जनता की सेवा करना सबसे खुशी की बात है:रेखान गुली

2019-04-13 13:56:33
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दोस्तों, शिनच्यांग स्वायत्त प्रदेश के बोर्ताला मंगोलियाई स्वायत्त क्षेत्र के बोलो शहर की छिंगडाला सड़क के ह्वांगहो बस्ती में कई सेवानिवृत्त बुजुर्ग एक पेड़ के नीचे बातचीत कर रहे थे। जब उन्होंने एक गोल चेहरे और बड़ी आंखों वाली वेवूर जाति की एक लड़की को देखा, तो उन्होंने बड़े उत्साह के साथ उन्हें नमस्ते कहा।

जनता:गुली आयी है, व्यस्त हैं?

गुली:ज्यादा व्यस्त नहीं। आप लोग यहां बैठे हैं?इस साल की शारीरिक जांच शुरू होगी। उसी समय मैं आप लोगों को बुलाऊंगी। आप लोग ठीक समय पर इसमें भाग लेंगे।

जनता:अच्छा, ठीक है।

बस्ती में रहने वाले बुजुर्गों के मुंह में उस लड़की का नाम रेखान गुली है। जो बोलो शहर की छिंगडाला सड़क की थ्येनशान रोड की बस्ती में एक सामुदायिक कार्यकर्ता हैं। वर्ष 2008 में 15 वर्षीय गुली ने श्रेष्ठ अंकों से च्यांगसू प्रांत के येनछेन शहर में स्थित थ्येनच्याबिन उच्च स्तरीय मिडिल स्कूल में प्रवेश किया। वे अच्छी पढ़ाई के लिये उत्तर-पश्चिमी चीन के एक छोटे शहर से चार हजार किमी. दूर जाकर भीतरी चीन के उच्च स्तरीय स्कूल में गयीं। बाद में वे सफलता से थ्येनचिन कृषि विश्वविद्यालय में दाखिल हुईं। अगस्त 2015 में गुली विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद अपने जन्मस्थान बोलो शहर वापस लौटीं। इसकी चर्चा में गुली ने कहा,भीतरी चीन के स्कूल में मुझे चार साल की मुफ्त शिक्षा, भोजन, परिवहन, पुस्तकें मिली। इसके अलावा हमारे लिये कुछ अतिरिक्त छूट भी दी गयी। इतनी उदार नीति से लाभ उठाकर मैं स्नातक होने के बाद अपना जन्मस्थान वापस लौटकर अपने मां-बाप का देखभाल करने के साथ इस समाज के लिये योगदान भी देना चाहती हूं।

बोलो शहर में वापस आकर गुली सबसे पहले एक अच्छी रसद कंपनी में काम करती थी। एक साल के बाद गुली को अच्छा नहीं लगा। क्योंकि पैसे कमाने के अलावा वे और कुछ सार्थक काम करना चाहती थी। वर्ष 2017 के अप्रैल में गुली परीक्षा पास कर बोलो शहर की छिंगडाला सड़क की थ्येनशान रोड बस्ती में एक सामुदायिक कार्यकर्ता बनी । हालांकि बस्ती के काम बहुत जटिल हैं, लेकिन वे जनता के आम जीवन से घनिष्ठ संबंधी हैं। गुली की नज़र में नागरिकों की सेवा करना और आम जीवन में उन की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना ये सभी उनके काम हैं। उदाहरण के लिये किसी नागरिक के घर में टीवी नहीं चल सकता है, या रात को आवारा कुत्तों के भौंकने से जनता अच्छी तरह से आराम नहीं कर सकते, या जनता के लिये आईडी कार्ड, अस्थायी निवास की अनुमति दी जाती है इत्यादि। सामुदायिक कार्यकर्ताओं को हर बात पर ध्यान से करना चाहिये। इसकी चर्चा में गुली ने कहा,जब मैं भीतरी चीन में पढ़ाई कर रही थी, तो उस समय हमारे अध्यापक ने हमेशा यह बात कही कि रुख भविष्य का फैसला करेगा। इसलिये मैं इस वाक्य के आधार पर चाहे जीवन बिताने में या काम करने में हर बात को ध्यान से करती हूं। मुझे लगता है कि जब हम अकेले सचमुच जनता को छोटे मोटे मामलों का समाधान कर सकते हैं, तो उसी समय हम बहुत गौरव महसूस करेंगे। अगली बार अगर किसी व्यक्ति ने मुझे गुली गुली कहा, तो मुझे पता है कि वाह, मैंने इस व्यक्ति की मदद दी है। फिर यह व्यक्ति अन्य लोगों को बताएगा कि गुली ने उसे क्या सहायता दी है। यह सुनकर मुझे बहुत गौरव महसूस होता है।

