चीनी भाषा महामारी में चीन व स्पेन के बीच आदान-प्रदान का पुल बनी

2020-07-23 08:52:16
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दोस्तों, स्पेन यूरोप में उन देशों में से एक है, जहां महामारी की स्थिति सब से गंभीर है। स्पेन सरकार ने मार्च से लगातार छह बार राष्ट्रीय आपातकाल को स्थगित किया। अंतिम आपातकाल 21 जून को समाप्त हुआ है। हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप के संवाददाता ने स्पेन के मैड्रिड में स्थित कंफ्यूशियस कॉलेज की चीनी प्रधान सुश्री छन डानना से विशेष इन्टरव्यू ली। उन्होंने महामारी के दौरान कंफ्यूशियस कॉलेज के संचालन का परिचय दिया। और कंफ्यूशियस कॉलेज में महामारी की रोकथाम करने और चीन व स्पेन द्वारा सहयोग से महामारी की रोकथाम के लिये की गयी कोशिशों के बारे में भी बताया। उन के अनुसार चीनी भाषा एक पुल व बेल्ड की तरह चीन व स्पेन दोनों देशों की जनता के बीच आदान-प्रदान व समझ को मजबूत कर सकती है। साथ ही वह महामारी में चीन के प्रति कुछ पश्चिमी देशों व मीडियों द्वारा फैलायी गयी गलतफहमी और पूर्वाग्रह को खत्म करने के लिये भी लाभदायक है।

वर्ष 2005 में मैड्रिड कंफ्यूशियस कॉलेज की स्थापना की गयी, जो स्पेन में सब से पहले स्थापित एक कंफ्यूशियस कॉलेज है। गौरतलब है कि मैड्रिड स्पेन में महामारी के सबसे गंभीर क्षेत्रों में से एक है। सुश्री छन के अनुसार मैड्रिड कंफ्यूशियस कॉलेज में महामारी की रोकथाम कार्य बहुत पहले से शुरू हुई है। जनवरी के अंत में उन्होंने कंफ्यूशियस कॉलेज के लिये महामारी की रोकथाम से जुड़ी सामग्री की तैयारी शुरू की। उन चीज़ों में मास्क व कीटाणुशोधन आपूर्ति आदि शामिल किए गए। मार्च में स्पेन के आपातकाल में प्रवेश करने से पहले कंफ्यूशियस कॉलेज ने अच्छी तरह से तैयारी की थी। उन के अलावा स्पेन स्थित चीनी दूतावास, कंफ्यूशियस के मुख्यालय और शांगहाई विदेशी भाषा विश्वविद्यालय के नेताओं ने महामारी फैलने के दौरान एक वीडियो सम्मेलन आयोजित किया, और मैड्रिड कंफ्युशियस कॉलेज को संवेदना पत्र व महामारी की रोकथाम से जुड़ा सामान भेजा। साथ ही मैड्रिड कंफ्युशियस कॉलेज ने भी सक्रिय रूप से स्पेन में स्थित चीनी मंडलों से संपर्क रखा, और चीन व स्पेन की संबंधित संस्थाओं को यथासंभव समर्थन व मदद दी। इस की चर्चा में सुश्री छन ने कहा,जब चीन में महामारी का प्रकोप हुआ, तो मैड्रिड कंफ्यूशियस कॉलेज के कर्मचारियों ने स्पेन स्थित चीनी संघ समेत प्रवासी चीनियों के मंडलों के साथ सहयोग करके महामारी की रोकथाम से जुड़ी चीज़ों को इकट्ठा किया, और चीनी अस्पतालों को एक सौ रक्षात्मक कपड़े भेज दिये। बाद में जब स्पेन में महामार�� का प्रकोप हुआ, तो कंफ्यूशियस कॉलेज को स्पेन के चीनी संघ और वालेंसिया के चीनी उद्योग व वाणिज्य संघ आदि चीनी मंडलों से भेजे गये मास्क मिले। साथ ही हमने मैड्रिड क्षेत्र के लेगानेस शहर को मास्क का दान किया, और महामारी की रोकथाम का समर्थन देने के लिये स्पेन के गैर सरकारी मंडलों को भी दान दिया। सभी दान मिलने वाली संस्थाओं को बहुत खुशी हुई, और उन्होंने कंफ्यूशियस कॉलेज को आभारी व्यक्त की।

