एक छोटे देश ने चीनी महिला खिलाड़ियों की मदद की

2020-04-22 09:51:09
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दोस्तों, जनवरी के अंत में कोविड-19 महामारी चीन में फैल रही थी। कुछ देशों ने चीनी नागरिकों पर प्रवेश करने का प्रतिबंध भी लगाया। उस समय देश-विदेश में रहने वाले चीनी लोगों के प्रति वसंत त्योहार की खुशी भी कम हुई , क्योंकि उन की बहुत योजनाएं बाधित हो गई थीं। लेकिन और कुछ ऐसे लोगों ने मातृभूमि का आदर व जनता की प्रतीक्षा लेकर विदेश में जाने की यात्रा शुरू की। वे तो चीनी खिलाड़ी हैं।

वर्ष 2020 टोक्यो ओलंपिक की तैयारी करने के लिये, और बड़े हद तक मैच के प्रति महामारी के कुप्रभाव को कम करने के लिये चीनी खेल अखिल ब्यूरो ने यह योजना बनायी है कि विभिन्न राष्ट्रीय खेल मंडल को ओलंपिक की तैयारी के लिये जल्दी से जल्दी विदेश में जाकर अभ्यास करना चाहिये। ताकि ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन किया जा सके। चीनी राष्ट्रीय महिला वाटर पोलो टीम तो उन में से एक है। टीम की लड़कियां योजनानुसार चीन से रवाना होकर वर्ष 2020 के फ़रवरी के मध्य में कजाखस्तान में आयोजित एशियाई वाटर पोलो चैपियनशिप यानी ओलंपिक के एशियाई क्षेत्र की क्वालिफ़ाई प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये वहां गयीं। लेकिन जब लड़कियों ने अभी अभी लगेज पैक किये, तो कजाखस्तान ने महामारी से पीड़ित देशों से आए लोगों के प्रति सीमा प्रवेश पर गंभीर प्रतिबंध लगाया है। दुविधा में फंसने के वक्त पर यूरोप के बाल्कन प्रायद्वीप में स्थित एक छोटे देश मोंटेनेग्रो ने उन लड़कियों का स्वागत किया।

कजाखस्तान के संबंधित कदम के अनुसार चीनी महिला वाटर पोलो टीम अगर चीन से रवाना हुई, तो कजाखस्तान में पहुंचने के लिये 14 दिनों तक अलगाव करने के बाद प्रतियोगिता में भाग ले सकेगी। खिलाड़ियों के प्रति अगर मैच से पहले 14 दिनों तक सामान्य अभ्यास नहीं किया जा सकेगा, तो प्रतियोगिता में उन के प्रदर्शन पर ज़रूर असर पड़ेगा। एक तरफ़ चीन में महामारी की गंभीर स्थिति हैं, और दूसरी तरफ़ कजाखस्तान के गंभीर कदम ही हैं। चीनी महिला वाटर पोलो टीम दुविधा में फंस गयी। लेकिन क्वोलिफ़ाई मैच जल्द ही आएगी। लड़कियों को एक “अस्थाई घर” ढूंढ़कर अभ्यास करना पड़ा। अब वे कहां जाएंगी? और क्या करेंगी?

इस वक्त पर चीनी पुरुष वाटर पोलो टीम के प्रमुख कोच, मोंटेनेग्रो से आए पीटर पोरोबिक ने खड़े होकर इस समस्या का समाधान किया। मोंटेनेग्रो यूगोस्लाविया का एक गणतंत्र देश था। हालांकि इस की कुल जनसंख्या केवल 6.2 लाख है, लेकिन वाटर पोलो खेल में भाग लेने वालों की संख्या 80 हजार तक पहुंच गयी। यानी हर आठ व्यक्तियों में एक व्यक्ति वाटर पोलो खेल सकता है। हालांकि मोंटेनेग्रो की स्थापना वर्ष 2006 में हुई, लेकिन वहां वाटर पोलो का इतिहास 80 से अधिक वर्ष हो चुका है। मोंटेनेग्रो को वाटर पोलो का शक्तिशाली देश कहा जा सकता है। वर्ष 2008 में मोंटेनेग्रो ने वाटर पोलो की यूरोपीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता, और पेइचिंग ओलंपिक में वह चौथे स्थान पर रही। खेल में प्राप्त उपलब्धियां केवल एक पक्ष में है। सब से महत्वपूर्ण बात यह है कि चीनी दोस्तों के प्रति मोंटेनेग्रो बहुत गर्म और मैत्रीपूर्ण है। कई देशों में चीनी लोगों से दूर हो जाने के समय मोंटेनेग्रो चीनी महिला वाटर पोलो टीम का दूसरा घर बनना चाहता है।

पोरोबिक ने जल्द ही मोंटेनेग्रो के तैराकी संघ व संबंधित कल्ब से संपर्क रखकर इस बात को कहा। मोंटेनेग्रो हमेशा से दोनों देशों की परंपरागत मित्रता पर बड़ा ध्यान देता है। चीन की मदद देने के लिये मोंटेनेग्रो ने बिना झिझक के फ़ौरन चीनी वाटर पोलो टीम के लिये द्वार खोला। 30 जनवरी की सुबह चीनी महिला वाटर पोटो टीम मोंटेनेग्रो पहुंची।

