चीनी प्राइमरी स्कूल के बारे में एक कहानी

2019-07-08 10:05:10
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn
1/10

53 वर्षीय मा श्याओश्यांग छुंगछिंग शहर के खाईचो क्षेत्र के पाईछुएन गांव में स्थित शांति व आशा केंद्रीय प्राइमरी स्कूल के एक अध्यापक हैं। उन्हें इस स्कूल में पढ़ाते हुए 32 वर्ष बीत चुके हैं।

पाईछुएन गांव छुंगछिंग शहर के खाईचो क्षेत्र के उत्तर में स्थित है। जो शहर से 105 किमी दूर है। इसलिये शांति व आशा केंद्रीय प्राइमरी स्कूल खाईचो के शहरी क्षेत्र से सब से दूर स्कूल बन गया है। इस स्कूल की स्थापना वर्ष 1939 में हुई। मा श्याओश्यांग के पिता जी तो इस स्कूल के अध्यापक थे। इसलिये मा श्याओश्यांग का बचपन यहां बीत चुका है।

मा ने अपनी आंखों से इस स्कूल के 40 से अधिक वर्षों के बदलाव को देखा। उन के ख्याल से वर्तमान के बच्चे अच्छे युग में रहते हैं।

शांति व आशा केंद्रीय प्राइमरी स्कूल एक बोर्डिंग स्कूल है। विद्यार्थियों की कुल संख्या लगभग 500 है। उन विद्यार्थियों में आधे से ज्यादा बच्चे मां-बाप के साथ नहीं रहते। वे स्कूल में खाना खाते हैं, जीवन बिताते हैं, और पढ़ाई करते हैं। बच्चों व अध्यापकों के संबंध एक स्नेहपूर्ण परिवार के सदस्य जैसे हैं। मा श्याओश्यांग की एक छात्रा हो थिंगथिंग ने स्कूल के बदलाव पर एक लेख लिखा।

लेख में उन्होंने यह लिखा है कि 40 वर्ष पहले हमारे स्कूल में केवल एक शिक्षण इमारत थी, जो मिट्टी से बनायी गयी थी। इस इमारत में कुल तीन मंजिलें थीं। हर मंजिल पर चार क्लास रूम थे। जमीन बहुत असमतल थी। और कमरों में भी बहुत धूल थी। क्लास रूम में ब्लैकबोर्ड लकड़ी से बना हुआ था। चॉक का भी अभाव था। लेकिन आज हमारी शिक्षण इमारत नव निर्मित है। मल्टीमीडिया कक्षा में किताब पढ़ने की आवाज़ गूंज रही है।

40 वर्ष पहले हमारा खेल का मैदान बहुत खराब था। कभी कभार विद्यार्थी खेलते समय अचानक गिर पड़ते थे। व्यायाम करते समय भी खूब तकलीफ़ मौजूद थीं। इसलिये खेल समारोह का आयोजन बहुत कम होता था। लेकिन आज का खेल का मैदान ऐसा है कि चाहें हम खेलते समय गिर भी जाएं तो चोट नहीं लगेगी। मैदान पर व्यायाम करने के अलावा हम नृत्य भी कर सकते हैं।

इस लेख में छोटी छात्रा ने छात्रावास, भोजनालय, विद्यार्थियों के कपड़े आदि पक्षों में स्कूल के बदलाव के बारे में भी बताया। इससे पता चलता है कि 40 वर्षों में चीनी स्कूलों में कितना सुधार हुआ है।

शेयर