एक प्रेम कहानी

2020-05-20 15:12:10
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इस साल मार्च में 20 वर्षीय लड़की छाओ य्वेनय्वेन ब्रिटेन के लंदन से अपने जन्मस्थान वापस लौटी। यात्रा के दौरान उन्होंने एक वीडियो शूट किया, जिसमें लंदन से शांगहाई तक हवाई अड्डे पर स्वास्थ्य जांच और हॉटल में एकांतवास समेत अपनी यात्रा की पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग की। वीडियो में छाओ य्वेनय्वेन कई बार आसपास की प्रभावित बातों से भावुक हुई और आंखों में आंसू भर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट होने के बाद बहुत से लोग भी प्रभावित हुए। दस करोड़ से अधिक लोगों ने यह वीडियो देखा और छाओ य्वेनय्वेन भी अचानक एक इंटरनेट सनसनी बन गयी।

वीडियो में छाओ य्वेनय्वेन ने कहा कि 17 मार्च को जब मैं चीन पहुंची, तो रात के लगभग एक बज गया था। कार्यकर्ताओं ने जल्द ही मेरे लिये पंजीकृत किया और संबंधित सूचनाओं का ब्यौरा भी लिया। सफ़ाई कर्मचारी हर एक घंटे में कीटाणुशोधन का काम कर रहे थे। मुझे लगता है कि हर व्यक्ति अपने देश के लिये योगदान दे रहा है। यह बहुत प्रभावित है। सुबह तीन बजे हम बस से एकांतावास के लिये तैयार हॉटल में पहुंचे। उसी समय कार्यकर्ताओं ने वहां हमारा इंतजार किया और हमें दूसरे दिन का प्रबंध बताया। साथ ही हमसे यह भी पूछा गया कि हमें कौन-सी मदद चाहिये?जो सचमुच बहुत प्रभावित है।

बाद में हॉटल से घर जाकर एकांतवास करने के दौरान छाओ य्वेनय्वेन को चिकित्सकों व स्वयंसेवकों की सहायता भी मिली, जिसने उन पर गहरी छाप छोड़ी। मार्च के अंत में जब छाओ य्वेनय्वेन ने चिकित्सा एकांतवास पूरा किया, तो उन्होंने जल्द ही समुदाय के स्वयंसेवा केंद्र से आवेदन किया। वे महामारी की रोकथाम करने के लिये एक स्वयंसेवक बनना चाहती हैं।

छाओ य्वेनय्वेन के अनुसार क्योंकि महामारी की रोकथाम से जुड़े कार्यकर्ता सचमुच बहुत कठोर काम कर रहे हैं। इसलिये अगर मैं भी इस में शामिल हो सकूंगी, तो मुझे अच्छा लगेगा।

15 अप्रैल को एक स्वयंसेवक के रूप में छाओ य्वेनय्वेन ने अपना काम शुरू किया। उन्होंने चिकित्सकों के साथ महामारी की रोकथाम में संलग्न हो गई। उन्होंने कहा कि वे समुदाय के लिये योगदान देने की पूरी कोशिश करेंगी।

सुबह सात बजे छाओ य्वेनय्वेन ठीक समय पर एक अलगाव केंद्र पहुंची। स्वयंसेवक के रूप में उन्होंने यहां दो हफ्ते बिताये। फिर उन्हें काम करने से पहले प्रशिक्षण मिला। उन्होंने ध्यान से सभी महत्वपूर्ण विषयों को रिकॉर्ड किया, और जल्द ही वे काम करने में माहिर हो गयी।

ये अनुभव पाकर छाओ य्वेनय्वेन के ख्याल से वे बड़ी हो गयी। मुझे लगता है कि मैं एक सौभाग्यशाली इंसान हूं, इसलिये मैं अपने दिल में ज्यादा आभार महसूस करती हूं।

पेइचिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एक चिकित्सक ने छाओ य्वेनय्वेन के वेइबो पर यह लिखा है कि आप का बहुत धन्यवाद। आप की कार्रवाई से ज्यादा से ज्यादा लोगों ने चिकित्सकों की कोशिश व योगदान समझा है।

छाओ य्वेनय्वेन के स्वयंसेवक बनने के एक हफ्ते के बाद उनके वेईबो पर एक फ़ैंस ने भी स्वयंसेवक बनने की इच्छा जताई और छाओ य्वेनय्वेन से प्रोत्साहन भी मिला। फिर कई दिनों बाद यह फैंस सचमुच एक स्वयंसेवक बना, और उन्होंने छाओ को बहुत धन्यवाद दिया।

हाल ही में चीन में महामारी की स्थिति बेहतर हो गयी है। छाओ य्वेनय्वेन ने कहा कि आगामी समय में उनकी योजना बहुत सरल है। वे निरंतर रूप से अपनी पसंदीदा कला को जारी रखेंगी। नया सेमेस्टर शुरू हो गया है, वे अपने सहपाठियों के साथ “महामारी के तहत शहर”की थीम पर एक छोटी प्रदर्शनी आयोजित करेंगी। उनके अनुसार आम जीवन में स्वयं दृढ़ रहें, यही प्रत्येक युवा को होना चाहिये।

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