ज्येफ़ांग सड़क पर स्थित एक सौ वर्षीय प्राइमरी स्कूल

2019-10-01 20:09:33
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दोस्तों, वर्ष 2019 के 1 अक्तूबर को चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। अगर आप ने चीन की यात्रा की थी, तो शायद यह पता होगा कि चीन के बहुत शहरों में एक ऐसी सड़क होती है, जिस का नाम ज्येफ़ांग (इस का मतलब है मुक्ति) या ज्येनक्वो (इस का मतलब है देश की स्थापना) है। ये नाम उन शहरों की मुक्ति या नये चीन की स्थापना की याद में दिये गये हैं। हाल ही में संवाददाता ने उन शहरों का दौरा किया, जिन्होंने दक्षिण एशियाई देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखे हैं। आज हम उन शहरों की ज्येफ़ांग सड़क या ज्येनक्वो सड़क की कहानी बताकर 70 वर्षों में चीन के बड़े बदलाव को दिखाएंगे।

चीन व पाकिस्तान अच्छे पड़ोसी देश, अच्छे मित्र, अच्छे साझेदार व अच्छे भाई हैं। वर्ष 2015 में पूर्वी चीन के समुद्री क्षेत्र में एक शहर ने पाकिस्तान के ऐतिहासिक प्रसिद्ध शहर लाहौर के साथ औपचारिक रूप से मैत्रीपूर्ण शहर संबंधों की स्थापना की। यह शहर है येनथाई। आज की कहानी तो येनथाई शहर की चीफ़ू कस्बे की ज्येफ़ांग सड़क पर स्थित यांगचेन नामक एक प्राइमरी स्कूल से शुरू होगी।

यांगचेन प्राइमरी स्कूल का इतिहास सौ वर्ष से अधिक हो चुका है। वह येनथाई में कम्युनिज्म का प्रसार-प्रचार करने का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। स्कूल की कुलपति सुश्री ल्यांग लैनचे ने बताया कि नये चीन की स्थापना से पहले यांगचेन प्राइमरी स्कूल ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिये बहुत प्रगतिशील युवाओं को प्रशिक्षण दिया था, जिसने येनथाई शहर की मुक्ति के लिये सुयोग्य व्यक्तियों का आधार तैयार किया। उन के अनुसार,इतिहास में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कई सदस्य यांगचेन प्राइमरी स्कूल के शिक्षक की हैसियत से विद्यार्थियों में मार्क्सवाद-लेनिनवाद और देश व जनता को बचाने के विचार का प्रसार-प्रचार करते थे। उदाहरण के लिये येनथाई में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सब से पहले सदस्य, और क्षेत्रीय संगठन के संस्थापक श्री क्वो शोशेन, और सीपीसी की पहली येनथाई कमेटी के सचिव श्री शू त्वेनयून।

नये चीन की स्थापना के बाद यांगचेन स्कूल ने बच्चों के लिये पढ़ाई के बेहतर वातावरण तैयार करने में बड़ी कोशिश की। उन्होंने कहा,नये चीन की स्थापना के बाद यांगचेन स्कूल तेजी से विकसित हुआ। स्कूल की स्थिति में बड़ा बदलाव हुआ। वर्ष 1987 में सरकार ने स्कूल की इमारत में सुधार किया। और एक चार मंजिल वाली नयी शिक्षा इमारत की स्थापना की, जिस का कुल क्षेत्रफल 3600 वर्ग मीटर है। साथ ही स्कूल में आंतरिक सुविधाएं भी बदल गयीं। वर्तमान में वायरलेस नेटवर्क ने स्कूल की पूर्ण कवरेज की है। हर कक्षा में बच्चे विश्व के साथ बातचीत कर सकते हैं।

यांगचेन स्कूल में 33 वर्षों तक काम करने वाली गणित शिक्षक सो श्यांगह्वा ने कहा कि स्वतंत्र शिक्षा देने से विद्यार्थियों की व्यापक गुणवत्ता विकसित हुई है। आत्म प्रोत्साहन और आत्म विकास के शिक्षा विचार के नेतृत्व में विद्यार्थियों का पढ़ाई का लक्ष्य और स्पष्ट हो गया है, साथ ही पढ़ाई का शौक और सृजन क्षमता भी स्पष्ट रूप से बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा,हमारे स्कूल में शिक्षा विचार के बदलाव ने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी। युग के साथ स्कूल में निरंतर रूप से नये विषय शामिल होते हैं। शुरू में केवल ज्ञान का प्रसार-प्रचार था, पर अब क्षमता के प्रशिक्षण पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आज के बच्चे, उन का ज्ञान बहुत विस्तृत है, विचार-विमर्श करने का तरीका भी ज्यादा लचीला हो चुका है। खास तौर पर सृजन विचार ज्यादा मजबूत हो चुका है। इन बदलावों ने बच्चों के बड़े होने के लिये मजबूत आधार तैयार किया है। इसलिये यांगचेन स्कूल से स्नातक हुए विद्यार्थी युग की गति के साथ अपनी सुन्दर जिन्दगी बिता सकते हैं।

