हांगकांग की महिला प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र संघ में भाषण देकर हिंसक अवैध कार्रवाई की निंदा की

2019-10-10 09:59:05
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दोस्तों, संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार परिषद का 42वां सम्मेलन 9 सितंबर को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में स्थित पालिस डेस नेशंस में उद्घाटित हुआ। हांगकांग महिला संघ की अध्यक्ष सुश्री हो छाओछुंग और निगरानी सलाहकार सुश्री वू शूछिंग ने गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधि के रूप में इस बार के मानवाधिकार परिषद के सम्मेलन में भाग लिया और भाषण भी दिया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हांगकांग की वास्तविक स्थिति का परिचय दिया, और जल्द ही हिंसक कार्रवाई को बंद करने और सामान्य सामाजिक व्यवस्था को बहाल करने पर हांगकांग की जनता की इच्छा को जताया।

गौरतलब है कि सुश्री हो छाओछुंग व वू शूछिंग दोनों हांगकांग की प्रसिद्ध सामाजिक व्यक्ति हैं। हो छाओछुंग मकाओ के गेमिंग टाइकून हो होंगशेन की बेटी हैं। साथ ही वे एक सफल व्यापारी भी हैं। अब वे हांगकांग के शिनडे ग्रुप की कार्यकारी अध्यक्ष हैं। जिन्हें हांगकांग में सबसे अमीर महिला माना जाता हैं। वू शूछिंग हांगकांग मेइशिन ग्रुप के संस्थापक वू चेनडे की बेटी हैं। वे भीतरी चीन में पहले चीनी और विदेशी संयुक्त पूंजी वाले उद्यम की संस्थापक ही हैं।

9 सितंबर को सुश्री हो छाओछुंग ने पैलेस देस नेशंस में संवाददाता को इन्टरव्यू देते समय कहा कि इस बार मैं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने हांगकांग की वास्तविक स्थिति को बताने और हांगकांग जनता द्वारा जतायी गयी हिंसक कार्रवाई को जल्द ही बंद करके सामान्य सामाजिक व्यवस्था को बहाल करने की इच्छा को व्यक्त करने के लिये यहां आयी हूं। उनके अनुसार,क्यों विदेशी मीडिया ने जो रिपोर्ट दी है, वह हांगकांग की वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती?हमारे हांगकांग के लोगों के दिल में बहुत डर है, लेकिन उन्होंने इसके बारे में कुछ भी रिपोर्ट नहीं दी। उन्होंने केवल एकतरफ़ से तथाकथित प्रदर्शनकारियों की रिपोर्ट दी, और कहा कि उनकी हिंसक कार्रवाई विनाशकारी व्यवहार नहीं है। इसके विपरीत उन्हें तथाकथित लोकतांत्रिक चेतना की उपाधि दी गयी। पर वास्तव में हम सामान्य हागंकांग जनता उनके साथ नहीं हैं।

सुश्री हो ने कहा कि वे इसलिये संयुक्त राष्ट्र संघ के सामने खड़ी होकर आवाज़ सुनाना चाहती हैं, क्योंकि हिंसक कार्रवाई लगातार हांगकांग में फैल रही है, और गंभीरता के साथ बढ़ रही है। जिसने लंबे समय तक हांगकांग की शांति, सुरक्षा की अंतर्राष्ट्रीय छवि को बर्बाद किया है। इससे सामान्य नागरिकों के दैनिक जीवन पर असर पड़ा है। यहां तक कि लोगों की व्यक्तिगत सुरक्षा को भी खतरा पहुंचा है। हांगकांग की अर्थव्यवस्था भी इस बात से बहुत हद तक प्रभावित हुई है। खास तौर पर मध्य और लघु उद्यमों का संचालन बहुत मुश्किल हो गया है। साथ ही हांगकांग में कुछ परिवारों के स्नेह पर भी कुप्रभाव डाला गया। परिवार में सदस्यों के मतभेद होने के कारण संघर्ष और गलतफ़हमियां पैदा हुईं। यहां तक कि कुछ युवक, जो उग्रवादी विचारों से प्रभावित हुए हैं, घर छोड़कर बाहर गये। सुश्री हो ने कहा कि हिंसा से हांगकांग के वर्तमान मामलों का समाधान नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा,शायद समाज में कुछ मतभेद मौजूद हैं। लेकिन मतभेदों का समाधान शांतिपूर्ण रुख से एक दूसरे का सम्मान करने और हांगकांग की रक्षा करने के आधार पर किया जाना चाहिये। इसलिये मैं मानवाधिकार परिषद में यह आशा जताना चाहती हूं कि अगर हांगकांग सचमुच विश्व में एक ध्यानाकर्षक जगह बनी है, तो विश्व को भी हांगकांग को उपाय ढूंढ़कर अपने मामलों का समाधान करने के लिये अवकाश और समय देना चाहिये।

