मैं शिनच्यांग वापस लौटकर योगदान दूंगी:मैडिना

2019-01-10 19:06:02
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वर्ष 2000 के गर्मी के दिनों में पेइचिंग से हजारों किलोमीटर दूर पश्चिमी चीन के काशी शहर में स्थित काशी नंबर छह मिडिल स्कूल में मैडिना मेहनत से पढ़ रही थीं। वे हाई स्कूल की प्रवेश परीक्षा की तैयारी में व्यस्त थीं। मैडिना की पढ़ाई बहुत अच्छी है। उनका अच्छा चुनाव तो अपने स्कूल की हाई स्कूल में प्रवेश करना है। लेकिन एक बार झंडा चढ़ाने की रस्म आयोजित करने के बाद कुलपति ने एक हाई स्कूल की प्रवेश सूचना जारी की। जिसने मैडिना के विचार को बदल दिया। उन्होंने कहा,उस समय तक मैंने कभी पूरे शिनच्यांग में एकीकृत परीक्षा में भाग नहीं लिया था। मैं नहीं जानती थी कि मैं सफल होउंगी या नहीं। क्योंकि हमारे स्कूल में मेरे अंक तो अच्छे हैं। इस सूचना के जारी होने के बाद मैंने घर वापस लौटकर मां-बाप को यह बताया। मेरे पिता जी ने मेरा बड़ा समर्थन दिया, मां ने भी। इसलिये मुझे लगता है कि मैं ज़रूर इस में भाग लूंगी। क्योंकि इस मौके से मुझे भीतरी चीन में सीखने का अवसर मिल सकेगा। मुझ में बड़ा आत्मविश्वास था।

वर्ष 2000 में चीन सरकार ने भीतरी चीन के विकसित शहरों में स्थित श्रेष्ठ हाई स्कूलों में शिनच्यांग कक्षा की स्थापना की। शिनच्यांग के जूनियर हाई स्कूल से स्नातक श्रेष्ठ विद्यार्थी इस में पढ़ सकते हैं। उस साल मैडिना ने काशी क्षेत्र के शीर्ष अंकों से प्रसिद्ध पेइचिंग लूहो मिडिल स्कूल में प्रवेश लिया। पेइचिंग की यात्रा उन के लिये बहुत अविस्मरणीय रही। 23 अगस्त को वे काशी से रवाना हुईं, 24 अगस्त को उरूमछी पहुंचीं। वहां लूहो मिडिल स्कूल में प्रवेश करने वाले अन्य 80 से अधिक विद्यार्थियों से मिलकर 27 अगस्त को सभी विद्यार्थी उरूमछी रेल स्टेशन से 29 अगस्त को पेइचिंग पहुंचे। इस की चर्चा में मैडिना ने कहा कि,हम 29 अगस्त को नहीं भूल सकते। लूहो स्कूल के 40 से अधिक विद्यार्थियों ने हमारा स्वागत किया। उनकी उम्र हमारे बराबर होगी। रेल गाड़ी से उतरने के बाद उन्होंने हमारे सूटकेस ले लिये, और सक्रिय रूप से हमारे साथ बातचीत की। स्कूल की सोच शायद यह है कि यहां पहुंचते ही हम दोस्त बन सकते हैं, ऐसा करने से माहौल के अनुकूल ढलने में ज्यादा आसानी होगी। स्कूल ने हमारे लिये विशेष भोजनालय की तैयारी की। छात्रावास में रज़ाई व बिस्तर सभी तैयार थे। जीवन बिताने की सभी ज़रूरी चीज़ें मौजूद थी, उदाहरण के लिये कटोरे व चोपस्टिक्स, थर्मस बोतल इत्यादि।

जब रेल गाड़ी स्टेशन पर पहुंची, तो उस समय लूहो स्कूल के कुलपति च्यांग शीई अध्यापकों व एक कक्षा के विद्यार्थियों का नेतृत्व करके इंतजार कर रहे थे। पेइचिंग के अध्यापकों व विद्यार्थियों के उत्साह ने जल्द ही शिनच्यांग के विद्यार्थियों की चिंता को दूर किया। इस तरह से मैडिना ने पेइचिंग में अपना चार साल का जीवन शुरू किया।

