महामारी की रोकथाम में विभिन्न शिक्षा संस्थाओं ने अपनी अपनी भूमिका अदा की

2020-02-13 15:05:17
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दोस्तों, आप शायद यह जानते होंगे कि आजकल नोवेल कोरोना वायरस निमोनिया चीन में फैल रहा है। इस की रोकथाम करने के लिये चीनी शिक्षा मंत्रालय के नेतृत्व में पेइचिंग शिक्षा कमेटी ने स्कूलों में पढ़ाई के प्रारंभ दिनांक को स्थगित करने की घोषणा की। हालांकि बच्चे ठीक समय पर स्कूलों में वापस नहीं लौट सकेंगे, लेकिन उन की पढ़ाई नहीं रूकी। पेइचिंग की विभिन्न स्कूलों व शिक्षा संस्थाओं ने इस पक्ष में बड़ी कोशिश की और महत्वपूर्ण योगदान भी दिया।

घर में बच्चों को शिक्षा देने के लिये पेइचिंग शिक्षा कमेटी ने तरह तरह उपायों का प्रयोग किया। विद्यार्थियों को स्कूल में वापस न जाने का कारण समझाने और घर में कैसे पढ़ाई करने का अनुदेश करने के लिये कमेटी ने पेइचिंग टीवी स्टेशन के साथ सहयोग करके“शिक्षक बताइये” नामक महामारी की रोकथाम से जुड़े सिलसिलेवार विशेष कार्यक्रम बनाकर प्रस्तुत किये। इन कार्यक्रमों में चीन के वरिष्ठ विशेषज्ञों को आमंत्रित करके विद्यार्थियों को नोवेल कोरोना वायरस निमोनिया की रोकथाम से संबंधित जानकारियां बतायी गयीं। और बच्चों को घर के आम जीवन में कैसे पढ़ाई जारी करने और कसरत व घर का काम कैसे करने को भी बताया गया।

साथ ही पेइचिंग शिक्षा कमेटी ने ऑनलाइन पर एक पेइचिंग डिजिटल स्कूल की स्थापना भी की। इस वेबसाइट में प्राइमरी, मिडिल व हाई स्कूल की रंगारंग ऑनलाइन कक्षाएं होती हैं। चीनी, गणित, अंग्रेजी, भौतिकी व रसायन विज्ञान जैसे मुख्य कोर्स के अलावा खेल, संगीत, कला, विज्ञान व सूचना तकनीक आदि कोर्स भी होते हैं। सभी कक्षाओं की पढ़ाई पेइचिंग के प्रसिद्ध स्कूलों के वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा दी जाती है। बच्चे अपने ग्रेड के अनुसार किसी कक्षा को चुनकर सीख सकते हैं। गौरतलब है कि इस डिजिटल स्कूल की सभी कक्षाएं मुफ्त में हैं।

पेइचिंग डिजिटल स्कूल के अलावा भिन्न-भिन्न डिस्ट्रिक्ट की शिक्षा कमेटी भी अपनी अपनी ऑनलाइन शिक्षा की तैयारी में व्यस्त हैं। ली चीफ़ांग पेइचिंग शहर के हाईत्येन डिस्ट्रेक्ट की वूई प्राइमरी स्कूल की एक गणित शिक्षक हैं। इस बार हाईत्येन शिक्षा कमेटी ने हाईत्येन आकाश कक्षा नामक ऑनलाइन शिक्षा की एक गणित क्लास का रिकॉर्टिंग काम उन्हें सौंप दिया। यह काम स्वीकार करने के बाद शिक्षक ली ने बहुत सम्मानित महसूस किया। और जल्द ही इस काम करने के लिये तैयार शुरू किया।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन क्लास रिकॉर्डिंग करने का कर्तव्य स्वीकार करने के बाद मुझे बहुत गर्व महसूस होता है। क्योंकि मैं अपनी जानकारियों से अपने देश, अपनी स्कूल और बहुत विद्यार्थियों के लिये कुछ योगदान दे सकती हूं। क्योंकि नोवेल कोरोना वायरस निमोनिया अचानक चीन में फैला, और इस महामारी ने सभी स्कूलों की योजना को तोड़ दिया। इसलिये हमें सभी क्लास रूम में दी जाने वाली कक्षा को ऑनलाइन में स्थानांतरित करना पड़ा। इस बार मैं एक गणित क्लास का रिकॉर्डिंग करूंगी। क्योंकि इस क्लास में शिक्षक की आवाज़ के अलावा विद्यार्थियों की आवाज़ भी चाहिये। इसलिए मैं एक तरफ़ तकनीकी व्यक्तियों से संपर्क रखती हूं, दूसरी तरफ़ मैंने कई विद्यार्थियों को चुनकर इस कक्षा में शामिल किया। पर चिंता न करें, सभी लोग अपने अपने घर में यह काम कर सकते हैं। मैं अपने घर में कक्षा की रिकॉर्डिंग कर सकती हूं, और बच्चे भी अपने अपने घर में उनकी बातों की रिकॉर्डिंग करते हैं। फिर तकनीकी व्यक्ति हमारे द्वारा भेजी गयी सभी रिकॉर्डिंग की एक ऑनलाइन क्लास बना सकते हैं। हालांकि यह काम एक तत्काल कार्य ही है, और बच्चों के प्रति भी थोड़ा मुश्किल है। लेकिन सभी लोगों ने बहुत खुशी से यह काम स्वीकार किया, और इस क्लास को अच्छी तरह से बनाने के लिये अपनी पूरी कोशिश की।

