शी चिनफिंग का पत्र पढ़कर लाओस के विद्यार्थियों को बड़ा प्रोत्साहन मिला

2019-05-25 15:19:49
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दोस्तों, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के महासचिव, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 30 अप्रैल को लाओस के चीन-लाओस नोंगपिंग प्राइमरी स्कूल के सभी विद्यार्थियों व शिक्षकों को पत्र भेजकर उन्हें अच्छी तरह से चीन-लाओस मित्रता का उत्तराधिकारी बनने के लिए प्रोत्साहन दिया।

चीन-लाओस नोंगपिंग प्राइमरी स्कूल की कुलपति बौनमी विलायसान ने उत्साह के साथ संवाददाता से कहा कि,हमें 30 अप्रैल को पता चला कि राष्ट्रपति शी ने हमें पत्र भेजा। हमारे लिये यह बड़ी बात है। हमें यह लगता है कि राष्ट्रपति शी ने हम पर बड़ा ध्यान दिया। हम बहुत खुश हैं, जैसे बच्चे ने अपने पिता जी को पत्र भेजा, फिर पिता से जवाब मिला।

57 वर्षीय बौनमी चीन-लाओस नोंगपिंग प्राइमरी स्कूल की प्रधानाचार्य हैं। उन्होंने अपनी आंखों से चीनी शांति विकास कोष की मदद से इस प्राइमरी स्कूल में हुए ज़मीन आसमान के बदलाव को देखा। वे तो वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने चीन-लाओस नोंगपिंग प्राइमरी स्कूल के सभी विद्यार्थियों व शिक्षकों की ओर से राष्ट्रपति शी को पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने सच्चे दिल से चीन को नोंगपिंग प्राइमरी स्कूल के निर्माण में सहायता देने के लिए धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति शी के जवाबी पत्र से वे बहुत प्रभावित हुई। इसकी चर्चा में उन्होंने कहा,राष्ट्रपति शी के जवाबी पत्र पढ़कर हम बहुत खुशी व गौरव महसूस करते हैं। पत्र से हमें पता चला है कि राष्ट्रपति शी हमारे विद्यार्थियों की पढ़ाई और देश के विकास पर बड़ा ध्यान देते हैं। हालांकि यह पत्र लंबा नहीं है। लेकिन हमारे लिये यह बहुत सार्थक है। राष्ट्रपति शी हमारी चिंता करते हैं, जैसे मां-बाप अपने बच्चे की चिंता करते हैं।

इस वर्ष के अप्रैल के अंत में कुलपति बौनमी ने स्कूल के विद्यार्थियों व शिक्षकों के प्रतिनिधियों को लेकर चीन में जाकर दूसरे बेल्ट एंड रोड अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शिखर मंच की एक शाखा मंच में भाग लिया। जिससे स्कूल के विद्यार्थियों व शिक्षकों को पेइचिंग का दौरा करने का मौका मिला। चीन-लाओस नोंगपिंग प्राइमरी स्कूल में पढ़ रहे चौथी कक्षा के विद्यार्थी दार्दा व खामफेट तो इस प्रतिनिधिमंडल के सदस्य हैं। पेइचिंग में उन्होंने निषिद्ध शहर और लंबी दीवार आदि प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों का दौरा किया। साथ ही उन्होंने चीनी विद्यार्थियों के साथ आदान-प्रदान गतिविधि भी आयोजित की। इन सभी ने उन पर गहरी सुन्दर छाप छोड़ी। उधर राष्ट्रपति शी ने जवाबी पत्र में विद्यार्थियों को अच्छी तरह से पढ़ाई करके भविष्य में देश के सुयोग्य व्यक्ति बनने का प्रोत्साहन दिया। यह पढ़कर वे बहुत खुश हैं। हालांकि उन की उम्र कम है, लेकिन सपने के बीज उनके दिल में बसे हुए हैं। उन्होंने संवाददाता से कहा कि,हमने निषिद्ध शहर और लंबी दीवार आदि जगहों की यात्रा की। मुझे निषिद्ध शहर बहुत पसंद है। वह बहुत सुन्दर है। मुझे चीनी संस्कृति भी पसंद है। राष्ट्रपति शी ने जवाबी पत्र में हमें मेहनत से पढ़ने को प्रोत्साहन किया। मैं कड़ी मेहनत से पढ़ूंगा, और बड़े होकर मैं चीन में पढ़ाई जारी करूंगा।

“दादा शी को धन्यवाद, हम ज़रूर अच्छी तरह से पढ़ेंगे।”

चीन-लाओस नोंगपिंग प्राइमरी स्कूल की स्थापना वर्ष 2012 में चीन की मदद से की गयी। इस के बाद इस स्कूल की शिक्षा में मदद देने के लिये चीन लगातार स्वयंसेवक शिक्षकों को भेजता रहा। साथ ही शिक्षा से जुड़े सामग्री भी भेंट किये गये। यह प्राइमरी स्कूल चीन-लाओस मित्रता का एक मॉडल कार्यक्रम बन गया।

चीन-लाओस नोंगपिंग प्राइमरी स्कूल में काम करने वाली चीनी स्वयंसेवक शिक्षक याओ छांगह्वा ने संवाददाता को बताया कि राष्ट्रपति शी द्वारा स्कूल के सभी विद्यार्थियों व अध्यापकों को भेजे गये जवाबी पत्र में भाषा बहुत स्नेहपूर्ण है, और पत्र का विषय भी बहुत प्रभावित करता है। चीनी भाषा व चीनी संस्कृति के एक संचारक के रूप में वे बहुत गौरव महसूस करती हैं। साथ ही इस पत्र को पढ़कर वे भी प्रोत्साहन प्राप्त करके और कोशिश करेंगी। उन के अनुसार,चीनी भाषा की एक स्वयंसेवक शिक्षक के रूप में मैं ज़रूर अपनी पूरी कोशिश कर भविष्य के काम में अपना कर्तव्य निभाऊंगी। आशा है मैं बच्चों को ज्यादा से ज्यादा चीनी भाषा सिखा सकूंगी, और अच्छी तरह से चीनी संस्कृति का प्रसार-प्रचार कर सकूंगी। उम्मीद है कि चीन व लाओस के बीच मित्रता का निर्माण व विकास और मजबूत किया जा सकेगा।

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