शी चिनफिंग की दूसरी हैसियत

2019-02-06 17:11:24
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शी चिनफिंग की दूसरी हैसियत

शी चिनफिंग बच्चों के सामने अकसर कहते हैं कि मैं हूं आप का बड़ा दोस्त। वे देश में बाल बच्चों की संमृद्धि और शिक्षा पर अधिक महत्व देते हैं। शी चिनफिंग ने कई बार चीन के किशोरों और बच्चों के प्रति अपने प्यार भरे की भावना व्यक्त की है। अपने मातृ स्कूल में वापस लौटकर उन्होंने बताया कि यहां कोई नेता नहीं हैं, हम सब छात्र ही हैं। शी चिनफिंग ने अपने स्कूल के अध्यापकों को सम्मान और आभार की भावना व्यक्त की है, और उन्हें प्रोत्साहित करने की उम्मीदें भी प्रकट की हैं, जिससे चीन में शिक्षा कार्यों की प्रगति को बढ़ावा मिलने की शक्ति संपन्न हुई है।

शी चिनफिंग ने स्कूल में अध्यापकों और छात्रों के सामने ऐसे बताया, “यहां आकर तुम लोग मुझे क्या समझते हो?अच्छा, आओ मुझे अपना बड़ा दोस्त समझो। आज जून पहली अंतर्राष्ट्रीय दिवस आने वाला है। मैं देश भर के बाल बच्चों के एक बड़े दोस्त की हैसियत से हमारे यहां के सभी बच्चों, और देश में सभी जातीयों के बाल बच्चों को छुट्टियों की खुशियां भेजता हूं, और बाल दिवस की शुभकामनाएँ।”

वर्ष 2013 की 1 जून के अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस की पूर्वसंध्या में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी चिनफिंग ने देश के सभी बच्चों को बधाई दी। बचपन का काल मानव जीवन में सबसे मूल्यवान हिस्सा माना जाता है। बाल बच्चों के साथ रहते समय शी चिनफिंग ने बचपन में हुए अपने अनुभवों को साझा किया और बच्चों को जीवन का सत्य समझाने का प्रयास किया, ताकि बच्चों को धीरे धीरे अधिकाधिक ज्ञान की प्राप्ति हो सके। वर्ष 2014 के जून पहली यानी अंतर्राष्ट्रीय दिवस से पहले उन्होंने पेइचिंग शहर के हायदयान जिले में स्थित जातीय प्राइमरी स्कूल में छात्रों के साथ अपने बचपन की कहानियों का साझा किया।

शी चिनफिंग ने बच्चों से पूछा, जब मैं बाल-पायनियर का सदस्य बना था, तब मैं भी बहुत उत्साहित था। तुम्हें भी यह लगता है कि नहीं?बच्चों ने जवाब दिया, जी हां। शी चिनफिंग ने फिर कहा, क्यों ऐसा लगता है?क्योंकि यह एक सम्मान ही है। मैंने तुम्हारे चहरे पर जो देखा है, वह है आशा, मातृभूमि और हमारे राष्ट्र की आशा। जैसे तुम ने बाल-पायनियर संगठन में शामिल करते समय शपथ लेते हुए कहा है, महान कार्यों का उत्तराधिकार करने के लिए हमेशा तैयार रहें।

शी चिनफिंग ने बाल बच्चों के साथ बातचीत करना जारी रखा। जब उन्होंने बच्चों के लेखनकला की रचना "जीजान से देशभक्ति करो" देखा, तब उन्होंने कहा, "मैं बचपन से ही इन शब्दों से प्रभावित रहता था। जब मैं चार पाँच साल का छोटा बच्चा था, माता जी ने मेरे लिये एक कार्टून की किताब खरीदी और मुझे प्राचीन काल में हुए महान वीर य्वे फेई की कहानी सुनाई। य्वे फेई की मां ने उनके पीठ पर चाकू से खरोंच कर ये शब्द लिखे। यानी ‘जीजान से देशभक्ति करो। उस समय मैंने भी अपनी माता जी से पूछा, ऐसे शब्द लिखने से दर्द लगता है?तब मेरी माता जी ने कहा कि दर्द तो जरूर ही लगता है, पर इस तरह य्वे फेई को हमेशा से याद रहेगी। यह शब्द मुझे आज भी याद है। इसलिए‘जीजान से देशभक्ति करो’ये वाक्य मेरा आजीवन का लक्ष्य बना है।"