महामारी के कुप्रभाव से कंफ्यूशियस कॉलेज ने मार्च से सभी ऑफ़लाइन शिक्षा को रद्द दिया। चीनी भाषा की पढ़ाई में विद्यार्थियों की मांग को पूरा करने के लिये कंफ्यूशियस कॉलेज ने ऑनलाइन शिक्षा देने की कोशिश की। अगर विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा में कोई समस्या मिली, तो कॉलेज ने जल्द ही आदान-प्रदान करके उन समस्याओं का समाधान किया। अब सभी शिक्षा सुचारू रूप से चल रही है। शिक्षक व विद्यार्थी भी धीरे धीरे से ऑनलाइन शिक्षा के लिये अनुकूल हो गये। क्योंकि लोग इकट्ठा होकर गतिविधि का आयोजन नहीं कर सकते, इसलिये कंफ्यूशियस कॉलेज ने भाषण, सांस्कृतिक अनुभव शिक्षा, पुस्तक क्लब समेत सभी ऑफ़लाइन गतिविधियों को बंद किया। पर कक्षा के विषय को समृद्ध बनाने और चीनी भाषा सीखने में छात्रों की रुचि बढ़ाने के लिये कंफ्यूशियस कॉलेज ने रंगारंग ऑनलाइन गतिविधियों का आयोजन किया। इस की चर्चा में सुश्री छन ने कहा,हमने ऑनलाइन तरीके से प्रसार-प्रचार पर बल दिया, और मैड्रिड के सोशल मीडिया पर चीन का परिचय नामक सिलसिलेवार गतिविधियों का आयोजन किया। चीनी व विदेशी कर्मचारियों ने एक साथ चीन की फिल्म, टीवी प्रोग्राम, संगीत, पुस्तक, भोजन व शहर आदि का प्रसार-प्रचार किया। हमने इस के बारे में वीडियो और चित्र बनाकर अपनी सरकारी वेबसाइट पर भी जारी किए। स्थानीय लोगों ने सक्रिय रूप से उन गतिविधियों में भाग लिया। हमें बहुत प्रशंसा मिली। उन के अलावा कंफ्यूशियस कॉलेज ने पहले की चीनी कॉर्नर की गतिविधियों को वेब पर स्थानांतरित किया है। जिसने स्पेन के बहुत नागरिकों को आकर्षित किया। लैटिन अमेरिका के चीनी भाषा प्रेमियों ने भी इस में भाग लिया।

जब स्पेन में महामारी की स्थिति गंभीर हो गयी, तो चीनी भाषा आदान-प्रदान के एक साधन के रूप में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ को मजबूत करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। सुश्री छन के अनुसार कंफ्यूशियस कॉलेज के शिक्षक ने कक्षा में लेख लिखने के तरीके से विद्यार्थियों को महामारी और चीन के प्रति अपना विचार व्यक्त करने को कहा। तो यह पता लगा कि चीनी भाषा सीखने वाले विद्यार्थियों की दृष्टि व्यापक है, उन्होंने महामारी में एकता के महत्व को खूब समझ लिया। उन के ख्याल से स्पेन व चीन को एक दूसरे की मदद देनी चाहिये। कुछ विद्यार्थियों को आशा है कि दोनों देश सहयोग करके टीके का अध्ययन कर सकेंगे, और वायरस से जुड़ी सूचना व आंकड़ा साझा कर सकेंगे। उन के अलावा कुछ विद्यार्थियों, जिन की चीनी भाषा का स्तर उन्नत है, ने ठीक समय पर चीन के आधिकारिक चैनल से ज्यादा वास्तविकता को जान लिया। इसलिये उन्होंने कुछ पश्चिमी देशों की झूठी रिपोर्ट पर विश्वास नहीं किया। इस की चर्चा में सुश्री छन ने कहा,उन विद्यार्थियों, जिनकी चीनी पढ़ने की क्षमता उन्नत है, ने चीन की सरकारी मीडिया द्वारा जारी खबरों को पढ़ा। उन की आम राय है कि महामारी में चीन ने तेजी से प्रतिक्रिया करके कदम उठाये। चीनी जनता ने भी अपना कर्तव्य व जिम्मेदारी उठायी। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में कुछ गर्म कथन पर उन की समझ भी अन्य स्पेनिश लोगों की तुलना में ज्यादा साफ़ व जागृत है। उन के अलावा फ़रवरी से मैड्रिड कंफ्यूशियस कॉलेज के विदेशी प्रधान ग्लाडेस निएटो ने कई बार स्पेन की प्रमुख मीडिया को इन्टरव्यू दिया, उनमें स्पेन का राष्ट्रीय रेडियो भी शामिल हुआ है। उन्होंने चीन में महामारी की स्थिति का परिचय दिया, और महामारी की रोकथाम से जुड़े कदम भी बताये। साथ ही कंफ्यूशियस कॉलेज ने अपनी सरकारी वेबसाइट पर महामारी की रोकथाम से संबंधित चीनी भाषा सिखायी, स्पेनिश जनता को चीनी भाषा में मास्क, स्वास्थ्य, बहाल और कोशिश आदि शब्द सिखाए। जिसे तमाम लोगों की प्रशंसा मिली। और दोनों देशों के बीच मित्रता को भी मजबूत किया गया है।

महामारी के कारण लोगों के बीच सामाजिक गतिविधि कम हो गयी, इसिलये ज्यादातर सूचनाएं मीडिया की रिपोर्ट पर निर्भर हैं। कुछ पश्चिमी मीडिया के कथन ने चीन के प्रति विदेशी जनता की समझ पर कुछ न कुछ प्रभावित किया। सुश्री छन ने अपने अनुभव से हमें बताया कि स्पेन की मुख्य जनता चीन के प्रति मैत्रीपूर्ण है। उन्होंने महामारी में चीन द्वारा प्राप्त उपल्बधियों और चीन व स्पेन के बीच सहयोग करके महामारी का मुकाबला करने में चीन के योगदान व कोशिश की पुष्टि की और समर्थन भी दिया।

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