चीन में महिलाओं का राजनीतिक स्थान स्पष्ट रूप से उन्नत हुआ

2019-09-26 08:53:50
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19 सितंबर को चीन ने《समानता, विकास, साझा:नये चीन के 70 वर्षों में महिला कार्य के विकास व प्रगति》नामक श्वेत पत्र जारी किया। श्वेत पत्र में यह कहा गया है कि 70 वर्षों में चीनी राष्ट्र के कमजोर से शक्तिशाली बनने की महान छलांग में चीन के महिला कार्य में उल्लेखनीय ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुईं। महिलाओं का राजनीतिक स्थान स्पष्ट रूप से उन्नत हो चुका है। चीनी महिलाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा पाने के अधिकारों को व्यापक रूप से सुनिश्चित किया गया है। महिलाओं को अपनी शक्ति दिखाकर ज्यादा से ज्यादा खुशी, सुख व सुरक्षा मिल सकती है।

उसी दिन जारी《समानता, विकास, साझा:नये चीन के 70 वर्षों में महिला कार्य के विकास व प्रगति》श्वेत पत्र के अनुसार चीन पुरुषों की तरह महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा पर बड़ा ध्यान देता है। नये चीन की स्थापना के आरंभ में कानून में इस बात की पुष्टि की गयी कि महिलाएं पुरुषों की तरह समान चुनाव अधिकार, निर्वाचित अधिकार, और राष्ट्रीय मामलों का प्रबंध करने का अधिकार प्राप्त करें। हाल के कई वर्षों में राष्ट्रीय शासन व्यवस्था व शासन क्षमता के आधुनिकीकरण को मजबूत करने की प्रक्रिया में देश व समाज के मामलों के प्रबंध में महिलाओं की भागीदारी का स्तर व्यापक रूप से उन्नत हुआ है। गत वर्ष पूरे चीन की सरकारी संस्थाओं के नेताओं में महिलाओं का अनुपात 22.2 प्रतिशत तक पहुंच गया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधियों में एक चौथाई महिलाएं हैं। साथ ही बुनियादी कार्यों में महिलाओं की भागीदारी और विस्तृत हुई है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में सभी बुनियादी जनता समितियों के सदस्यों में आधी संख्या महिलाओं की है।

चीनी राज्य परिषद की महिला व बाल कार्य कमेटी की उपाध्यक्ष, चीनी राष्ट्रीय महिला संघ की उपाध्यक्ष ह्वांग श्याओवेई ने कहा कि 70 वर्षों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा लैंगिक समानता के राजनीतिक रुख पर कायम रही है, और महिलाओं की मुक्ति व लैंगिक समानता प्राप्त करने की कोशिश करने को लक्ष्य मानती है। महिलाओं के अधिकारों व हितों को सुनिश्चित करने से जुड़े कानूनी व्यवस्था और संबंधित अभ्यास निरंतर रूप से सुधर रहे हैं। उन के अनुसार,अब महिलाओं के अधिकारों व हितों की रक्षा करने के लिये संविधान के आधार पर महिला अधिकार संरक्षण कानून और 100 से अधिक नीति-नियमों समेत एक कानूनी व्यवस्था बनायी गयी है, जिसने महिलाओं की रक्षा करने के लिये कानूनी आधार तैयार किया है। वर्ष 2018 के अंत तक पूरे चीन के 30 प्रांतों (क्षेत्रों, शहरों) में कानून के आधार पर लैंगिक समानता की मूल्यांकन व्यवस्था की स्थापना की गयी। लैंगिक समानता का विचार कानून व नीति-नियमों को बनाने, लागू करने और निगरानी करने जैसे हर क्षेत्र में पहुंच गया। लैंगिक समानता की कानूनी सुनिश्चितता ज्यादा से ज्यादा व्यापक बन गयी।

श्वेत पत्र में यह कहा गया है कि महिलाओं व बच्चों का स्वास्थ्य जनता के स्वास्थ्य की आधारशिला है। चीन महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य कार्य पर बड़ा ध्यान देता है और इसे विकसित करता है। महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य की सुनिश्चितता को चीन की राष्ट्रीय रणनीति में शामिल किया गया है। साथ ही चीन लगातार महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े कानून व नीति-नियम की व्यवस्था में सुधार करता है। पूरे चीन के शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं व बच्चों की स्वास्थ्य सेवा का त्रिस्तरीय नेटवर्क प्राप्त है। महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों पर जोर दिया जाता है। महिलाओं व बच्चों की सेवा में निष्पक्षता व समानता निरंतर रूप से उन्नत हो रही है। महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति स्पष्ट रूप से सुधर चुकी है।

