प्रवासी चीनियों के बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रही अध्यापिका ल्यू

2019-03-27 16:50:39
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प्रवासी चीनियों के बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रही अध्यापिका ल्यू

दोस्तों, वसंत त्योहार चीनी लोगों के प्रति पूरे साल में सब से महत्वपूर्ण दिवस होता है। लेकिन बड़ी संख्या में विदेशों में काम करने वाले लोग, अपने परिजनों के साथ इस त्योहार की खुशी नहीं मना पाते हैं। आज हम मैक्सिको में चीनी भाषा सिखाने वाली एक अध्यापिका के बारे में बताएंगे।

दक्षिण-पूर्वी मैक्सिको के युकातान स्टेट की राजधानी मेरिदा को अमेरिका में सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है। यहां केवल दो हजार से अधिक चीनी लोग रहते हैं। लेकिन यहां स्थित एक चीनी स्कूल बहुत प्रसिद्ध है, जिसका नाम है युकातान प्रायद्वीप प्रवासी चीनी स्कूल। कक्षा में अंदर जाने से पहले आप पुस्तक पढ़ने की आवाज़ सुन सकते हैं।

“भावना के साथ पढ़ो, एक, दो, तीन।”

“मुझे यह छोटी नदी पसंद है। हालांकि वह बड़ी नदी जैसी महान नहीं है, और समुद्र जैसी विशाल नहीं है, लेकिन उस के बहाव में मेरी मीठी यादें छिपी हुई है।......”

पढ़ाने वाली अध्यापिका चीन के हनान प्रांत के खाईफ़ोन शहर में स्थित छोशी स्कूल से आई ल्यू इंग हैं। गत वर्ष के दिसंबर में प्रशिक्षण व परीक्षा पास करके अध्यापिका ल्यू को राज्य परिषद के प्रवासी चीनी मामलात कार्यालय द्वारा मैक्सिको के मेरिदा में भेजा गया। गौरतलब है कि अध्यापिका ल्यू को 19 साल के अध्यापन का अनुभव है। मैक्सिको में वे स्थानीय प्रवासी चीनियों के बच्चों व विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को चीनी भाषा सिखाती हैं। उन के अनुसार, यहां मैं हर हफ्ते में दो बार पढ़ाती हूं। मंगलवार व गुरुवार को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से साढ़े पाँच बजे तक। दो घंटे की क्लास होती है। और विश्वविद्यालय में सोमवार से गुरुवार तक हर दिन दोपहर बाद डेढ़ बजे से साढ़े पाँच बजे तक।

अध्यापिका ल्यू के साथ मैक्सिको में चीनी भाषा सिखाने वाले शिक्षक तू हनान प्रांत के फिंगतिंगशान के हैं। दोनों के पास चीन में शिक्षा देने के समृद्ध अनुभव है। लेकिन एक स्पेनिश बोलने वाले देश में उनके सामने नयी मुश्किलें व चुनौतियां पैदा हुईं। सबसे पहले तो भाषा की मुश्किल है। उन्होंने कहा,मुझे लगता है कि सब से तकलीफ़ तो भाषा के आदान-प्रदान ही है। इस चीनी स्कूल में तो ठीक ठाक है। क्योंकि यहां के बच्चों को चीनी बोलने में कुछ न कुछ आधार होता है। उनके साथ बातचीत करने में चीनी भाषा मुख्य तौर पर चल सकती है। ऐसा करके वे चीनी भाषा से परिचित होकर अच्छी तरह से यह भाषा महसूस कर सकते हैं। पर विश्वविद्यालय में स्थानीय विद्यार्थियों को चीनी नहीं आती। इसलिये उन के साथ आदान-प्रदान करने में हमें कुछ शारीरिक भाषा का प्रयोग भी करना है। साथ ही कुछ सरल अंग्रेजी शब्दों का भी प्रयोग किया जाता है। उन के अलावा अनुवाद के उपकरण का प्रयोग भी आवश्यक है। इसलिये जब हम यहां आए, तो कुछ सरल आदान-प्रदान से शिक्षा शुरू की गयी।

इस चीनी स्कूल में विद्यार्थियों की चीनी भाषा का स्तर अलग-अलग है। एक कक्षा में विभिन्न उम्र वाले और विभिन्न स्तरीय विद्यार्थी एक साथ शिक्षा लेते हैं। प्रवासी चीनियों के बच्चों में कुछ बच्चों का जन्म मैक्सिको में हुआ। घर में वे मां-बाप के साथ स्थानीय बोली बोलते हैं। इसलिये उन की मंदारिन चीनी की शिक्षा और चीनी लेखन शून्य से शुरू होती है। कुछ बच्चे चीन में किंडरगार्टन या प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे, ऐसे विद्यार्थियों को चीनी भाषा का आधार होता है। अध्यापिका ल्यू तीन कक्षाओं में तीन तरह की पाठ्य पुस्तकें पढ़ाती हैं। इसलिये तैयारी करने और होमवर्क आदि का बहुत काम होता है। बच्चों के चीनी भाषा सीखने की सक्रियता को प्रोत्साहन देने के लिये अध्यापिका ल्यू व उन के साथियों ने बहुत उपाय ढूंढ़ पाये। उन के अनुसार,नया साल आने वाला है। हम वसंत त्योहार की खुशी मनाएंगे। इसका मतलब हर मौसम वसंत जैसा होता है। घर वापसी के बाद तुम लोग इसे टीवी पर रख सकेंगे। देखा है कि यह त्रिआयामी है, जो बहुत अच्छा है।

