एक चीनी के रूप में चीन के सुधार व खुलेपन के प्रति सलाम करना चाहिये:मार्गरेट छेन

2019-04-03 17:50:02
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एक चीनी के रूप में चीन के सुधार व खुलेपन के प्रति सलाम करना चाहिये:मार्गरेट छेन

दोस्तों,18 दिसंबर 2018 को आयोजित सुधार व खुलेपन की 40वीं वर्षगांठ की महासभा में सुधार के सौ अग्रणी प्रतिनिधियों की सूची घोषित की गयी। उनमें एक पट्टी एक मार्ग के चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग की प्रमोटर मार्गरेट छन फ़ुंग फ़ू चुन भी शामिल हुई हैं। गौरतलब है कि वर्ष 1978 में चीन में सुधार व खुलापन शुरू हुआ। ठीक उसी साल मार्गरेट छन ने विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद हांगकांग स्वास्थ्य विभाग में काम करना शुरू किया। वर्ष 2007 के 4 जनवरी से वर्ष 2017 के 30 जून तक मार्गरेट छन ने संयुक्त राष्ट्र संघ के विश्व स्वास्थ्य संगठन का काम सँभाला। वे इस संगठन की पहली चीनी महानिदेशक बनी। बीते 40 वर्षों में चीन में हुए ज़मीन आसमान के बदलाव का सिंहावलोकन करते हुए मार्गरेट छन ने कहा कि एक चीनी के रूप में मैं अपनी मातृभूमि में सुधार व खुलेपन के महान कार्यक्रम के प्रति सलाम करना चाहती हूं।

मार्गरेट छन को वर्ष 1978 में बैचलर ऑफ़ मेडिसन की डिग्री मिली। और उसी साल उन्होंने हांगकांग स्वास्थ्य विभाग में काम करना शुरू किया। जो हांगकांग में स्वास्थ्य विभाग की पहली महिला प्रधान थी। वर्ष 2007 के 4 जनवरी को मार्गरेट छन औपचारिक रूप से विश्व स्वास्थ्य संगठन की महानिदेशक बनी। उन्होंने सक्रिय रूप से इस संगठन के सुधार को बढ़ावा दिया, और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा व स्वास्थ्य कार्य के लिये महत्वपूर्ण योगदान दिये हैं। उन्हें अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विस्तृत प्रशंसा मिली। मार्गरेट छन ने कहा कि वर्ष 1978 से वर्ष 2018 तक न सिर्फ़ देश या विश्व स्वास्थ्य संगठन की दृष्टि से बल्कि उनकी व्यक्तिगत दृष्टि से भी इन 40 वर्षों का अभूतपूर्व अर्थ है। उन के अनुसार,वर्ष 1978 से वर्ष 2018 तक के 40 वर्ष चीन में सुधार व खुलेपन के महान 40 वर्ष हैं। वर्ष 1978 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक हाल्फ़दान टी.माहलेर थे। उन्होंने देखा कि हालांकि उस समय का चीन बहुत गरीब था, लेकिन आम जनता की स्वास्थ्य व चिकित्सा मांग पर बड़ा ध्यान दिया जाता था। उस समय चीन ने बहुत अंशकालिक चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया। जो आम जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सेवा दे सकते थे। यह एक बहुत अच्छी बात है। वर्ष 1978 में मैं अभी अभी कनाडा के चिकित्सा विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद हांगकांग वापस लौटी। ठीक उसी साल मैंने हांगकांग के स्वास्थ्य विभाग में काम करना शुरू किया।

चिकित्सा व स्वास्थ्य कार्य में शामिल होने के बाद खास तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की महानिदेशक बनने के बाद मार्गरेट छन ने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से चीन के स्वास्थ्य व चिकित्सा क्षेत्र में प्राप्त उल्लेखनीय उपलब्धियों को देखा। वर्तमान में चीन व्यापक रूप से स्वस्थ चीन के निर्माण को बढ़ावा दे रहा है। और हमेशा स्वास्थ्य कार्य को विकास के प्राथमिक स्थान पर रखा जाता है। मार्गरेट छन ने कहा कि चीन में इसलिये इतनी सफलताएं प्राप्त हुई हैं, क्योंकि सरकार पूरे देश की जनता के प्रति कर्तव्य व जिम्मेदारी लेती है। उन्होंने कहा,हमारे देश ने चिकित्सा व स्वास्थ्य के पक्ष में सचमुच बहुत काम किये हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन में हम अकसर यह कहते हैं कि चिकित्सा का सुधार एक राजनीतिक निर्णय है। देश को नीति-नियम के पक्ष में, पूंजी-निवेश के पक्ष में, नीति के कार्यांवयन के पक्ष में चिकित्सा व स्वास्थ्य व्यवस्था का सुधार करना चाहिये। और ग्रामीण क्षेत्रों व कस्बों से शुरू होकर धीरे धीरे करना चाहिये। बीते दस वर्षों में जब मैंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की महानिदेशक के रूप में चीन की मुख्य भूमि के साथियों के साथ काम किया, तो मैंने अपनी आंखों से प्रगति देखी है। चीन ने दस वर्ष से कम समय में विश्व में सब से विशाल बुनियादी चिकित्सा कारंटी जाल की स्थापना की, जो 1 अरब 30 करोड़ लोगों की सेवा दे सकता है। यह सचमुच एक आश्चर्य की बात है। इस सफलता के पीछे ज़रूर बड़ा संकल्प छिपा हुआ है।