जानकारी के अनुसार चीन के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिये स्तन कैंसर व सरवाइकल कैंसर की जांच शुरू होने के बाद 8.5 करोड़ महिलाओं की निःशुल्क सरवाइकल कैंसर की जांच की गयी, और 2 करोड़ महिलाओं के लिये निःशुल्क स्तन कैंसर की जांच की गयी। इनके अलावा उक्त कैंसर से ग्रस्त विशेष गरीब महिलाओं व कम आय वाली महिलाओं को चिकित्सा सहायता भी दी गयी। चीनी राष्ट्रीय महिला संघ की उपाध्यक्ष थेन लिन ने कहा कि चीन ने महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत किया, और महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर को उन्नत किया। उन्होंने कहा,व्यापक रूप से दो-बच्चों की नीति लागू किए जाने के बाद देश ने गर्भावस्था की देखभाल सेवा को मजबूत किया। गर्भावस्था से पहले परामर्श क्लिनिक की स्थापना की गयी। साथ ही गर्भावस्था से पहले जांच करने का प्रसार-प्रचार करने, प्रसव के बाद देखभाल कार्य को मजबूत करने, और बच्चे को जन्म देने के बाद सभी महिलाओं को निःशुल्क 42 दिनों की जांच सेवा देने समेत सेवा दी गयी। उन के अलावा देश ने महिला व बाल स्वास्थ्य देखभाल संस्थाओं को विभिन्न उम्र वाली महिलाओं के लिये विभिन्न सेवा देने के लिए प्रोत्साहन दिया। चाहे किशोर लड़की हो या रजोनिवृत्त महिला, सभी को उचित स्वास्थ्य सेवा मिल सकी।

आंकड़ों के अनुसार पूरे चीन में 15 वर्ष से अधिक उम्र वाली महिलाओं में अशिक्षा दर नये चीन की स्थापना से पहले के 90 प्रतिशत से वर्ष 2017 के 7.3 प्रतिशत तक कम हो गयी। नौ वर्षीय अनिवार्य शिक्षा में लैंगिक भेद खत्म हो गया। चीनी राष्ट्रीय महिला संघ की अंशकालिक उपाध्यक्ष मंग मान ने कहा कि महिला अनपढ़ को खत्म करने के आधार पर चीन ने बच्चियों के बुनियादी शिक्षा पाने के अधिकार व मौके को सुनिश्चित करने पर बड़ा ध्यान दिया। उन के अनुसार,हमारे देश का बुनियादी कानून यानी संविधान, और अनिवार्य शिक्षा कानून के अनुसार बच्चियों को समानता से शिक्षा पाने का अधिकार प्राप्त है। महिला अधिकार संरक्षण कानून में भी स्पष्ट रूप से यह आग्रह किया गया है कि मां-बाप या अन्य अभिभावकों को उचित उम्र की बच्चियों के अनिवार्य शिक्षा पाने को सुनिश्चित करना होता है। वर्ष 2017 में चीन के स्कूलों में लड़कियों की नामांकन दर 99.9 प्रतिशत तक पहुंच गयी, जो लड़कों की तरह है। और एक उदाहरण के लिये अब उच्च शिक्षा में छात्राओं का अनुपात 52.5 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो छात्रों से और अधिक है।

श्वेत पत्र में कहा गया कि पिछले 70 सालों में चीनी महिला कार्य चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और देश के कार्य के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में पीढ़ी दर पीढ़ी वाली महिलाओं ने चीन के निर्माण, सुधार और विकास में अहम योगदान दिया है। चीनी महिलाओं के स्थान में जमीन-आसमान का परिवर्तन आया है।

श्वेत पत्र में कहा गया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस (नवम्बर 2012) के बाद से लेकर अब तक शी चिनफिंग की नए युग में चीनी विशेषता वाले समाजवाद की विचारधारा के मार्गदर्शन पर चीनी महिलाएं विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही हैं। वे कानून के अनुसार लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करती हैं, समानता के साथ आर्थिक सामाजिक विकास में भाग लेती हैं और सुधार व खुलेपन के फलों का उपभोग करती हैं। इस दौरान चीनी महिला कार्य में ध्यानाकर्षक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुईं।

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