मोंटेनेग्रो स्थित चीनी दूतावास ने यह खबर सुनकर जल्द ही मोंटेनेग्रो के सीमा निरीक्षण व स्वास्थ्य आदि विभागों से संपर्क रखकर चीनी टीम को सुविधा देने का आग्रह किया। साथ ही दूतावास ने चीनी टीम को इस्तांबुल में ट्रांसफर करने के लिये दूरस्थ निर्देशन भी किया। महिला वाटर पोलो टीम सुबह मोंटेनेग्रो की राजधानी पोदगोरिका में पहुंची। चीनी दूतावास ने विशेष व्यक्ति भेजकर हवाई अड्डे में उन का स्वागत किया, और सीमा शुल्क पारित करते समय उन की सहायता भी दी। पूरे रास्ते पर खिलाड़ियों का थकान व तनाव इस वक्त पर शिथिल हो गया। दूतावास के व्यक्तियों की सहायता से मोंटेनेग्रो के सीमा संगरोध कर्मियों ने खिलाड़ियों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की और 24 घंटों तक संपर्क रखने का फ़ोन नंबर भी दिया। राजधानी पोदगोरिका की सरकार ने टीम के अभ्यास के लिये पर्याप्त गारंटी दी। गौरतलब है कि पोदगोरिका में वाटर पोलो मैच के लिये केवल एक औपाचारिक व्यायामशाला ही है। आम समय में वह सभी नागरिकों के प्रति खुला है। दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों के मद्देनजर संकट में पुराने दोस्त का समर्थन देने के लिये पोदगोरिका सरकार ने वाणिज्यिक व्यायामशाला के संचालन में हस्तक्षेप किया। जिससे चीनी महिला टीम को हर दिन आधी कीमत में इस व्यायामशाला में अभ्यास करने का पर्याप्त समय मिल गया। साथ ही मोंटेनेग्रो तैराकी संघ ने चीनी टीम के लिये होटल में वातावरण व पौष्टिक भोजन देने का समन्वय भी किया। चीनी महिला वाटर पोलो टीम ने यहां एक हफ्ते तक अभ्यास किया। इस के बाद चीनी राष्ट्रीय पुरुष टीम भी मोंटेनेग्रो में पहुंची। जिससे मोंटेनेग्रो चीनी वाटर पोलो टीमों का वास्तविक घर बन गया।

सीसीटीवी के खेल चैनल ने मोंटेनेग्रो में चीनी टीम के अभ्यास व जीवन के बारे में रिपोर्ट दी। मोंटेनेग्रो स्थित चीनी दूतावास ने हर दिन पोदगोरिका सरकार, मोंटेनेग्रो तैराकी संघ और चीनी टीम के साथ घनिष्ठ संपर्क रखा, और समय समय पर सहायता दी। चीनी राजदूत ल्यू चिन ने इन्टरव्यू देते समय कहा कि पूरे चीन में महामारी की रोकथाम की लड़ाई में दूतावास को भी अपना योगदान देना चाहिये। हमने मोंटेनेग्रो के साथ समन्वय करके चीनी वाटर पोलो टीम के लिये अभ्यास करने को सुनिश्चित किया। जिससे मुश्किल समय में दोनों देशों के बीच मित्रता व एकता को जाहिर हुआ है।

लेकिन इस के बाद कजाखस्तान ने मैच स्थगित करने की घोषणा की। इस का मतलब यह है कि चीनी टीम को व्यवयामशाला का प्रयोग करने की अवधि को बढ़ाने का आवेदन करना पड़ा। जब चीनी पक्ष इस बात की चिंता करता था, तो मोंटेनेग्रो ने यह जवाब दिया कि चीनी खिलाड़ी पहले की तरह व्यायामशाला का प्रयोग कर सकते हैं। प्रयोग का समय व कीमत नहीं बदलेंगे। पोदगोरिका के मेयर ने चीनी राजदूत ल्यू चिन से कहा कि चीनी राष्ट्रीय टीम को मोंटेनेग्रो में अभ्यास करने का स्वागत करना हमारा गौरव ही है। वास्तविक मित्रता मुश्किल समय में दिखती है।

मोंटेनेग्रो के राष्ट्रपति के प्रमुख सलाहकार, पूर्व विदेश मंत्री मिलान रोसेन ने कहा था कि चीन की महानता उस के क्षेत्रफल या जनसंख्या पर निर्भर नहीं है, बड़े या छोटे देशों के प्रति चीन के समान ईमानदार रवैये पर निर्भर है। साथ ही जब चीनी टीम महामारी की गतिरोध में फंसी, तो मोंटेनेग्रो ने भी मित्रता दिखायी है। यह जाहिर हुआ है कि किसी देश का मूल्यांकन उस के आकार व जनसंख्या पर निर्भर नहीं है, उस का व्यापक दृष्टि और मैत्रीपूर्ण भावना पर निर्भर करना चाहिये।

फ़रवरी में मोंटेनेग्रो के राष्ट्रपति मिलो ड्यूकानोविक ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को पत्र भेजकर कहा कि चीन सरकार ने महामारी की रोकथाम व नियंत्रण में अपनी जिम्मेदारी व उल्लेखनीय क्षमता दिखायी है। मोंटेनेग्रो मैत्रीपूर्ण चीन को यथासंभव समर्थन देना चाहता है। चीन स्थित मोंटेनेग्रो के राजदूत ने पूंजी लगाकर यूरोप से दस हजार मास्क खरीदकर चीन लाये, और 14 फ़रवरी को पेइचिंग में स्थित मोंटेनेग्रो के दूतावास द्वारा हूपेई प्रांत के दो अस्पतालों में भेजे । साथ ही पोदगोरिका शहर ने भी मैत्रीपूर्ण शहर के माध्यम से स्छ्वान प्रांत को दान दिया।

महामारी फैलने के मुश्किल दौर में चीन व मोंटेनेग्रो के बीच आपसी सहायता से हमें प्रकाश व शक्ति मिली है। और दोनों देशों व दोनों देशों की जनता के बीच मित्रता भी और घनिष्ट व मजबूत बनी।

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