पेइचिंग नेशनल डे स्कूल में 12वां रोमानियाई सांस्कृतिक दिवस आयोजित

2020-01-16 20:02:05
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विद्यार्थी: मेरा गौरवशाली देश, मेरी प्यारी मातृभूमि। मैं आप को क्या शुभकामनाएं दे दूंगा? मेरा प्यारा रोमानिया। आशा है आप के साथ मज़बूत भुजा के साथ शक्तिशाली बल भी प्राप्त है। शानदार इतिहास की याद करते हुए आप उज्जवल भविष्य रचेंगे। अगर आप के बच्चों को भी यह सपना होता है, तो हम एक साथ इस की खुशी मनाने के लिये चियर्स करेंगे। ये तो आप के प्रति मेरी शुभकामनाएं हैं, मेरा प्यारा रोमानिया।

वर्ष 2019 के 26 दिसंबर के दोपहर के बाद पेइचिंग नेशनल डे स्कूल के पुस्तकालय के व्याख्यान कक्ष में विद्यार्थियों के कविता पढ़ने की आवाज़ गूंज रही थी। मंच पर चार 12 या 13 वर्षीय छोटे बच्चों ने गंभीरता से इस देश भक्ति वाली कविता पढ़ी। मंच के नीचे छै सौ से अधिक विद्यार्थियों ने ध्यान से इसे सुना। यह तो इस स्कूल में आयोजित 12वें रोमानिया सांस्कृतिक दिवस में एक गतिविधि ही है। रोमानिया के राष्ट्रीय कवि मिहाई एमिनेस्कू की इस कविता《मेरा प्यारा रोमानिया, मैं आप को क्या शुभकामनाएं दे दूं》ने इस गतिविधि को जोश के उत्कर्ष में पहुंचाया।

क्यों एक मीडिल स्कूल में लगातार 11 वर्षों में एक देश की संस्कृति पर गतिविधि आयोजित की जाती है?शिक्षकों व विद्यार्थियों के पीछे क्या शक्ति छिपी हुई है?आखिर ऐसी गतिविधि बच्चों को क्या लाभ दे सकती है?उन प्रश्नों को लेकर चाइना मीडिया ग्रूप के रोमानिया भाषा विभाग के संवाददाता गतिविधि के घटनास्थल पर पहुंचे, और वहां उन्होंने इस गतिविधि में भाग लेने वाले विद्यार्थियों व शिक्षकों से इन्टरव्यू लिया।

इस गतिविधि को संभालने वाली शिक्षक सून शूच्याओ ने परिचय देते हुए कहा कि रोमानिया सांस्कृतिक दिवस पेइचिंग नेशनल डे स्कूल की विदेशी सांस्कृतिक दिवस नाम की शिक्षा का एक भाग है। वह भी सब से पहले आयोजित एक विदेशी सांस्कृतिक दिवस ही है। वर्ष 2008 में पेइचिंग नेशनल डे स्कूल के पूर्व कुलपति ली शीक्वेई और उसी समय चीन स्थित रोमानिया के राजदूत विओरेल इसटिसिवाया बुदुरा ने हर साल के 15 जनवरी को इस स्कूल के रोमानिया सांस्कृतिक दिवस निश्चित किया। क्योंकि इस दिन रोमानिया के प्रसिद्ध कवि मिहाई एमिनेस्कू का जन्मदिन था। वर्ष 2009 के 15 जनवरी को पहला रोमानिया सांस्कृतिक दिवस सफलता के साथ आयोजित किया गया। निरंतर रूप से विकास व सृजन के बाद अभी तक पेइचिंग नेशनल डे स्कूल में मध्य यूरोप प्लेट, ओशिनिया प्लेट, दक्षिण-पूर्वी एशिया प्लेट, पूर्वी व पश्चिमी एशिया प्लेट, पश्चिमी व उत्तरी यूरोप प्लेट, अफ़्रीका प्लेट, अमेरिका प्लेट समेत कुल 80 से अधिक विदेशी सांस्कृतिक दिवस की शिक्षा दी गयी। जो पेइचिंग नेशनल डे स्कूल में सिलसिलेवार अंतर्राष्ट्रीय समझ शिक्षा की गतिविधियों में से एक बन गयी।

