डब्ल्यूएचओ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है:इवोना लादजेवास

2020-05-07 19:02:34
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दोस्तों, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 अप्रैल को इस बात की घोषणा की कि अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन को सदस्यता शुल्क नहीं देगा। अमेरिका की इस कार्रवाई पर विश्व का ध्यान केंद्रित हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने भी इस के प्रति बड़ी चिंता व्यक्त की। सर्बिया के अंतर्राष्ट्रीय राजनीति व अर्थव्यवस्था अनुसंधान प्रतिष्ठान की शोधकर्ता इवोना लादजेवास के विचार में विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, जिस की जगह नहीं ली जा सकती है। अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की सदस्यता शुल्क देना बंद किया, जिसने महामारी की रोकथाम में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बर्बाद किया है।

विश्व में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के महत्वपूर्ण वक्त पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की सदस्यता शुल्क न देने का फैसला किया। इस के प्रति सुश्री इवोना के ख्याल से अमेरिका अपने देश में महामारी की रोकथाम में सरकार के कमजोर नेतृत्व की वजह से मिली ओलोचना से बचना चाहता है। इसलिये वह विश्व स्वास्थ्य संगठन को बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रहा है। ताकि अमेरिका में आम राय का ध्यान सरकार की अक्षमता से हटाया जा सके। उन्होंने कहा, बेशक अमेरिका के सामने एक बड़ा संकट मौजूद है। यह संकट यही कारण से पैदा हुआ कि अमेरिका ने महामारी के प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं की। चीन में महामारी के प्रकोप के बाद चीन ने जल्द ही कोविड-19 से संबंधित सूचनाओं व खतरे के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन को रिपोर्ट दी। लेकिन अमेरिकी नेता ने महामारी के प्रकोप की शुरूआत में चेतावनी की उपेक्षा करके कुछ भी नहीं किया। जब अमेरिका में महामारी का प्रकोप हुआ, तो सरकार ने भी अपनी जिम्मेदारी नहीं ली। इसलिये अंदरूनी आलोचना से बचने के लिये अमेरिका सरकार जनता का ध्यान अन्य पक्षों में स्थानांतरण करने की कोशिश कर रही है।

सुश्री इवोना ने कहा कि आजकल विश्व में महामारी की स्थिति बहुत गंभीर है। अमेरिका का यह फैसला विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षमता को कम करेगा, महामारी की रोकथाम में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी बर्बाद करेगा। लेकिन महामारी की रोकथाम करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एकमात्र उपाय ही है। इस के बारे में उन्होंने कहा,महामारी की रोकथाम करने के लिये एकमात्र उपाय सहयोग मजबूत करना है, और विभिन्न देशों में महामारी से जुड़ी सभी सूचनाएं साझा करने की आवश्यकता है। यह भी चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा जी20 विशेष शिखर सम्मेलन में महामारी की रोकथाम करने के लिये पेश किया गया उपाय ही है। महामारी की रोकथाम में चीन ने बड़ा योगदान व बलिदान दिया। साथ ही चीन विश्व के विभिन्न देशों की सहायता देने के लिये यथासंभव कोशिश कर रहा है। सक्रिय रूप से महामारी की रोकथाम से जुड़ी सूचनाएं साझा करने के साथ चीन ने कई देशों में चिकित्सा विशेषज्ञ दल को भी भेजा है। सर्बिया में आये चीनी चिकित्सा विशेषज्ञ दल ने महामारी की रोकथाम के बारे में हमें बहुत मूल्यवान अनुभव सिखाये। इस वर्ष के मार्च के शुरू में मैंने चीन द्वारा प्रकाशित कोविड-19 की उपचार योजना देखी है। चीन की प्रतिक्रिया तो एक जिम्मेदार देश का कर्तव्य है।

सुश्री इवोना के अनुसार हर बार जब सार्वजनिक स्वास्थ्य घटना हुई, तो आपात प्रतिक्रिया अंतर्राष्ट्रीय समन्वय से अलग नहीं हो सकती। उन में अंतर्राष्ट्रीय संगठन की भूमिका खास महत्वपूर्ण है। विश्व में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के कुंजीभूत वक्त पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, जिस की जगह नहीं ली ज सकती। इस की चर्चा में उन्होंने कहा, वर्तमान में महामारी की रोकथाम करते समय विश्व स्वास्थ्य संगठन नेतृत्व की भूमिका अदा कर रहा है। विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में कई बार पैदा हुई महामारी में हमने यह देखा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुंजीभूत भूमिका अदा की है। इसलिये अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन के विभिन्न सदस्य देश एक दूसरे से सूचना का आदान-प्रदान कर सकेंगे, और सब से श्रेष्ठ विशेषज्ञ भेजकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्य में भाग ले सकेंगे, तो यह संगठन ज़रूर और शक्तिशाली भूमिका अदा कर सकेगा। गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के संचालन के लिये धन की गारंटी खास महत्वपूर्ण है।

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