हुनछुन युवा आर्केस्ट्रा ने संगीत से प्रेम दिया

2019-02-27 16:48:45
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दोस्तों, 14 फ़रवरी को उतर पूर्वी चीन के चीलिन प्रांत के चाइना हुनछुन युवा आर्केस्ट्रा ने म्यांमार की दाई ची कस्बे में स्थित वाईजीडब्लू अनाथ स्कूल में आकर स्थानीय बच्चों के लिये एक रंगारंग प्रस्तुति पेश की। हालांकि दोनों की भाषा भिन्न-भिन्न है, संस्कृति भिन्न-भिन्न है, लेकिन संगीत दोनों देशों के युवाओं को जोड़ सकता है।

म्यांमार की दाई ची कस्बे में स्थित वाईजीडब्लू अनाथ स्कूल 14 फ़रवरी को बहुत जीवंत था। स्कूल के सम्मेलन हॉल की दीवार पर लाल रंग वाले आशीर्वाद शब्द चिपकाए गये। एक सुन्दर पियानो पहले से ही स्कूल में पहुंचाया गया। ट्यूनर ने ध्यान से इस के तारों का समायोजन किया। उसी दिन के दोपहर के बाद इस अनाथ स्कूल के बच्चों ने पहली बार लाइव कॉन्सर्ट सुना । यांगून चीनी संस्कृति केंद्र, चाइना हुनछुन युवा आर्केस्ट्रा, म्यांमार वूशू संघ, म्यांमार-चीन आदान-प्रदान व सहयोग संघ, एशिया-प्रशांत अंतर्राष्ट्रीय होल्डिंग्स ग्रुप ने संयुक्त रूप से बच्चों के लिये आनंदमय वसंत त्योहार नामक कॉन्सर्ट का आयोजन किया। यह प्रस्तुति देखकर बच्चे बहुत खुश हुए।

संवाददाता:आज की प्रस्तुति कैसी लगी?तुम्हारा सब से पसंदीदा कार्यक्रम क्या था?

बच्चे:आज हमें बहुत खुशी हुई। प्रस्तुति बहुत अच्छी थी। पियानो की प्रस्तुति सबसे अच्छी लगी। मुझे कुंगफ़ू की प्रस्तुति सबसे पसंद है।

31 वर्षीय पियानोवादक वांग यांग अकसर म्यांमार में प्रदर्शन करते हैं। वर्ष 2018 के दिसंबर में आयोजित चीन-म्यांमार मैत्रीपूर्ण नव वर्ष संगीत कार्यक्रम में उन्होंने यांगून राष्ट्रीय थिएटर में म्यांमार के पियानोवादक डॉ. अंडरू खोंग के साथ म्यांमार के प्रसिद्ध संगीत लात टी प्रस्तुत किया। उन की तकनीक बहुत आश्चर्यजनक है। दो महीनों के बाद उन्होंने हुनछुन युवा आर्केस्ट्रा के अध्यक्ष के रूप में अपने जन्मस्थान के युवा संगीतकारों का नेतृत्व करके दाई ची कस्बे के वाईजीडब्लू अनाथ स्कूल के सम्मेलन हॉल में प्रवेश किया। उन के अनुसार इस बार की प्रस्तुति का खास महत्व है। उन्होंने कहा, मैंने कई बार म्यांमार की यात्रा की है। और विभिन्न शैली के कॉन्सर्ट आयोजित किये हैं। पर इस बार मैंने पहली बार युवा आर्केस्ट्रा लेकर म्यांमार में प्रस्तुति दी। हमारा पहला पड़ाव अनाथ स्कूल है, जो बहुत सार्थक है। यहां प्रस्तुत कर चीनी बच्चे अच्छी तरह से प्रेम को महसूस कर सकते हैं। साथ ही म्यांमार के बच्चे भी स्वस्थ व प्रगतिशील भावना महसूस कर सकते हैं।