अल्पसंख्यक जातीय विद्यार्थियों के मंदारिन चीनी से शिक्षा लेने के लिये लूहो स्कूल के अध्यापकों ने बड़ी कोशिश की। मैडिना के पति ने भी इसे गहन रूप से महसूस किया। लूहो स्कूल में प्रेम की शक्ति शामिल है। और यह प्रेम उन की पत्नी के दिल में पसा हुआ है। मैडिना के पति दिलीमूराटी ने कहा,जब हम प्यार में पड़े, तो उनके मुंह से हमेशा लूहो लूहो निकलता था। तो मैंने उनसे पूछा कि लूहो कहां पर है?उन्होंने जवाब दिया कि मैं पेइचिंग के लूहो हाई स्कूल में पढ़ती थी। फिर उन्होंने मुझे सहपाठियों व अध्यापकों के फोटो व स्कूल के फोटो दिखाये। साथ ही उन्होंने लूहो स्कूल में उन की बहुत कहानियों को मेरे साथ साझा किया। लूहो के प्रति उन की विशेष भावना है। वे लूहो को बहुत प्यार करती हैं। हर बार जब मैं पेइचिंग जाता हूं, तो मैं उन के साथ इस स्कूल का दौरा करना चाहता हूं।

मैडिना के अनुसार पेइचिंग में गुजारे हुए चार साल उन की जिन्दगी के सब से महत्वपूर्ण चार साल हैं। उन्हें न सिर्फ़ ज्ञान लेने की सब से अच्छी उम्र में पढ़ाई की सर्वश्रेष्ठ शर्त प्राप्त हुई, बल्कि पेइचिंग में जीवन व मूल्य पर उन के दृष्टिकोण भी बदल गये। उन्होंने कहा,उस समय हम स्वस्थ व व्यापक व्यक्तित्व को शायद अच्छी तरह से नहीं समझ सकते थे। लेकिन काम करने के बाद मुझे लगता है कि जब एक व्यक्ति समाज में प्रवेश करता है, तो स्वस्थ व व्यापक व्यक्तित्व उन के लिये बहुत महत्वपूर्ण होगा। आप को अच्छी तरह से अपना कर्तव्य निभाना चाहिये। यह विचार मैंने लूहो स्कूल से सीखा।

हाई स्कूल से स्नातक होने के बाद मैडिना ने शीआन यातायात विश्वविद्यालय के क्लिनिकल चिकित्सा विभाग में प्रवेश पाया। बैचलर होने के बाद उन्होंने शिनच्यांग चिकित्सा विश्वविद्यालय में जाकर मास्टर की पढ़ाई की। अब वे काम करती हैं। हालांकि बहुत समय नहीं है, लेकिन उन की पेशेवर क्षमता को अस्पताल के नेताओं व साथियों की स्वीकार्यता मिली। अस्पताल के नेत्र विज्ञान कक्ष की अध्यक्ष तिंग लिन के ख्याल से मैडिना का बुनियादी ज्ञान बहुत मजबूत है। नेत्र रोगों के पहचान पर उन की क्षमता बहुत बड़ी है। कुछ विशेष रोगियों की सर्जरी पर उनके अपने विशेष विचार होते हैं। इस की चर्चा में तिंग लिन ने कहा,हमें लगता है कि इस लड़की की गुणवत्ता बहुत अच्छी है। सामान्य जीवन में चाहें रोगियों के प्रति, या चिकित्सकों के प्रति या अस्पताल के नेताओं के प्रति वे बहुत शिष्ट रहती हैं। काम करने में वे हमेशा दूसरों का ख्याल रखती हैं। वे बहुत मेहनत से काम करती हैं, और बड़ी कोशिश के साथ सभी कामों को पूरा करती हैं।

हालांकि अब मैडिना नेत्र का महत्वपूर्ण सर्जरी नहीं कर सकती, लेकिन वे रोगियों के चिकित्सा पर बड़ा ध्यान देती हैं।

चिकित्सक:इस रोगी की सर्जरी कब पूरी हुई?

नर्स:रात को आठ बजे। रक्तचाप तो ठीक ठाक है। नाड़ी भी स्थिर है।

चिकित्सक:चाड़ी हर मिनट पर 80 हैं। रक्तचाप 90 व 130 है।

नेत्र के रोगी रूम में सी शूजू नामक एक रोगी ने कहा,वे हर दिन रूम में आकर हमें देखती हैं। और हमारी स्थिति पूछती हैं। सर्जरी से पहले उन्होंने बहुत ठोस से हमें संबंधित जानकारी दी। उन की मंदारिन चीनी बहुत अच्छी है। सर्जरी से पहले हम बहुत डरे हुए थे, लेकिन उन की बातों को सुनकर हमारी चिंता दूर हो गयी।

हालांकि भीतरी चीन में काम करने के ज्यादा अच्छे मौके मिल सकते हैं, लेकिन मैडिना शिनच्यांग वापस लौटी। उन के अनुसार सरकार ने उन्हें इतना अच्छा मौका दिया है। और उन्होंने बहुत अच्छी शिक्षा ली। अब धन्यवाद देने का वक्त आया है। इसलिये उन्होंने शिनच्यांग वापस लौटकर योगदान देने का चुनाव किया। यह एक असली वजह है।

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