ह्वांगहो बस्ती में एक 78 वर्षीय दादी रहती हैं, जिनका नाम है चाओ ऐल्येन। गत वर्ष में उन के कमर में सर्जरी की गयी। इसलिये उनके पैर आराम से नहीं चल सकते। क्योंकि उनके बच्चों को दिन में काम करना पड़ता है। इसलिये वे दादी की देखभाल नहीं कर सकते। इसलिये गुली हर बार उन के घर पास करके दादी चाओ को देखती हैं।

दादी चाओ के घर पहुंचते ही उन्होंने उत्साह के साथ गुली का हाथ पकड़कर बातचीत करना शुरू किया। दादी चाओ गुली को अपनी पोती जैसे मानती हैं, और हमेशा गुली की प्रशंसा करती हैं। उन के अनुसार,हम दोनों अकसर आदान-प्रदान करती हैं। ये लड़की बहुत अच्छी है। वे अच्छी तरह से बुजुर्गों का देखभाल करती है। एक बार मैं बीमार हुई, तो उपहार लेकर मुझे देखने आयी। आम जीवन में वे अकसर फल खरीदकर मुझे देती हैं। ये लड़की बहुत अच्छी है।

क्योंकि गुली की सेवा बहुत अच्छी है, इसलिये इस युवती को यहां के लोगों का विस्तृत विश्वास व प्रशंसा मिली। वर्ष 2017 में जब गुली ने अभी अभी बस्ती में काम शुरू किया, तो उसे श्रेष्ठ कार्यकर्ता की उपाधि मिली।

आम जीवन में गुली सामुदायिक कार्यकर्ता के शयनगृह में रहती हैं। लगभग आधे महीने में एक बार घर वापस लौटती हैं। घर वापस लौटने के रास्ते पर गुली ने संवाददाता से कहा कि उन के छोटे भाई कुछ समय पहले आनह्वेइ प्रांत के व्यावसायिक हाई स्कूल से स्नातक हुए हैं। जन्मस्थान में वापस लौटकर वे एक कार मरम्मत दुकान में काम करते हैं। अब वे और भाई दोनों खुद पर निर्भर होकर पैसे कमा सकते हैं, यह देखकर उन के मां-बाप बहुत खुश हैं। सूमू गांव पहुंचते ही गाड़ी एक बड़े मकान के सामने रुकी। यहां गुली का घर है।

मां-बाप के सामने यह वरिष्ठ सामुदायिक कार्यकर्ता अचानक एक छोटी लड़की बन गयी। गुली मां-बाप के हाथ में हाथ डालकर एक साथ कमरे में अंदर गयी। सभी परिजनों ने बैठकर बातचीत की। गुली के हाई स्कूल में पढ़ने के लिये च्यांगसू में जाने की याद करते हुए माता जी आयिनसागुल ने कहा,हमें चिंता थी कि उसे अपने कपड़े धोने भी नहीं आते। इसलिये अकसर उसे फ़ोन करते थे। शुरू में वह रोती थी। क्योंकि मां-बाप उस के पास नहीं थे। खूब याद आती थी। मैं भी चुपचाप से रोती थी। उस के पिता जी यह देखकर गुस्से में आए। उन्होंने कहा कि तुम क्यों रोती हो, वह अच्छी तरह से पढ़ने के लिये वहां गयी, खेलने के लिये नहीं है। पहली बार जब उसने छुट्टी में घर वापस आकर हमें वहां के जीवन के बारे में बताया, तो हमें पता है कि वहां का जीवन बहुत अच्छा है। उन के फोटो देखकर हम निश्चिंत हो गये।

पिता राहमत ने गुली के भीतरी चीन में पढ़ने का बड़ा समर्थन दिया। उन के ख्याल से बच्चे को मां-बाप की तरह ऐसा नहीं होना चाहिये, जो केवल शिनच्यांग में रहते हैं, बाहर में कभी नहीं गये। केवल बाहर जाकर उसे ज्यादा जानकारियां व क्षमता प्राप्त हो सकेंगी। राहमेत ने कहा कि,हम तो शिनच्यांग के बाहर नहीं गये। लेकिन मेरी बेटी ने शांगहाई व पेइचिंग की यात्रा भी की। अगर उसने पढ़ाई नहीं की होती, तो शायद पहले से ही शादी हो गयी होती। अब वह शिक्षित है, इसलिये वह अपनी जिन्दगी तय कर सकती हैं।

अपने मां-बाप के मुस्कुराहट को देखकर गुली बहुत संतुष्ट हैं। उन्हें बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने कहा,बचपन में मुझे आशा से जो काम मैंने किये , उनसे मां-बाप गौरव महसूस कर सकते हैं। बाद में मैंने भीतरी चीन में हाई स्कूल यहां तक कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई की है। अब मैं बुनियादी काम कर रही हूं, और जनता को सेवा दे रही हूं। मेरे सभी सपने पूरे हो गये हैं।

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