कक्षाओं के बीच आराम करते समय अध्यापिका ल्यू ने बच्चों को लाल कागज़ से त्रिआयामी चीनी शब्द वसंत को कट करना सिखाया। क्लास रूम की दीवार पर विद्यार्थियों के सुलेख प्रदर्शित किए गए हैं। पेपर कट व सुलेख के अलावा अध्यापिका ल्यू विद्यार्थियों को चीनी गीत और तीन कैरेक्टर प्राइमर (three character primer) आदि भी सिखाती हैं। अध्यापिका ल्यू की कक्षा को बच्चों व उन के मां-बाप का स्वागत मिला। एक विद्यार्थी ने संवाददाता से कहा,

विद्यार्थी:मेरा नाम छन मिनइंग है। मैं दस साल की हूं। यहां इस स्कूल में मैं दो साल से सीख रही हूं।

संवाददाता:चीनी सीखने में मुश्किल है या नहीं?

विद्यार्थी:बहुत मुश्किल नहीं, थोड़ा मुश्किल है।

संवाददाता:क्या तुम्हें अध्यापिका ल्यू पसंद है?

विद्यार्थी:पसंद है, बहुत पसंद है। क्योंकि वे हमें खूब सिखाती हैं।

एक बच्चे की मां ने कहा कि उनके दो बच्चे हैं, बड़े वाले की उम्र दस है, और छोटे वाले की उम्र छह है। दोनों स्थानीय स्कूल में पढ़ते हैं। आम जीवन में वे स्पेनिश बोलते हैं। घर में हम जन्मस्थान की भाषा बोलते हैं। और अवकाश के समय में वे चीनी भाषा सीखते हैं। धीरे धीरे से चीनी भाषा सीखने में उन का शौक पैदा हुआ। साथ ही उन्होंने चीनी स्कूल में बहुत अच्छे दोस्त भी बनाये। उन्होंने कहा,हम सभी चीनी लोग हैं। इसलिये चीनी भाषा सीखने की आवश्यकता है। शुरू में उन्हें पसंद नहीं थी, लेकिन अब चीनी भाषा सीखने का उन्हें बहुत शौक है। उन के ख्याल से चीनी भाषा बहुत महान है।

युकातान प्रायद्वीप प्रवासी चीनी स्कूल के प्रधानाचार्य व संस्थापक श्री बाए ई ने संवाददाता से कहा कि हमारे स्कूल की स्थापना वर्ष 2014 में हुई। स्कूल में 12 कक्षाएं और दस से अधिक अध्यापक शामिल हैं। निःशुल्क से स्थानीय प्रवासी चीनियों के बच्चों को चीनी भाषा सीखाने के अलावा स्कूल ने स्थानीय विश्वविद्यालय में शिक्षा केंद्र की स्थापना भी की, और मेरिदा की सरकार को पर्यटन व संस्कृति आदि विभागों के संबंधित व्यक्तियों को प्रशिक्षण देने की सहायता भी दी। प्रधानाचार्य बाए ई ने कहा,हमारे इस स्कूल की स्थापना वर्ष 2014 में की गयी। इस स्कूल की स्थापना की क्यों की गयी ?क्योंकि यहां कई सालों से चीनी शिक्षा नहीं पढ़ाई गयी। हमारे यहां कई पीढ़ी वाले प्रवासी चीनी अपनी भाषा नहीं बोल सकते। इस पृष्ठभूमि में मैंने इस चीनी स्कूल की स्थापना की। बच्चों को यहां मुफ्त में शिक्षा मिलती है। प्रवासी चीनियों के बच्चों के अलावा मैक्सिको के स्थानीय लोग भी यहां आकर चीनी भाषा सीखते हैं। उन्हें चीनी संस्कृति को बहुत पसंद है। साथ ही हमने विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्यापक भेजकर शिक्षा केंद्रों की स्थापना की। उन में यहां का सबसे मशहूर विश्वविद्यालय अनाहुआक मायाब भी शामिल हुआ है। अब हमारी चीनी शिक्षा इस विश्वविद्यालय का अनिवार्य पाठ्यक्रम बन गया।

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