्म रक्षा की क्षमता को उन्नत करना आदि विषय शामिल हैं।

स्कूल से दूर आठ महीनों के बाद पेइचिंग शहर की प्राइमरी स्कूलों के दूसरे, तीसरे व चौथे ग्रेड के विद्यार्थी औपचारिक रूप से स्कूल वापस लौटे। स्कूल वापस लौटने से पहले पेइचिंग प्राइमरी स्कूल ने बच्चों के लिये एक विशेष ऑनलाइन क्लास बैठक आयोजित की। इस के दौरान शिक्षक ने चित्रों व आलेखों के माध्यम से बच्चों को रक्षात्मक सामग्री कैसे तैयार करने, कैसे वैज्ञानिक रूप से मास्क पहने, हाथ धोने और भोजन करने, और पतझड़ व सर्दी के मौसम में संक्रामक रोगों की रोकथाम कैसे करने आदि को सिखाया।

“जन वीर”नामक राष्ट्रीय मानद उपाधि के विजेता, चीनी इंजीनियरिंग अकादमी के अकदमीशियन च्यांग बोली ने पेइचिंग प्राइमरी स्कूल के विद्यार्थियों को नये सेमिस्टर की आशा जतायी। उन्होंने महामारी के मुकाबले में चीनी परंपरागत चिकित्सा व दवा की विशेष भूमिका का परिचय दिया। आशा है कि बच्चे अच्छी तरह से सीखेंगे, क्षमता को उन्नत करेंगे, और देश के अच्छे युवा बन सकेंगे।

ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में स्थित कोची मीडिल स्कूल के प्राइमरी भाग की एक कक्षा में आयोजित नये सेमिस्टर के पहले सबक का विषय है महामारी से लड़ने वाले वीरों के साथ बातचीत। चिकित्सक सब से आगे लोगों की जान बचाते हैं। शोधकर्ता टीके के अध्ययन की कोशिश करते हैं। सामुदायिक बस्तियों में काम करने वाले कर्मचारी जनता की सेवा देने में व्यस्त हैं। वे सभी हमारे दिल में वीर हैं।

ताल्येन शहर के केंद्र अस्पताल के चीनी परंपरागत चिकित्सा विभाग के डॉक्टर च्यांग ख्वेइज्वून ने कहा कि मैं लालटेन दिवस की रात को फ़ौरन वुहान की सहायता देने के लिये वहां पहुंचा। और रेइशनशान अस्पताल में पचास दिनों तक निरंतर रूप से काम करता रहा। इस दौरान चिंता, भय, उदासी, फूल, तालियां व सम्मान सभी मिले। यह मेरे व्यवसाय में सब से अविस्मरणीय अनुभव है।

कोची प्राइमरी स्कूल के छै ग्रेड के एक विद्यार्थी फंग वेईशू ने कहा कि छोटी उम्र में मेरे मन में वीर सुपरमैन होना चाहिये। लेकिन इस वर्ष के वसंत त्योहार में जब मैंने टीवी पर वुहान की सहायता देने वाले चिकित्सकों को देखा, तो मन में अचानक ऐसा भाव उठा कि वे तो सचमुच सुपरमैन हैं और वास्तविक वीर हैं।

हाल ही में आनह्वेई चिकित्सा विश्वविद्यालय के हॉल में आयोजित नये सेमिस्टर के पहले सबक में महामारी की रोकथाम से जुटे चिकित्सकों ने महामारी की रोकथाम में पैदा प्रभावित कहानियां बतायीं। हॉल में बैठे हुए विद्यार्थियों की आंखों से आंसू टपकने लगे।

क्वांगतुङ प्रांत के क्वांगचो शहर में स्थित क्वांगया प्राइमरी स्कूल द्वारा आयोजित नये सेमिस्टर के पहले सबक में महामारी की रोकथाम से जुड़े चिकित्सक, पुलिसकर्मी, जन मुक्ति सेना के सैनिक, सामुदायिक बस्तियों में काम करने वाले कर्मचारी ने बच्चों के साथ ऑनलाइन पर बातचीत की। उन्होंने महामारी की रोकथाम में अपनी अपनी कहानियां बतायीं। उन की बातें सुनकर बच्चे बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने क्रमशः कहा कि वे वास्तविक कार्रवाई से निःस्वार्थ समर्पण देने और एक दूसरे की सहायता व प्रेम देने की भावना का विकास करेंगे।

ल्याओनिंग प्रांत के पहले खेप वाले हुपेई की सहायता चिकित्सक दल के अध्यक्ष च्यांग रूफ़ंग ने शेनयांग शहर की यूहोंग बस्ती के ह्वाछन स्कूल में आयोजित नये सेमिस्टर के पहले सबक में बच्चों को यह बताया कि जब हम वुहान में अभी अभी पहुंचे, तो हमारे सामने बहुत मुश्किलें आईं। समय व सामग्री के अभाव से हम अकसर झटपट नूडल्स और अचार खाते थे। क्योंकि दिन भर रक्षात्मक कपड़े में काम करना पड़ा, इसलिये सभी चिकित्सक भी दिन भर पानी नहीं पीते थे। जब हमने अपना काम पूरा किया, और देखा कि हमारे अस्पताल में रोगियों की संख्या शून्य तक बन गयी, और सभी मरीज़ इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर वापस लौटे। तो हमारे मन में बहुत खुशी हुई।

अकदमीशियन चोंग नानशान की अल्मा मेटर दक्षिण चीन नॉर्मल विश्वविद्यालय के अधीन मीडिल स्कूल के कुलपति याओ शूनछी ने नये सेमिस्टर के पहले सबक में बच्चों को चोंग नानशान समेत चिकित्सकों द्वारा महामारी की रोकथाम में की गयी कोशिश व योगदान का परिचय दिया। साथ ही उन्होंने बच्चों को चीनी राष्ट्र के पुनरुत्थान के लिये कोशिश करने का प्रोत्साहन भी दिया।

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