बोलोकना अंतर्राष्ट्रीय बाल पुस्तक मेले में एक संवाद आयोजित

2019-04-25 14:35:33
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बोलोकना अंतर्राष्ट्रीय बाल पुस्तक मेले में एक संवाद आयोजित

दोस्तों, स्थानीय समयानुसार 1 अप्रैल को उद्घाटित 56वें इटली बोलोकना अंतर्राष्ट्रीय बाल पुस्तक मेले के दौरान रिले प्रकाशन गृह द्वारा आयोजित देशी-विदेशी बाल पुस्तक लेखकों के सहयोग की वर्तमान स्थिति व रुझान नामक संवाद में चीन व विदेशी बाल पुस्तक प्रकाशकों व लेखकों ने बाल पुस्तक के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के मौके व चुनौती पर विचार-विमर्श किया।

चीन में बाल पुस्तक बाजार के निरंतर विस्तार की पृष्ठभूमि में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी बाल पुस्तक प्रकाशकों, लेखकों व चित्रकारों पर ध्यान दिन-ब-दिन केंद्रित हो रहा है। देशी-विदेशी बाल पुस्तक के सहयोग व प्रकाशन की वर्तमान स्थिति कैसी है?इसके सामने कौन से मामले व मौके मौजूद होंगे?ये सभी मुद्दे इस संवाद में चर्चा का विषय बने। संवाद के आयोजक रिले प्रकाशन गृह के मुख्य संपादक, प्रसिद्ध बाल पुस्तक लेखक पाई बिंग ने कहा कि रिले प्रकाशन गृह ने कई बार देशी-विदेशी बाल पुस्तकों के सहयोग व आदान-प्रदान की गतिविधियों का आयोजन किया। जिस का लक्ष्य यह है कि दोनों पक्षों के बीच सहयोग और बेहतर हो। उन्होंने कहा,चीनी बच्चों को अच्छी पुस्तकें चाहिये। अगर सहयोग ज्यादा होगा, तो हम विश्व की श्रेष्ठ पुस्तकों का अनुवाद करके चीनी बच्चों को परिचय दे सकेंगे। दूसरे पक्ष में अगर चीन की अच्छी पुस्तकें विश्व में प्रभाव डालना चाहती हैं, तो हमें सहयोग के तरीकों से उसे विश्व में परिचय देना होगा। ताकि विश्व के बच्चों को चीनी लेखकों की श्रेष्ठ पुस्तकें पढ़ने का मौका मिल सके। इसलिये ऐसा आदान-प्रदान बहुत महत्वपूर्ण है। हम आदान-प्रदान व सहयोग के दौरान एक दूसरे को समझना, और एक दूसरे पर विश्वास करना चाहते हैं। ताकि सहयोग और बेहतर हो सके।

यूसबोन प्रकाशन गृह ब्रिटेन में सबसे बड़ा स्वतंत्र बाल पुस्तक प्रकाशक है। हर साल उसने लगभग 350 प्रकार वाली नयी पुस्तकों को प्रकाशित किया। कई सालों में उसने चीन के कई प्रकाशन गृहों के साथ अधिकृत प्रकाशन सहयोग किया है। अब इस प्रकाशन गृह व चीन के सहयोग नयी पुस्तकों को रचने के चरण में पहुंच गये। छिंगह्वा विश्वविद्यालय के इतिहास शास्त्र के प्रोफ़ेसर समेत चीनी विद्वान दल भी इस में शामिल हुआ है। ताकि नयी पुस्तकें चीनी बाजार की मांग से मेल खा सकें। यूसबोन प्रकाशन गृह की उप महाप्रबंधक निकोला यूसबोन ने कहा,हम जानते हैं कि बच्चों को आसपास की सभी चीज़ों के प्रति बड़ा शौक होता है। वे विभिन्न संस्कृतियों से खूब सीख पाते हैं। वैश्विक पाठक की दृष्टि से देखा जाए, तो हमें पता लगा कि कुछ पुस्तकों से चीनी बच्चे व ब्रिटिश बच्चे यहां तक कि विश्व के बच्चे भी परिचित हैं। इसलिये हमारे संपादकों ने ध्यान से उचित भाषा चुनकर उन कहानियों का अनुवाद करवाया, जो सात वर्ष से बड़े बच्चों से मेल खाती हैं।

हालांकि चीन व विदेशी देशों के एक साथ बाल पुस्तक बनाना एक मुख्य धारा बन चुका है, लेकिन संस्कृति की भिन्नता से पैदा समस्या दिन-ब-दिन स्पष्ट हो रही है। प्रसिद्ध बाल पुस्तक लेखक मेई ज़ीहान ने कहा कि हाल ही में बाल पुस्तकों के प्रति चीनी व विदेशी लेखकों के सहयोग मुख्य तौर पर इस प्रकार के हैं कि चीनी लेखक कहानी लिखते हैं, और विदेशी चित्रकार कहानी से जुड़े चित्र बनाते हैं। इस में दोनों को एक दूसरे की संस्कृति को गहन रूप से समझना चाहिये। ताकि पुस्तक के मतलब व भावना को अच्छी तरह से दिखाया जा सके। उन के अनुसार,उदाहरण के लिये अगर एक लेखक को अपनी कहानी में शामिल जीवन के बारे में पता नहीं है, तो वे इस जीवन का विवरण अच्छी तरह से नहीं लिख पाते। चित्रकार भी ऐसे हैं। अगर वे कहानी में उस देश या उस राष्ट्र के लोगों के जीवन व भावना से परिचित नहीं हैं। तो अच्छी चित्र बनाने में भी असफल होंगे।

हाल ही में बाल पुस्तकों के देशी-विदेशी सहयोग ज्यादा से ज्यादा घनिष्ठ हो रहे हैं। सहयोग के तरीके भी रंगारंग हैं। क्योंकि चीन में बाल पुस्तकों के पाठकों की संख्या बहुत बड़ी है, और चीन का पुस्तक बाजार भी खुला है। साथ ही विश्व पुस्तक बाजार ने भी चीनी लेखकों व चित्रकारों को विशाल मंच भी तैयार किया। शांगहाई बाल पुस्तक प्रदर्शनी की अंतर्राष्ट्रीय नियोजक सुश्री पाई लीना के ख्याल से चीन व विदेशों के बीच बाल पुस्तक के सहयोग से विभिन्न संस्कृतियां एक दूसरे से सीख सकती हैं, और एक दूसरे को समझ सकती हैं। देशी-विदेशी लेखकों को सहयोग में आपस की श्रेष्ठता से सीखकर शायद सुखद आश्चर्य भी मिल सकता है। सुश्री पाई ने कहा,हमें जिम्मेदार रुख अपनाकर देशी-विदेशी सहयोग वाली बाल पुस्तकों का प्रशासन करना पड़ा। जिसका लक्ष्य विश्व की विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद को मजबूत करना है। इसमें बिक्री की मात्रा को बढ़ाने के लिये धोखा नहीं देना है। एक प्रकाशक व नियोजक के रूप में मैं हमेशा से इस वाक्य की याद रखूंगी कि अच्छी कहानी तो अच्छी कहानी है, यह बताने के योग्य है।

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