पहाड़ों में स्थित बच्चों ने भी बैंड की स्थापना की

2020-08-13 19:55:31
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हाल ही में दक्षिण-पश्चिमी चीन के क्वेईचो प्रांत के पहाड़ में स्थित हाईका प्राइमरी स्कूल ने लोगों का ध्यान खींचा। क्योंकि इस स्कूल में एक बैंड की स्थापना की गयी। शिक्षक के नेतृत्व में पहाड़ में रहने वाले बच्चों ने भी रॉक संगीत बजाया। उनका वीडियो वेब पर अपलोड किए जाने के बाद बहुत नेटिज़नों ने ध्यान देकर इसे शेयर किया। फ़ेंस ने उनके द्वारा बजाये गये संगीत को सब से गर्म रॉक संगीत कहा है।

हाईका प्राइमरी स्कूल नेटेज़नों की नज़र में क्वेईचो प्रांत में सब से ऊंचा स्कूल है, क्योंकि वह क्वेईचो प्रांत में सब से ऊंचे पहाड़ जोछाएफिंग पर स्थित है। जोछाएफिंग की ऊंचाई 2900 से अधिक मीटर है। और हाईका गांव की ऊंचाई 2600 से अधिक मीटर तक पहुंच गयी, जो क्वेईचो प्रांत में सब से ऊंचा गांव है। इसलिये इस गांव में स्थित हाईका प्राइमरी स्कूल क्वेईचो प्रांत में सब से ऊंचे स्थल पर स्थित स्कूल भी माना जाता है।

हाईका प्राइमरी स्कूल के एक क्लास रूम में पांच छोटी लड़कियों ने स्कूल की वर्दी में ड्रम, बेस, गिटार तथा अन्य वाद्ययंत्र का प्रयोग करके तुम्हारे लिये एक गीत गाना नामक एक संगीत बजाया। यह आनंदमय व लयबद्ध संगीत हर दिन दोपहर को हाईका प्राइमरी स्कूल से निकलत�� है। बच्चों द्वारा बजाये गये रॉक संगीत ने इस शांत गांव को शक्ति दी।

गौरतलब है कि इस बैंड में सब कुछ होता है। उदाहरण के लिये ढंढोरची, इलेक्ट्रिक गिटारवादक, बेस वादक और गायिका भी होती हैं। बैंड का नाम है अनजान युवा बैंड। जो बच्चों ने अपने आप दिया है। इस में भविष्य के प्रति उन की जिज्ञासा व प्रतीक्षा शामिल हुई हैं।

पर बच्चों के लिये बैंड की स्थापना एक आसान बात नहीं है। वाद्ययंत्र के अलावा उन्हें संगीत जानने वाले शिक्षक भी चाहिये। और बारी-बारी अभ्यास करना पड़ता है। इस दूरस्थ पहाड़ी स्कूल के प्रति यह और एक मुश्किल बात बन गयी।

हाईका प्राइमरी स्कूल के शिक्षक कू या और हू चिनफिंग आम समय में चीनी व संगीत कक्षाएं देते हैं। उन्होंने बच्चों का नेतृत्व करके इस बैंड की स्थापना की। वर्ष 2016 में वे हाईका प्राइमरी स्कूल में आकर शिक्षक बन गये। साथ ही उन्होंने बच्चों के जीवन में संगीत भी लाया है।

कू या ने कहा कि क्योंकि उस समय मैं कभी कभार दफ़तर में गिटार बजाता था। तो बहुत बच्चे संगीत सुनने के लिये मेरे पास आये। मैंने देखा कि संगीत बजाने में बच्चों की बड़ी जिज्ञासा होती है। इसलिये मैं उन्हें सिखाने लगा। फिर पता चला कि बच्चे जल्द ही सीखकर संगीत बजा सकते हैं।

संगीत के प्रति बच्चों का प्यार देखकर शिक्षक कू व शिक्षक हू ने पांचवें ग्रेड के विद्यार्थियों में से पांच बच्चे चुनकर उन्हें ध्यान से वाद्ययंत्र बजाना सिखाया। शिक्षक ने उन पांच बच्चों को सिखाया, फिर उन पांच बच्चों ने अन्य बच्चों को सिखाया। अब सारी हाईका प्राइमरी स्कूल में संगीत भरा हुआ है। हर दिन दोपहर का भोजन करके स्कूल में बच्चे गीत गाते हैं और संगीत बजाते हैं। उन की आवाज़ स्कूल में गूंजती है। संगीत से बच्चों ने असाधारण खुशी भी प्राप्त की है।

संगीत से संपर्क रखने से पहले बच्चे बहुत शर्मीले थे। क्योंकि लंबे समय तक पहाड़ में रहने के कारण उन के बाहर से संपर्क रखने का मौका बहुत कम है। इसलिये उन्हें शिक्षकों के साथ आदान-प्रदान पसंद नहीं था। लेकिन जब उन्होंने गीत गाने और वाद्ययंत्र बजाने को सीखना शुरू किया, तो हर बच्चे के मन में आत्मविश्वस बढ़ गया है।

बैंड की मुख्य गायिका येन शिंगयू ने कहा कि पहले जब मैं अभी अभी स्कूल में आयी, तो मैं विद्यार्थियों के सामने बोलने से डरती थी। लेकिन अब मैं सभी लोगों के सामने गीत गा सकती हूं। एक विद्यार्थी के पिता जी के अनुसार इस से पहले बच्चे का चरित्र अंतर्मुखी था, लेकिन संगीत सीखने के बाद वह सक्रिय बन गया।

वर्तमान में“अनजान युवा बैंड”के सदस्य प्राइमरी स्कूल से स्नातक होंगे, और मीडिल स्कूल में प्रवेश करेंगे। वे हाईका स्कूल से चला जाएंगे। इसलिये शिक्षक कू या ने विशेष तौर पर एक मित्र बुलाकर उनके लिये मेमोरियल फ़ोटो खिंचवायी।

शिक्षक कू या के अनुसार हालांकि हम बच्चों के चला जाने को नहीं देखना चाहते, लेकिन यह तो होना ही चाहिये। मुझे लगता है कि वे संगीत से प्राप्त खुशी को आगे बढ़ा सकेंगे। आशा है बच्चे खुशहाल वातावरण में पढ़ाई कर सकेंगे, और जीवन बिताएंगे, और हमेशा के लिये सक्रिय रूप से काम करेंगे।

बैंड की गिटार वादक लुंग जाओ ने कहा कि बड़ी होने के बाद मैं एक संगीत शिक्षक बनना चाहती हूं। क्योंकि मैं शिक्षक कू की तरह संगीत की खुशी अन्य लोगों तक पहुंचाना चाहती हूं।

हालांकि हमें पता नहीं है कि“अनजान युवा बैंड”का भविष्य कैसा होगा? लेकिन संगीत से उन्हें प्राप्त खुशी, और उन की इस दुनिया के साथ आदान-प्रदान करने की क्षमता, ये हर लोग अपनी आंखों से देख सकते हैं।

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