सुधार व खुलेपन के 40 वर्षों में हुए ज़मीन-आसमान के बदलाव के सिंहावलोकन करते समय मार्गरेट छन ने कहा कि यह बदलाव पूरे चीन की सभी जनता की समान कोशिशों से प्राप्त हुआ है। एक चीनी के रूप में मैं सुधार व खुलेपन को सलाम करना चाहती हूं। उन्होंने कहा,जब मैंने विश्व स्वास्थ्य संगठन में महानिदेशक का पद संभाला था, तो मैंने देखा कि हमारे देश ने स्वास्थ्य व चिकित्सा आदि क्षेत्रों में सचमुच बड़ी प्रगति हासिल की है। बेशक चिकित्सा व स्वास्थ्य का सुधार विश्व में सबसे मुश्किल समस्या है। वर्ष 1978 में चीन बहुत गरीब था। लेकिन सुधार व खुलेपन के 40 वर्षों के बाद चीन में ज़मीन-आसमान का बदलाव आया। यह पूरे चीन की सभी जनता द्वारा की गयी कोशिश व मेहनत से प्राप्त हुआ। इसलिये एक चीनी नागरिक के रूप में मैं सुधार व खुलेपन के इस महान कार्यक्रम को सलाम करना चाहती हूं।

मार्गरेट छन ने कहा कि वर्तमान दुनिया में चिकित्सा व स्वास्थ्य और राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति व समाज आदि क्षेत्रों के संबंध दिन-ब-दिन घनिष्ठ हो रहे हैं। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय संबंधों व कूटनीति पर उनका प्रभाव भी बढ़ रहा है। चीन के सुधार व खुलेपन ने विश्व को अच्छे चीनी प्रस्ताव व चीनी बुद्धि दी है। उन्होंने कहा,बीते 40 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र संघ, खास तौर पर विश्व स्वास्थ्य संघ समेत अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चीन ने खुले, सहनशील, समान व आदर का रुख अपनाकर अन्य देशों के साथ सहयोग किया है। चीन के रूख को अन्य देशों का स्वागत मिला, खास तौर पर विकासशील देशों में। चीन ने न सिर्फ़ अंतर्राष्ट्रीय मामलों व वैश्विक प्रशासन में सक्रिय रूप से भाग लिया, बल्कि संयुक्त राष्ट्र संघ जैसे बहुपक्षीय मंच पर चीन ने विकासशील देशों के अधिकार व प्रतिनिधित्व उन्नत करने की कोशिश भी की। यह एक बहुत महत्वपूर्ण बात है। इसलिये इस पक्ष की दृष्टि से देखा जाए, तो चीन ने सुधार व खुलेपन के 40 वर्षों में सचमुच पश्चिमी देशों समेत विश्व के बहुत देशों को अच्छे चीनी प्रस्ताव व चीनी बुद्धि दी है।

इसके अलावा मार्गरेट छन ने यह भी कहा है कि,विदेशी लोगों की नज़र में खास तौर पर विकासशील देशों में उन के ख्याल से चीन एक ऐसा देश है, जो अपने वचन का पालन कर सकता है। वे हमेशा मुझसे इस बात की प्रशंसा करते हैं।

मार्गरेट छन ने कहा कि चीन द्वारा पेश किया गया एक पट्टी एक मार्ग का सुझाव विश्व के विभिन्न देशों के साथ समान चर्चा, समान निर्माण और समृद्धि का समान साझा करने का एक मंच है। मानव साझा नियति समुदाय के प्रति चीन एक बड़ा जिम्मेदार देश है। विश्व की जनता की नज़र में चीन अपने वचन का पालन कर सकता है। चीन में सुधार व खुलेपन को गहन करने की प्रक्रिया और एक पट्टी एक मार्ग के सुझाव के तले चीन लगातार शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलता रहेगा।

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