सुश्री हो व सुश्री वू के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भाषण देने की खबर जारी होने के बाद उन्हें वेबसाइट पर हांगकांग की उग्रवादी व्यक्तियों द्वारा किया गया हमला, यहां तक कि व्यक्तिगत सुरक्षा देने की धमकी भी मिली। लेकिन वे इस से नहीं डरतीं। खास तौर पर सुश्री वू शूछिंग ने हाल ही में ऐसी स्कूल में विद्यार्थियों की हड़ताल करने का विरोध किया, जिनमें उन्होंने पूंजी लगाकर मदद दी है। इसलिये कुछ उग्रवादी सुश्री वू से नफ़रत करते हैं। 9 सितंबर को सुश्री वू ने संवाददाता से कहा कि हांगकांग की कुछ स्कूलों में चल रही हड़ताल के पीछे कोई इस का नियंत्रण कर रहा है। वे इसका कड़ा विरोध करती हैं। उनके ख्याल से विद्यार्थियों को हड़ताल नहीं करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि उन्हें विद्यार्थियों और शिक्षकों की ओर से आवाज़ निकलनी पड़ी। नहीं तो मन में बेचैनी होगी। उनके अनुसार,मैं जानती हूं कि वे मुझपर हमला करेंगे। बेशक मैं इस पर ध्यान दूंगी। लेकिन समस्या से डरकर मैं घर में नहीं छिप सकती। कुछ काम मुझे करना होगा। अगर अब मैंने यह नहीं किया, तो भविष्य में मेरे दिल में ज़रूर बेचैनी होगी।

11 सितंबर को सुश्री हो छाओछुंग ने संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार परिषद के 42वें सम्मेलन में भाषण दिया। उन्होंने हांगकांग में कुछ उग्रवादी हिंसक व्यक्तियों की निंदा की, और हिंसक कार्वराई को बंद करने की अपील भी की। उनके अनुसार हाल के तीन महीनों में हांगकांग के आम नागरिक हिंसक कार्रवाई से पीड़ित हैं। उन कार्रवाइयों से सैकड़ों लघु उद्यम बंद हो गये हैं। बहुत मज़दूर बेरोज़गार हो गये। हांगकांग के सामान्य नागरिक अवैध हिंसक कार्रवाई के शिकार बने। साथ ही एक महिला प्रतिनिधि के रूप में सुश्री हो ने हिंसक कार्रवाई से मां, बच्चों व परिवारों को दी गयी तकलीफ़ को बताया। उन के अनुसार,बहुत निराश माता जी ने अपने अपने परिवार में पैदा संघर्ष व झगड़े के बारे में बताया। और बहुत से युवकों ने घर से निकलकर विरोध प्रदर्शन किया, और आपराधिक गतिविधि भी की। जो बहुत चिंताजनक है। हांगकांग के विभिन्न उम्र वाले बच्चों को स्कूल में या वेबसाइट पर पुलिस से नफ़रत करने, सरकार का विरोध करने, और बड़े पैमाने पर हड़ताल करने का प्रोत्साहन दिया गया। उन बच्चों, जो इस प्रकार की कार्रवाई को इनकार करते हैं, को वास्तविक जीवन में और वेबसाइट पर दुर्भावनापूर्ण उत्पीड़न और धमकी मिलती हैं।

सुश्री हो ने कहा कि हांगकांग के उग्रवादी व्यक्तियों ने अपनी इच्छा से सार्वजनिक संपत्ति को बर्बाद किया, और सार्वजनिक यातायात को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने मीडिया और इंटरनेट द्वारा व्यक्तिगत गोपनीयता का उल्लंघन किया, और फेक न्यूज़ का प्रसार-प्रचार किया।

सम्मेलन में भाग लेने वाले कई प्रतिनिधियों ने सुश्री हो द्वारा दिये गये भाषण का समर्थन दिया, और हांगकांग समाज से तर्कसंगत रूप से इस मामले का समाधान करने की अपील की। उन्हें आशा है हांगकांग में जल्द ही शांति और सुरक्षा का बहाल हो सकेगी

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