हांगकांग के बच्चों को अपनी दृष्टि का विस्तार करना चाहिये

2019-09-11 16:47:41
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दोस्तों, हांगकांग के सियु सैइ वान में एक आधुनिक स्कूल स्थित है, जिस का नाम है चीनी कोष मिडिल स्कूल यानी सीएफ़एसएस। यहां संवाददाता ने भीतरी चीन में पहले चीनी व विदेशी संयुक्त पूंजी वाले उद्यम की संस्थापक वू शूछिंग के साथ इंटरव्यू लिया। चाहे सुश्री वू कितनी व्यस्त हैं, पर वे ज़रूर इंटरव्यू देने का स्थल यहां निश्चित करती हैं। क्योंकि इस स्कूल में उन की देशभक्ति बचपन से ही पैदा हुई थी। देश व हांगकांग के प्रति उन की भावना बहुत गहरी है। यहां उन्होंने हांगकांग के बच्चों से अपनी दृष्टि का विस्तार करने और सक्रिय रूप से देश के विकास में शामिल होने की अपील की।

इस स्कूल की ऊपरी मंजिल पर स्थित पुस्तकालय में विशेष तौर पर चीनी अंतरिक्ष के रॉकेट मोडल प्रदर्शित किये गए हैं। वू शूछिंग ने संवाददाता को बताया कि जब वे हांगकांग के स्कूल में पढ़ रही थी, तो शिक्षक ने तरह तरह की विविध कहानियों के माध्यम से देशभक्ति की भावना विद्यार्थियों के दिल में बसा दी। उस समय की शिक्षा ने उनके जीवन पर गहरी छाप छोड़ी। उन के अनुसार, प्राइमरी स्कूल से हमें पता चला कि देश की भूमि की रक्षा हमें अपने आप करनी चाहिये। दूसरों को इस पर कब्ज़ा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। साथ ही पाठ्यपुस्तकों ने भी सकारात्मक रूप से हमें यह बताया कि कैसे एक चीनी नागरिक बना जा सकता है? हमें अपने देश के लिये काम करना चाहिये। मिडिल स्कूल में पढ़ते समय हमने बहुत क्लासिक पुस्तकें और चीन के इतिहास से जुड़ी बहुत पुस्तकें पढ़ी। इसलिये स्कूल में हमने यह शिक्षा ली कि एक चीनी व्यक्ति के रूप में कौन सी कार्रवाई देशभक्तिपूर्ण है। मुझे लगता है कि उन सभी बातों का मुझ पर बड़ा असर पड़ा। यही कारण है कि मैंने हांगकांग में एक स्कूल की स्थापना की।

देशभक्ति का बीज बचपन से ही वू शूछिंग के मन में बोया हुआ है। बाद में उन का सपना यह था कि हांगकांग के युवाओं को व्यापक रूप से चीन के इतिहास व संस्कृति को समझना चाहिये, ताकि मातृभूमि के प्रति उन की पहचान व अपनेपन को मजबूत किया जा सके। इसलिये वर्ष 1998 के आरंभ में उन्होंने हांगकांग चीनी युवा इतिहास व संस्कृति शिक्षा कोष की स्थापना की। हर वर्ष वे हांगकांग के युवाओं का प्रबंध करके भीतरी चीन की यात्रा करती हैं। वर्ष 2000 में उन्होंने चीनी कोष मीडिल स्कूल की स्थापना की, जो हांगकांग के शिक्षा जगत में एक सकारात्मक मॉडल बन गया है।

इन्टरव्यू के दौरान वू शूछिंग ने संवाददाता से कहा कि उन की देशभक्ति धीरे धीरे से पैदा हुई। स्कूल की शिक्षा के अलावा पारिवारिक शिक्षा भी होती है। पर सब से महत्वपूर्ण शिक्षा तो अपने आप को दी गयी शिक्षा है। मन में यह समझना चाहिये कि मैं एक चीनी व्यक्ति हूं। उन के अनुसार, मेरे घर में पारिवारिक शिक्षा बहुत गंभीर है। जब मैं विदेश में पढ़ रही थी, तो मेरी मां ने मुझ से यह आग्रह किया कि मुझे चीनी भाषा में पत्र लिखने की आवश्यकता है। नहीं तो वे यह पत्र नहीं पढ़ेंगी। उन्होंने मुझे यह समझाना चाहा कि मैं एक चीनी व्यक्ति हूं।