टीएएल शिक्षा समूह चीन में 6 से 18 वर्ष तक के स्कूली छात्रों के प्रति सब से मशहूर शिक्षा संस्थाओं में से एक है। जिस की स्थापना वर्ष 2003 में हुई। गौरतलब है कि वर्ष 2013 के अगस्त से इस संस्था का नया लक्ष्य परंपरागत शिक्षा व ऑनलाइन शिक्षा का एकीकरण पूरा करना बन गया। इस बार महामारी की रोकथाम के दौरान इस संस्था ने न सिर्फ़ नोवेल कोरोना वायरस निमोनिया से ग्रस्त क्षेत्रों के लिये बड़ा दान दिया, बल्कि सारे चीन के विभिन्न जगहों की प्राइमरी, मीडिल व हाई स्कूली विद्यार्थियों के लिये मुफ्त ऑनलाइन लाइव क्लास भी तैयार किया। हर दिन सुबह आठ बजे से रात को आठ बजे तक क्लास निरंतर रूप से जारी रहता है। विद्यार्थी अपने पसंदीदा क्लास चुनकर इस में भाग ले सकते हैं। इस कार्यक्रम में शामिल सौ से अधिक शिक्षक चीन के मशहूर छिंगह्वा यूनिवर्सिटी व पेइचिंग यूनिवर्सिटी, और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक हुए हैं। उन के अलावा कुछ पारिवारिक शिक्षा के विशेषज्ञों व मनोविज्ञान विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया।

उधर पेइचिंग में स्थित शूशान (पुस्तकों का पहाड़) शिक्षा नामक एक शिक्षा संस्था की प्रधान च्यांग मिन ने चीन के वसंत त्योहार के बाद हर दिन निरंतर रूप से अपने वीचेट सार्वजनिक खाते में एक लेख जारी किया। इस में महामारी की रोकथाम से जुड़े बहुत विषय शामिल हुए हैं। कभी कभी लेख में उन्होंने अपनी संस्था की ऑनलाइन शिक्षा का प्रबंध बताया। कभी कभी संस्था के शिक्षकों व विद्यार्थियों द्वारा लिखी गयी महामारी की रोकथाम से जुड़ी कविताएं या चित्रें जारी की गयीं। और कभी कभी हाल ही में महामारी की रोकथाम में मौजूद प्रभावित कहानियां या संरक्षण से संबंधित जानकारियां भी बतायी गयीं। हालांकि सर्दियों की छुट्टी के बाद बच्चे ठीक समय पर स्कूलों में वापस नहीं लौट सकेंगे। लेकिन च्यांग मिन को आशा है कि बच्चे अच्छी तरह से इन समय का प्रयोग कर सकेंगे, और ज्यादा से ज्यादा पुस्तकें पढ़ सकेंगे।

इस की चर्चा में उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा संस्था का नाम शूशान है, इस का मतलब है पुस्तकों का पहाड़। और चीन में एक पुरानी कहावत यह है कि अगर आप पुस्तकों के पहाड़ की चोटी पर पहुंचना चाहते हैं, तो इस का रास्ता केवल मेहनत से मिलता है। इसलिये मुझे आशा है कि सभी बच्चे समय को बर्बाद नहीं करेंगे, और हाल के विशेष काल में ज्यादा से ज्यादा पुस्तकें पढ़ सकेंगे। क्योंकि ज्यादा किताबें पढ़ना न सिर्फ़ परीक्षा देने में लाभदायक है, बल्कि व्यक्ति की जिंगदी के लिये भी लाभदायक होगा।

उधर और एक शिक्षा संस्था वेस्ट पॉइंट रोशनी ने एक जन कल्याणकारी गतिविधि का आयोजन किया। सब लोग यह जानते हैं कि सभी निजी शिक्षा संस्था का मुख्य लक्ष्य है पैसे कमाना। केवल पैसे देकर बच्चे उन संस्थाओं की शिक्षा ले सकते हैं। लेकिन इस बार महामारी की रोकथाम करने के लिये इस संस्था ने पुलिस, चिकित्सक व नर्स के बच्चों को मुफ्त ऑनलाइन शिक्षा देने की घोषणा की। इस संस्था की प्रधान सुश्री च्यांग ने कहा कि हम महामारी से लड़ने वाले सभी चिकित्सकों व नर्सों तथा महामारी की रोकथाम में व्यस्त पुलिस कर्मियों के प्रति श्रद्धांजलि देना चाहते हैं। हालांकि महामारी में प्रेम नहीं है, लेकिन हमारी शिक्षा में प्रेम होता है। हमारी संस्था के सभी शिक्षक छुट्टी को छोड़कर बच्चों को अपना प्रेम देना चाहते हैं।

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