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संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व बाल दिवस की खुशी मनाई

2019-12-18 14:08:10
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दोस्तों, स्थानीय समयानुसार 20 नवंबर को न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में वर्ष 2019 विश्व बाल दिवस की खुशी मनाने के लिये एक भव्य समारोह आयोजित हुआ। इस मौके पर बाल अधिकार संधि को पारित करने की 30वीं वर्षगांठ की खुशियां भी मनायी गयी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने वीडियो भाषण देते समय विश्व के विभिन्न देशों से अपने वचन का पालन करके बच्चों को प्राथमिक स्थान पर रखने की अपील की। उन के अनुसार,30 वर्ष पहले विभिन्न देशों ने इकट्ठा होकर सारी दुनिया के बच्चों को वचन दिया और बाल अधिकार संधि पारित की। जो विश्व के बच्चों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिये एक कारगर वैश्विक वचन ही है। सभी देशों ने बच्चों की विशेष भेद्यता को समझकर उन्हें भोजन, चिकित्सा, शिक्षा व संरक्षण देने का वचन दिया। 30 वर्षों में हमने कुछ प्रगति हासिल की है। इस संधि को पारित करने की 30वीं वर्षगांठ पर मैंने सभी देशों को अपने वचन का पालन करने, और हर बच्चे के अधिकार की रक्षा करने के लिये फिर एक बार बच्चों को प्राथमिक स्थान पर रखने का वचन देने का आग्रह किया।

ठीक उसी दिन में 74वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा ने न्यूयार्क के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में बाल अधिकार संधि को पारित करने की 30वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक उच्च स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष की कार्यकारी निदेशक सुश्री हेनरिएत्ता फोर ने भाषण देते समय कहा कि वर्तमान में बाल अधिकारों का संरक्षण एक चौराहे पर खड़ा हुआ है, जिस के सामने नयी चुनौती पैदा हुई। विश्व के विभिन्न देशों के नेताओं और संबंधित पक्षों को बिते 30 वर्षों में प्राप्त ऐतिहासिक उपलब्धियों के आधार पर बाल अधिकारों की रक्षा के लिये नया वचन करना और नयी कार्रवाई करनी चाहिये। इस की चर्चा में उन्होंने कहा,बाल कार्य के लिये पूंजी लगाना सभी लोगों के अनवरत भविष्य को सुनिश्चित करने का सब से कारगर तरीका है। जब तक हम बाल अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिये नया वचन देंगे, तब तक हम आगामी 30 वर्षों में ज्यादा प्रगति हासिल करने की प्रतीक्षा में हो सकेंगे। साथ ही उन वचनों को ठोस कार्रवाई में लागू किया जाना चाहिये। और विश्व के हर देश, हर बस्ती, और बच्चों से जुड़े हर कार्यक्रम, नीति-नियम व सेवा में शामिल किया जाना चाहिये।

संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित चीनी स्थाई प्रतिनिधि च्यांग ज्वून ने सम्मेलन में भाषण देते समय चीन द्वारा बाल अधिकार संधि के सदस्य देश के रूप में बाल अधिकार की रक्षा में प्राप्त सफलताओं का परिचय दिया। उन के अनुसार,चीन बच्चों को प्राथमिक स्थान पर रखने पर कायम रहता है, और हमेशा से उनके विकास को राष्ट्रीय आर्थिक व सामाजिक विकास की व्यापक स्थिति में शामिल करता है। नयी चीन की स्थापना के 70 वर्षों, खास तौर पर सुधार व खुलेपन के 40 वर्षों में चीन के बाल कार्य में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। बच्चों के भोजन व कपड़े की समस्या का समाधान व्यापक रूप से किया गया है। बच्चों का स्वास्थ्य स्तर निरंतर रूप से उन्नत हो रहा है। वर्ष 2018 में शिशु मृत्यु दर 6.1 प्रति हजार तक कम हुई है। साथ ही बच्चों का शिक्षा स्तर भी लगातार उन्नत हो रहा है। नौ वर्षीय अनिवार्य शिक्षा को व्यापक रूप से प्रसार-प्रचार किया गया। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश व शिनच्यांग स्वायत्त प्रदेश के दक्षिण भाग में 15 वर्षों की मुक्ति शिक्षा भी प्राप्त है। चीन लगातार संधि में शामिल कर्तव्य निभाएगा, और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग करके वैश्विक बाल विकास कार्य को आगे बढ़ाएगा।