हुनछुन युवा आर्केस्ट्रा के बैंड कंडक्टर जू येनल्यांग के ख्याल से इस तरह की प्रेम यात्रा से आर्केस्ट्रा में युवकों को अच्छी शिक्षा दी जा सकेगी। साथ ही दोनों देशों की जनता के बीच मित्रता भी मजबूत हो सकेगी। उन्होंने कहा, हालांकि यहां प्रदर्शन की स्थिति थोड़ा मुश्किल है, लेकिन अनाथ स्कूल में प्रस्तुति देना हमारे आर्केस्ट्रा के लिये बहुत सार्थक है। हमारे बच्चों का जीवन बहुत सुखमय है। वे नहीं जानते कि म्यांमार के अनाथ स्कूल में बच्चों का जीवन इतना कठोर है। इस बार की प्रस्तुति से हमारे आर्केस्ट्रा के सदस्यों ने महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किये। दूसरी तरफ़ इस बार की प्रस्तुति दोनों देशों के बीच मित्रता को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। हमें आशा है कि हम देश के एक पट्टी एक मार्ग सुझाव के लिये अपना योगदान दे सकेंगे।

प्रस्तुति स्थल दाई ची वाईजीडब्लू अनाथ स्कूल के बच्चे ज़मीन पर बैठे थे। वे लगातार रंगारंग कार्यक्रमों के लिये ताली बजा रहे थे। खास तौर पर म्यांमार का संगीत सुनकर उन्होंने खड़े होकर ताली बजायी। इस स्कूल के प्रधान अशिन तायज़ेनदा ने कहा,वर्तमान में म्यांमार में परीक्षाओं का समय है, इसलिये बच्चों पर बड़ा दबाव है। आज हमने चीन से हुनछुन आर्केस्ट्रा का आमंत्रण करके बच्चों के लिये एक प्रस्तुति की। वे बहुत खुश हैं। उन का दबाव भी कम हो गया। बहुत बहुत धन्यवाद। भविष्य में मैं चीन व म्यांमार के साथ बच्चों को ज्यादा ध्यान व प्रेम देने की प्रतीक्षा में हूं, ताकि मित्रता व प्रेम जारी हो सके।

प्रस्तुति के बाद हुनछुन युवा आर्केस्ट्रा के युवकों ने अनाथ स्कूल के बच्चों में जाकर चीन से लाए गये स्टेशनरी व खिलौने म्यांमार के नये दोस्तों को दिये। हर व्यक्ति के मुंह पर मुस्कुराहट दिखी। वांग यांग के ख्याल से संगीत ने दोनों देशों के युवाओं के बीच दूरी को कम किया है। उन के अनुसार,मुझे लगता है कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती। हालांकि हम दोनों की भाषा अलग है, संस्कृति भिन्न-भिन्न है, लेकिन संगीत के प्रति हमारी समझ एक ही तरह है। मुझे आशा है कि यांगून चीनी संस्कृति केंद्र द्वारा आयोजित इस आनंदमय वसंत त्योहार कार्यक्रम से म्यांमार के बच्चे चीन के परंपरागत वसंत त्योहार का खुशहाली वातावरण महसूस कर सकते हैं।

यांगून चीनी संस्कृति केंद्र के उपाध्यक्ष शी इंग लंबे समय में सांस्कृतिक आदान-प्रदान का काम करते हैं। उन के विचार में संगीत व कला जैसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान चीन व म्यांमार दोनों देशों की जनता के बीच संबंधों को घनिष्ठ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। उन्होंने कहा,चीनी आर्केस्ट्रा ने पहली बार म्यांमार के अनाथ स्कूल में प्रवेश किया। आज हमारे आर्केस्ट्रा ने चीन और म्यांमार के संगीत प्रस्तुत किये । इस प्रस्तुति ने जनता के बीच मित्रता को मजबूत किया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों की जनता के बीच संबंध को घनिष्ठ बनाने में बहुत कारगर व लाभदायक होता है।

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