केन्या के दूसरे बड़े स्लम स्कूल को चीन से नये साल का उपहार मिला

2020-01-03 09:24:40
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दोस्तों, नव वर्ष आया है। इस मौके पर केन्या स्थित चीनी दूतावास ने माथारे स्लम में स्थित मसेडो-पेइचिंग स्कूल को दान किया। विद्यार्थियों के एक साल के नाश्ता व लंच, खेल के सामान, खाद्य-पदार्थ व दिवस के उपहार आदि को बच्चों का स्वागत मिला।

वर्ष 2019 के दिसंबर में केन्या में हाल के कई वर्षों में सब से भारी बारिश हुई। जिससे केन्या की राजधानी नैरोबी के पूर्व में स्थित माथारे स्लम में बहुत कीचड़ भर गया था। माथारे केन्या में दूसरा बड़ा स्लम है। मसेडो-पेइचिंग स्कूल इस स्लम की एक मुख्य सड़क के किनारे पर स्थित है। इस स्कूल की स्थापना केन्या स्थित चीनी दूतावास द्वारा वर्ष 2007 में पूंजी-निवेश लगाकर की गयी। वर्ष 2012 में इस स्कूल का विस्तार किया गया। आजकल माथारे स्लम में रहने वाले 500 से अधिक विद्यार्थी यहां पढ़ाई कर रहे हैं। 15 वर्षीय लड़की सेलविन कासोवा उनमें से एक है। उन्होंने कहा,मैं माथारे में पली-बढ़ी हूं। मेरे छोटे भाई व बहन भी यहां पढ़ते हैं। जीवन में हमें कोशिश करनी पड़ी, खास तौर पर अपने लक्ष्य के लिये कोशिश करनी पड़ी।

सेलविन कासोवा का लक्ष्य एक महिला फुटबाल खिलाड़ी बनना है। अब वे मसेडो-पेइचिंग स्कूल की फुटबाल क्लब की सदस्य हैं। उसी दिन आयोजित दान गतिविधि में केन्या-चीन आर्थिक व व्यापारिक संघ ने मसेडो-पेइचिंग स्कूल के फुटबाल क्लब को 20 हजार युआन वाले फुटबाल उपकरण दान किए। इस बात से सेलविन कासोवा बहुत खुश हैं, क्योंकि उन के पास नये पेशेवर स्नीकर्स व कपड़े मिले हैं। उन के अनुसार,फुटबाल खेलकर मैं जीवन में मौजूद तमाम चुनौतियों को भूल सकती हूं। इसलिये हम अपने कोच को बहुत धन्यवाद देना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने फुटबाल खेलने में हमें बड़ा समर्थन दिया। आज आप लोग हमारे लिये फुटबाल उपकरण लाए, हम बहुत आभारी हैं।

सेलविन कासोवा के फुटबाल क्लब का नाम है पेइचिंग कमांडो। क्योंकि चीन ने इस की बड़ी सहायता दी है। इस क्लब ने केन्या की राष्ट्रीय फुटबाल चैंपियनशिप में भाग लिया था। मसेडो-पेइचिंग स्कूल के प्रिंसिपल बेनेडिक्ट किआग ने संवाददाता से कहा कि फुटबाल स्थानीय बच्चियों के लिए एक सपना व बदलाव है। उन्होंने कहा,हमारे क्लब में एक महिला फुटबाल टीम है। जहां हम लड़कियों को फुटबाल खेलना सिखाते हैं। फुटबाल उन्हें स्कूल जाने में मदद दे सकता है। इसलिये हम बहुत धन्यवाद देते हैं कि चीनी लोगों ने बच्चों को फुटबाल व अन्य उपहार दिये हैं।

किआग भी माथारे स्लम में बड़े हुए हैं। अपनी पढ़ाई समाप्त करके वे माथारे में वापस लौटकर एक शिक्षक बने। उन की नज़र में शिक्षा व्यक्ति का भविष्य बदल सकती है। स्लम में रहने वाले बच्चों के लिये भी वह बराबर है। उन्होंने कहा कि बच्चे बाहर की दुनिया को जानने की जिज्ञासा रखते हैं। उन के अनुसार,मैं यह कहना चाहता हूं कि दिवस के मौके पर स्लम में रहने वाले बच्चे अन्य लोगों के साथ दिवस की खुशी मनाना चाहते हैं। इसलिये चीनी दूतावास और केन्या-चीन आर्थिक व व्यापारिक संघ ने इस वक्त पर यहां आकर दान किया। जो सभी बच्चों के लिये एक बहुत खुशी की बात है।

केन्या स्थित चीनी दूतावास के बिजनेस काउंसलर क्वो त्से ने कहा कि नव वर्ष के मौके पर केन्या स्थित चीनी दूतावास ने मसेडो-पेइचिंग स्कूल के बच्चों को एक साल का नाश्ता व लंच दान किया। केन्या-चीन आर्थिक व व्यापारिक संघ ने बच्चों को खाद्य-पदार्थ, उपहार व प्रोजैक्टर आदि चीज़ें दी। उन्हें आशा है कि केन्या में स्थित चीनी उद्यम और अच्छी तरह से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी ले सकेंगे। इस की चर्चा में उन्होंने कहा,मुझे विश्वास है कि मुफ्त नाश्ता व लंच बच्चों के स्वास्थ्य के लिये बहुत लाभदायक होंगे। साथ ही केन्या में स्थित चीनी पूंजी वाले उद्यम संघ ने भी दान किया। अगले चरण में हम इस बात पर और ध्यान देंगे कि केन्या में स्थित चीनी उद्यम ज्यादा सामाजिक जिम्मेदारी ले सकेंगे। उन में एक महत्वपूर्ण दिशा स्लम में रहने वाले बच्चों के जीवन को उन्नत करना है। हम कुछ सामाजिक कल्याण गतिविधियों का आयोजन करेंगे, केन्या-चीन संबंधों को और घनिष्ठ बनाएंगे, और नये युग में बेल्ट एंड रोड की कहानी अच्छी तरह से बताएंगे।

सेलविन कासोवा ने संवाददाता से कहा कि हालांकि स्कूल का नाम है पेइचिंग। लेकिन उन्होंने कभी चीन की यात्रा नहीं की। उन्हें आशा है कि किसी न किसी दिन वे पेइचिंग का दौरा कर सकेंगी। उन्होंने कहा,मुझे उम्मीद है कि मैं पेइचिंग जा सकूंगी। ताकि वहां मैं ज्यादा से ज्यादा मित्र बना सकूं। मेरे ख्याल से चीनी लोग बहुत मित्रवत हैं।

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