च्यांग ज्वून ने कहा कि बाल अधिकार संधि बच्चों के अधिकारों को मजबूत व रक्षा करने के लिये महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। लेकिन इस में शामिल सुन्दर इच्छा को पूरा करने के लिये अभी लंबा रास्ता तय करना है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को मानव समाज के विकास की रणनीतिक दृष्टि से बाल कार्य को देखना चाहिये, और अगली पीढ़ी के लिये अपना कर्तव्य निभाना चाहिये।

पहले, शांतिपूर्ण रूप से संघर्षों का समाधान करने पर कायम रहना, और बच्चों के स्वस्थ विकास के लिये शांतिपूर्ण वातावरण तैयार करना चाहिये। संघर्षों की रोकथाम व शांतिपूर्ण समाधान बच्चों की सब से कारगर रक्षा है। चीन हमेशा से वार्ता से शांतिपूर्ण ढंग से संघर्षों का समाधान मजबूत करता है, और यह रुख अपनाता है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संघर्ष से पीड़ित देशों को बच्चों की रक्षा करने के लिये वास्तविक मदद देनी चाहिये। चीन संयुक्त राष्ट्र संघ और सुरक्षा परिषद द्वारा सशस्त्र संघर्ष में बच्चों की रक्षा करने के लिये की गयी सभी कोशिशों का समर्थन देता है।

दूसरे, सरकारों को अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिये। विभिन्न देशों को बाल के विकास को अपना एक महत्वपूर्ण कर्तव्य मानना चाहिये, और अपने देश की वास्तविक स्थिति के अनुसार बाल अधिकारों का संरक्षण कार्य करना चाहिये। चीन ने निरंतर रूप से तीन चीनी बाल विकास की रूपरेखा बनाकर लागू किया है, और नाबालिगों का संरक्षण कानून समेत बाल अधिकारों के महत्वपूर्ण संरक्षण कानून बनाये हैं। जिससे एक संपूर्ण कानूनी व्यवस्था बनी हुई है।

तीसरे, विकास में बच्चों के अधिकारों को मजबूत व रक्षा करने पर कायम रहना चाहिये। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को वर्ष 2030 के अनवरत विकास कार्यक्रम को तेजी से लागू करना चाहिये, और बाल अधिकारों के संरक्षण के लिये भौतिक आधार व सुनिश्चितता तैयार करना चाहिये।

चौथे, मुश्किलों से पीड़ित बच्चों के सुनिश्चित कार्य को मजबूत करना चाहिये। चीन सरकार हमेशा के लिये अनाथों, बीमार व विकलांग बच्चों, बेघर बच्चों, और मां-बाप से अलग हुए बच्चों जैसे कमज़ोर समुदायों पर ध्यान व प्रेम करती है, और बच्चों से जुड़े हिंसा, दुर्व्यवहार, और बाल तस्करी आदि आपराधिक कार्रवाई को कड़ी सज़ा देती है। ताकि बाल कार्य निरंतर रूप से विकसित हो सकें।

उसी दिन संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के सद्भावना राजदूत डेविड बेकहम ने भी संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित गतिविधि में भाग लिया। उन्होंने कहा कि हमें वैश्विक बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिये, और बच्चों की इच्छा व सपना पर ध्यान देना चाहिये। उन के अनुसार, युवाओं को एक सुन्दर पृथ्वी घर चाहिये। जहां उन्हें काफ़ी समर्थन, अनवरत विकास के अनुकूल वातावरण व संसाधन मिल सकते हैं। विश्व के विभिन्न क्षेत्रों के बच्चे शांति की अपील करते हैं। उन्हें आशा है कि युद्ध व हिंसा समाप्त हो सकेंगे, राजनीतिक व सांस्कृतिक विभाजन खत्म हो सकेंगे। क्योंकि उक्त निरंतर संघर्ष उन की जान को धमकी दे रहे हैं, और उन के घरों व बस्तियों को बर्बाद कर रहे हैं।

गौरतलब है कि विश्व बाल दिवस की याद करने और बाल अधिकार संधि को पारित करने की 30वीं वर्षगांठ की खुशी मनाने के लिये विश्व की प्रसिद्ध इमारतें 20 नवंबर को नीले रंग के प्रकाश में दिखीं।

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