​एक पट्टी एक मार्ग पर मेहनत कर रही मिस्र की कर्मचारी हानान

2019-05-01 17:30:21
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दोस्तों, इस वर्ष एक पट्टी एक मार्ग सहयोग का सुझाव पेश करने का छठा साल है। इस सहयोग के ढांचे में बहुत चीनी उद्यमों ने विदेशों में कोशिश कर एक-एक महान कार्यक्रम को पूरा किया। चीनी निर्माण समूह लिमिटेड कंपनी (सीएससीईसी) द्वारा निर्मित मिस्र की नयी राजधानी का केंद्रीय वाणिज्य क्षेत्र कार्यक्रम अफ़्रीका में और एक नयी ऐतिहासिक इमारत बन जाएगा। पर चीन द्वारा निर्मित उन कार्यक्रमों में बहुत विदेशी कर्मचारी भी मेहनत से काम कर रहे हैं। आज हम हानान नामक एक विदेशी महिला कर्मचारी की कहानी बताएंगे।

इस वर्ष हानान को सीएससीईसी की मिस्र शाखा में काम करते हुए 31साल हो चुके हैं। 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने इस शाखा कंपनी में प्रवेश किया। तब से अब तक उन्होंने अपनी आंखों से मिस्र में सीएससीईसी के विकास को देखा है।

वर्ष 1987 में हानान काहिरा विश्वविद्यालय के साहित्य कॉलेज से स्नातक हुई। परिजनों के सुझाव से उन्होंने सीएससीईसी की मिस्र शाखा के प्रबंध विभाग में काम करना शुरू किया। चीनी उद्यमों से जुड़ने के बाद उन के बाहर से जानकारी मिलने और विश्व को समझने का सपना पूरा हो गया। उन के अनुसार, विश्वविद्यालय में पढ़ते समय से मुझे पता है कि चीनी जनता बहुत मेहनती व उत्साहवर्धक है। चीनी उद्यमों में काम करना मेरे लिये बिल्कुल एक नया अनुभव है। अंत में मैंने यह मौका पकड़ा।

चीनी कंपनी में प्रवेश करने पर हानान को संस्कृति की भिन्नता से विचार व भाषा के आदान-प्रदान में बहुत मुश्किलें आयी। लेकिन चीनी साथियों की सहायता से उन मुश्किलों को धीरे धीरे दूर किया गया। चीनी साथियों की मित्रता उन के जीवन व भावना का बूस्टर बन गयी। इस की चर्चा में उन्होंने कहा,शुरू में मुझे लगता था कि सीएससीईसी में काम करना बहुत जटिल है। लेकिन मेरे चीनी दोस्त लगातार मुझे प्रोत्साहन देते हैं। इसलिये शक्ति पाकर मुझे सफलता मिली।

पहले के 6 अक्तूबर शहर, सादात शहर और काहिरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र से आज के मिस्र की नयी राजधानी के कंद्रीय व्यापार केंद्र तक हानान ने सीएससीईसी द्वारा निर्मित मिस्र में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के निर्माण में भाग लिया। हानान के ख्याल से वे बहुत सौभाग्यशाली हैं। चीनी उद्यम में काम करने और चीनी साथियों के साथ आदान-प्रदान करने से उनका तेज विकास हुआ। उन्होंने कहा,बहुत सौभाग्य है कि मुझे चीन-मिस्र के सहयोग कार्यक्रमों में भाग लेने का मौका मिला। मैं भी बहुत गौरव महसूस करती हूं कि मैं मिस्र में स्थित चीनी उद्यम में योगदान दे रही हूं। मिस्र में मेरी उम्र की कई दोस्त पहले से ही शादी करके घर में एक गृहिणी बन चुकी हैं और वे बाहर काम नहीं करती। लेकिन मेरा सपनाहै। सीएससीईसी में काम करते हुए मैं लगातार अनुभव प्राप्त करती हूं, काम में सीखती हूं और प्रगति हासिल करती हूं। अगर मैं चीनी उद्यम में काम नहीं करती, तो शायद मैं भी घर में एक साधारण गृहिणी बन गयी होती।

हानान जैसे कार्यस्थल वाली महिलाएं पहले के मिस्र में बहुत दुर्लभ थीं। इसलिये स्नातक होने के बाद चीनी उद्यम में काम करने को चुनना उन के लिये बेशक एक हैरानी का फैसला ही है। लेकिन अब एक पट्टी एक मार्ग सुझाव के तले चीन व मिस्र के बीच विभिन्न स्तरों व विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग में मिस्र के लिये बहुत रोजगार प्रदान दिये गये। हानान ने कहा कि मिस्र में परंपरागत अरबीय महिलाओं की सामाजिक हैसियत भी धीरे धीरे बदल रही है। स्थानीय रोजगार का रुझान भी विविध हो गया। महिलाएं बाहर काम करने का चुनाव कर ज्यादा से ज्यादा सामाजिक जिम्मेदारी उठाना चाहती हैं। हानान के अनुसार,मिस्र में महिलाओं की काम चुनने की दृष्टि बिल्कुल बदल गयी है। वे ज्यादा सक्रिय व आत्मविश्वास बन गयीं। समाज के विभिन्न पक्षों में वे अपने को दिखा रही हैं। साथ ही परिवार में उन की भूमिका भी दिन-ब-दिन महत्वपूर्ण हो रही है। यह भी सामाजिक प्रगति का एक प्रतिबिंब है।

चीन-मिस्र सहयोग के भविष्य की चर्चा में हानान विशेष प्रतीक्षा में हैं। उन्होंने सच्चे दिल से कहा कि मिस्र की नयी राजधानी के केंद्रीय व्यापार क्षेत्र का निर्माण कार्यक्रम मिस्र वासियों के लिए एक गौरव की बात है। क्योंकि वह अफ़्रीका में सब से ऊंची इमारत बनेगा। साथ ही वह चीन-मिस्र मित्रता का एक स्मारक भी होगा। उन्होंने कहा,अर्थव्यवस्था, संस्कृति, समाज आदि पक्षों में चीन-मिस्र सहयोग की बड़ी संभावना होगी। चीन ने मिस्र के विकास के लिये बड़ा समर्थन दिया। हमें भी अपने देश की समृद्धि के लिये जिम्मेदारी उठानी चाहिये। एक पट्टी एक मार्ग सुझाव बहुत दूरदर्शी व महान है। मुझे आशा है कि सहयोग के रास्ते पर चीन व मिस्र अच्छी तरह से चल सकेंगे।

इन्टरव्यू के अंत में हानान ने हंसते हुए संवाददाता से कहा कि यह मेरी जिन्दगी में पहला काम है, मेरे ख्याल से वह अंतिम काम भी होगा। जिससे न सिर्फ़ हानान की दृढ़ता को जाहिर हुआ है, बल्कि चीन व मिस्र के बीच दीर्घकालीन मित्रता को भी साबित हुआ है।

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