पांचवीं कक्षा की छात्रा छन युएयाओ स्कूल में एक छोटी होस्टेस हैं। उन्हें स्कूल में बाल दिवस की सांस्कृतिक प्रस्तुति में होस्टेस बनने का मौका मिला। जिससे भविष्य में उन्होंने एक होस्टेस बनने का सपना पैदा किया। अब वे इस लक्ष्य के लिये कोशिश कर रही हैं। उन के अनुसार,अवकाश के वक्त मैं होस्ट से जुड़ी कक्षा लेती हूं, और टीवी में न्यूज़ व कविता पढ़ने की प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम देखती हूं। मैं उन श्रेष्ठ होस्टों के उच्चारण व तकनीक सीखती हूं। मैं अच्छी तरह से पढ़ाई करूंगी। क्योंकि एक अच्छी होस्टेस बनने के लिये केवल बातचीत करने में माहिर नहीं, जानकार भी हूंगी। मैं प्रसिद्ध होस्टेस तुंग छिंग की तरह एक श्रेष्ठ होस्टेस बनना चाहती हूं।

चौथी कक्षा की छात्रा यू फ़ानथुंग एक बार कक्षा में चीनी भाषा की शिक्षक बनी। इस के बाद उन्होंने भाषा की अभिव्यक्ति को पसंद करना शुरू किया। साथ ही वे स्कूल रेडियो की एक छोटी उद्घोषक बनी। उन्होंने कहा,मैं हमारी कक्षा में विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाली पहली छात्रा हूं। सभी विद्यार्थियों को मेरी कक्षा पसंद आती है। जवाब देते समय उन्होंने अपने हाथ ऊपर उठाए। शिक्षा देने के लिये मैंने जानकारी एकत्रित करने, कक्षा की तैयारी करने, पीपीटी बनाने, और प्रदर्शन करने समेत सभी काम अपने आप किये हैं। इस दौरान मेरी क्षमता बढ़ गयी, और मेरा आत्मविश्वास भी उन्नत हो गया।

युग के विकास से मेल खाने के लिये स्कूल ने सृजन शिक्षा विचार के अलावा विद्यार्थियों के विकास के लिये विशेष कक्षाओं की स्थापना भी की। शिक्षक सून ज़ीहान ने कहा कि यांगचेन स्कूल में सुलेख, पेइचिंग ओपेरा, कप नृत्य, फुटबाल, नाटक, कंप्यूटर आदि विशेष कक्षाओं की स्थापना की गयी। उन कक्षाओं को लेने के बाद विद्यार्थियों का जीवन और समृद्ध बन गया। और उन की व्यापक गुणवत्ता भी उन्नत हो गयी। उन्होंने कहा,हमारे स्कूल ने इसलिये उन विशेष कक्षाओं की स्थापना की, क्योंकि ये कक्षाएं बच्चों के शौक को बढ़ाने, क्षमता को मजबूत करने, और जीवन को समृद्ध बनाने के लिये लाभदायक हैं। हर बच्चे को मुक्ति से विकास करने की गुंजाइश मिल सकती है। बच्चे बातचीत करने या चित्र बनाने के दौरान अपने विचार इसमें शामिल कर सकते हैं। बच्चों की कल्पना बड़ी हद तक विकसित हो सकेगी। इसलिये उन्हें विशेष कक्षाएं बहुत पसंद हैं।

चौथी कक्षा की छात्रा चेन छिंगयून के परिजन पेइचिंग ओपेरा के प्रेमी हैं। परिवार के प्रभाव से छिंगयून को भी बचपन से ही पेइचिंग ओपेरा पसंद है। यांगचेन स्कूल में स्थापित विशेष कक्षा ने उन का सपना पूरा किया। उन के अनुसार,मुझे पेइचिंग ओपेरा बहुत पसंद है। क्योंकि वह चीन की राष्ट्रीय मूल्यवान कला है। पेइचिंग ओपेरा की पोशाक भी बहुत सुन्दर है। मैं स्कूल की पेइचिंग ओपेरा विशेष कक्षा लेना बहुत पसंद करती हूं।

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