ल्याओ ज़य्वान तो रोमानिया कविता पढ़ने वाले चार विद्यार्थियों में से एक हैं। उन्होंने संवाददाता से कहा कि इस बार की गतिविधि में सभी अभिनेता व अभिनेत्री इस स्कूल में पढ़ने वाले पहले साल के विद्यार्थी हैं। सभी कार्यक्रमों की तैयारी व प्रस्तुति उन द्वारा अपने आप की गयी है। शिक्षकों ने केवल कुछ सलाह दे दिये। उन के ख्याल से वह कविता, जो उन्होंने पढ़ी, बहुत अच्छी है। इस कविता में रोमानिया के प्रति कवि का गहरा प्रभाव शामिल किया गया। उन के अनुसार कार्यक्रम की तैयारी करने के दौरान उन्होंने खूब सीख लिया। उन्होंने कहा,हमने लंबे समय तक इस की तैयारी की। जब अवकाश मिला, तो हम एक साथ इस की चर्चा और अभ्यास करते थे। साथ ही हम ने इस कविता के लिये एक उचित पृष्ठभूमि संगीत को भी चुना, जो एक रोमानिया का संगीत ही है। इसे ढूंढ़ने के लिये बहुत समय लगा। अंत में हमने इस देश भक्ति कविता के लिये एक प्रभावित संगीत ढूंढ़ पाया। बाद में मैं ऐसी गतिविधि में ज़रूर भाग लूंगा। मेरे ख्याल से यह गतिविधि बहुत सार्थक है। मैंने अपने पढ़ने का स्तर उन्नत करने के साथ बहुत अच्छे दोस्त भी बनाए। साथ ही कुछ विदेशी संस्कृति को भी समझ लिया।

《आईने में देखो》एक मज़ेदार व मीठा रोमानियाई लोक गीत है। जो चीन में व्यापक रूप से प्रचलित था। इस गीत में यह कहानी बतायी गयी कि एक लड़की आईने में अपनी सुन्दरता को देखते समय अपनी जवानी पर भी ध्यान देती है। इस गीत से लोग सुख व प्रेम महसूस कर सकते हैं। फान चूनलो और उन के पाँच सहपाठियों ने यह गीत गाया। फान चूनलो को यह गीत बहुत पसंद है। उन्होंने संवाददाता से कहा कि,यह गीत बहुत नन्हा व मजेदार है। लड़की हमेशा आईने में अपनी सुन्दरता को देखती है। यह गीत हमारी आयु से खूब मेल खाता है। साथ ही इस में रोमानिया की संस्कृति भी शामिल हुई है, जैसे इस का संगीत व धुन। मैंने कुछ विदेशी गीत गाये थे। लेकिन इस तरह का गीत पहले नहीं मिला। मुझे लगता है कि विदेशी सांस्कृतिक दिवस पर विदेशी गीत गाने से हम विदेशी संगीत पर गहन समझ ले सकते हैं।

रोमानिया का लोक संगीत《लवा》एक आनंदमय संगीत है। जिस में वन में लवा के गीत गाने का सुन्दर दृश्य दिखाया गया। बाद में रोमानिया के प्रसिद्ध वायोलिनिस्ट व संगीतकार ग्रीगोलास डिनिकू ने इसे एक वायोलिन संगीत बदला। इस बार की गतिविधि में ल्यू ईथोंग ने सून शाओकंग के पियानो संगत में इस संगीत को बजाया। ल्यू ने कहा,《लवा》इस संगीत में बहुत ताल पक्षियों की आवाज़ जैसी है। मुझे लगता है कि यह रोमानियाई संगीत की एक विशेषता है। मेरी एक आदत है कि वायोलिन बजाते समय पहली बार एक संगीत बजाने के दौरान रिकॉर्ड की जाती है। बाद में खूब अभ्यास करके फिर एक बार यह रिकॉर्ड सुनी, तो लगता है कि बड़ी प्रगति हासिल की गयी।

रोमानिया के प्राकृतिक दृश्य बहुत सुन्दर हैं, ऐतिहासिक स्थल भी समृद्ध हैं, जहां के लोग भी आवेशपूर्ण हैं। साथ ही रोमानिया विश्व में तीसरा देश बन गया, जिसने नयी चीन के साथ राजनयिक संबंधों की स्थापना की। पेइचिंग नेशनल डे स्कूल के विद्यार्थियों ने रोमानिया की यात्रा नामक एक नाटक भी बनाया। उन की प्रस्तुति देखकर सभी लोगों ने मानो सुन्दर रोमानिया का दौरा किया। नाटक में मनोहर रोमानियाई दृश्य के साथ चीन व रोमानिया दोनों देशों के राष्ट्रीय नृत्य भी शामिल हुए हैं। जिससे विद्यार्थियों ने दोनों देशों की संस्कृतियों की भिन्नता को महसूस किया।

इस नाटक के मुख्य पात्र ल्यू सीयांग, ली ईश्वेन और ली ईमिंग ने संवाददाता को इन्टरव्यू दी। ली ईश्वेन ने कहा,हमने इस नृत्य की प्रस्तुति से रोमानियाई संस्कृति को अच्छी तरह से महसूस किया। शुरू में इसे सीखना ज़रा मुश्किल है। लेकिन ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करने के बाद हम इस से मज़ा ले सकते हैं।

गौरतलब है कि इस बार रोमानियाई सांस्कृतिक दिवस का मुद्दा कार्पेथियन पर्वतों के नीचे सफेद गुलाब है। और इस वर्ष चीन व रोमानिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ ही है। इस गतिविधि के आयोजन से बच्चों के मन में चीन-रोमानिया मित्रता का बीज बोया। शायद भविष्य में वह सुन्दर फूल दिखाएगा।

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