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के आयोजन से अभी तक महासचिव शी चिनफिंग ने पेइचिंग शहर में स्थित बाल बच्चे भवन तथा जन बृहद भवन, बाल कल्याण गृह और भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास स्थल में अनेक बार बाल बच्चों के साथ जून पहली अंतर्राष्ट्रीय दिवस की खुशियां मनायी हैं और मौके पर पूरे देश के बच्चों को बधाई दी। जो बच्चों के जीवन में मूल्यवान स्मृति बनी हुई है। इन गर्म और प्रभावित क्षण से देश के भावी उत्तराधिकारियों के प्रति चीन के सर्वोच्च नेता की हार्दिक उम्मीदें ज़ाहिर हैं।

शी चिनफिंग ने ऐसा बताया,“युवाओं को शक्तिशाली बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। तुम्हें बचपन से ही अपनी भावना को उत्साहित करना चाहिये। तुम्हारी पीढ़ी दर पीढ़ी प्रगति हासिल की जानी चाहिये, देश की प्रगति इस बात पर निर्भर है। तुम्हें अपनी पिछली पीढ़ी से ज्यादा बलवान होना चाहिये। तबतो हमारा देश दिन ब दिन शक्तिवान बन जाएगा। कड़ी मेहनत करो, बच्चो।”

ऐसा कहना है कि शिक्षक सूर्य के नीचे सबसे अच्छा पेशा ही है। वर्ष 2016 के अध्यापक दिवस से पहले शी चिनफिंग अपने मातृ स्कूल यानी पेइचिंग के पहली अगस्त स्कूल वापस लौटे। स्कूल का दौरा करते समय शी चिनफिंग ने कई बुजुर्ग अध्यापकों के साथ हाथ मिलाकर खुशी से अतीत की बातों को याद किया। उन्होंने अध्यापकों से कहा,“आज इस स्कूल का दौरा करते हुए मुझे सौहार्दपूर्ण भावना महसूस हुई है। मुझे पुराने जगत और पुरानी स्मृति की तलाश करना है। आज स्कूल में भारी परिवर्तन आया है। मुझे अपने पुराने समय की याद आती है, उस समय मेरे अध्यापकों ने मुझे कैसे शिक्षा दी थी, और स्कूल की भावना से हमें कैसे प्रभावित किया गया था। जहां तक मैं चलता हूं, मैं हमेशा अपने मातृ स्कूल पर ध्यान रखता हूं और अपने मातृ स्कूल के साथ संपर्क रखता हूं।”

समय जल्दी से आगे गुज़रता है। लेकिन अध्यापकों और छात्रों के बीच जो स्नेह है, वह हमेशा मौजूद रहेगा। शी चिनफिंग के विचार में शिक्षा का विकास देश में दीर्घकालीन योजना से संबंधित है। शिक्षक को शिक्षा कार्यों का विकास करने की नींव और स्रोत माना जाता है। उनके कंधों पर बाल बच्चों की स्वस्थ संवृद्धि और संतोषजनक शिक्षा का विकास करने का मिशन होता है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस से शी चिनफिंग ने पत्र भेजने, स्थानीय इकाइयों का दौरा करने और संबंधित संगोष्ठी में भाग लेने के माध्यम से चीनी शिक्षकों को गहरी भावना और आशा जतायी।

उन्होंने ऐसा कहा,“एक अच्छे अध्यापक से मिलना किसी व्यक्ति के जीवन में सौभाग्य माना जाता है। किसी स्कूल में अच्छे शिक्षक प्राप्त होना इस स्कूल का गौरव ही माना जाता है। उधर किसी राष्ट्र में अच्छे शिक्षकों की प्राप्ति से इस राष्ट्र की आशा मानी जाती है। इसलिए अध्यापकों को छात्रों की गुणवत्ता को उन्नत करने का मार्गनिर्देशक बनना चाहिये। उन्हें छात्रों के अध्ययन कराने का गाइड बनना चाहिये। उन्हें छात्रों की अभिनव सोच का नेतृत्व करने वाला बनना चाहिये। और उन्हें मातृभूमि के लिए योगदान पेश करवाने के लिए छात्रों का लीडर बनना चाहिये।”

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