चीन में सुधार व खुलेपन के आरंभ में भीतरी चीन के पहले चीनी व विदेशी संयुक्त पूंजी वाले उद्यम, यानी पेइचिंग विमानन भोजन लिमिडेट कंपनी की स्थापना की याद करते हुए वू शूछिंग ने कहा कि एक चीनी व्यक्ति के रूप में मुझे बहुत खुशी हुई कि मैंने अपने पिता जी के साथ चीन के विकास के लिये कुछ योगदान दिया है। उन्होंने कहा, हमने केवल सुधार व खुलेपन की पुष्टि ही नहीं की, इस में भाग भी लिया है। उस समय मैंने वूहान शहर से क्वांगचो शहर तक जाने की रेल गाड़ी में बैठकर रेडियो से यह सुना है कि श्री तंग श्याओफिंग ने कहा कि हमें सुधार व खुलापन करना चाहिये, पूंजी-निवेश को आकर्षित करना चाहिये। साथ ही हम विदेशी व्यापारियों का स्वागत भी करते हैं। उस समय मुझे लगा कि हम हांगकांग की श्रेष्ठता से लाभ उठाकर देश के विकास के लिये कुछ काम कर सकेंगे। ताकि हांगकांग को लाभ मिलने के साथ देश की सेवा भी की जा सके। क्योंकि हम सभी चीनी लोग हैं।

हांगकांग व भीतरी चीन तथा विश्व के अन्य देशों व क्षेत्रों के बीच यात्रा के दौरान वू शूछिंग ने धीरे धीरे से इस बात पर ध्यान दिया कि भीतरी चीन व हांगकांग के युवाओं में हाल के दसेक वर्षों में क्या बदलाव हुआ है। इस के प्रति वू शूछिंग हांगकांग के युवओं को यह कहना चाहती हैं कि कुएं के नीचे रहने वाले मेंढ़क मत बनो, अपनी दृष्टि का विस्तार करो। इस की चर्चा में उन्होंने कहा,मुझे लगता है कि पहले हांगकांग का विकास भीतरी चीन से ज्यादा तेज था, लेकिन अब भीतरी चीन का विकास हांगकांग से ज्यादा तेज हो गया। 20 वर्षों में भीतरी चीन के बहुत युवाओं ने शिक्षा व बाहर से आई सूचनाओं से अपने स्तर को उन्नत किया है। उन्हें नयी जानकारियां सीखने का बड़ा शौक है। साथ ही काम करने की गति भी बहुत तेज़ है। क्योंकि हांगकांग एक छोटी जगह है, इसलिये यहां के युवाओं की दृष्टि भीतरी चीन के युवाओं की तरह इतनी विस्तृत नहीं है। इसलिये मैं अकसर हांगकांग के युवाओं को हांगकांग के मंच के माध्यम से भीतरी चीन के साथ घनिष्ठ सहयोग करने को प्रोत्साहन देती हूं।

वू शूछिंग ने हांगकांग में युवाओं के विकास के लिये बहुत काम किये। उन्होंने न सिर्फ़ हांगकांग के युवाओं को मातृभूमि की संस्कृति व इतिहास को बताया, बल्कि युवाओं की देशभक्ति व हांगकांग से प्रेम को भी मजबूत किया। वे भविष्य में हांगकांग के युवाओं के विकास पर बड़ा ध्यान देती हैं। वू शूछिंग ने कहा कि भविष्य में हांगकांग का महत्व क्वांगतुङ, हांगकांग व मकाओ का बड़ा खाड़ी क्षेत्र है। हांगकांग को सक्रिय रूप से देश के विकास में भाग लेना चाहिये। इस की चर्चा में उन्होंने कहा, हांगकांग का भविष्य देश के विकास से जुड़ना चाहिये। क्वांगतुङ, हांगकांग व मकाओ के बड़े खाड़ी क्षेत्र पर महत्व देना चाहिये। हम बाहर के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे, और विदेशों से ज्यादा अच्छे उत्पादों व अच्छी तकनीकों का आयात करेंगे। क्योंकि अब देश का विकास बहुत तेज है। हांगकांग को चीन के विश्व में जाने का एक मंच बनना चाहिये। हांगकांग को बाहर से ज्यादा आधुनिक तकनीक व सूचना इकट्ठा कर क्वांगतुङ, हांगकांग व मकाओ के बड़े खाड़ी क्षेत्र, पेइचिंग व चीन के अन्य क्षेत्रों को देना चाहिये।

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