हर महिला हर बच्चा नामक चीनी चिकित्सा सहायता कार्रवाई मिस्र में शुरू

2018-12-19 11:05:04
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दोस्तों, 11 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र के अधीन "हर महिला, हर बच्चा" नामक चीनी चिकित्सा सहायता गतिविधि मिस्र में आयोजित हुई, जिसका मकसद संयुक्त राष्ट्र के सहस्राब्दी विकास लक्ष्य में शामिल महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सूचकांक का सुधार करना, तथा मिस्र समेत अफ्रीका में रहने वाले गरीब रोगियों का बचाव करना है।

संयुक्त राष्ट्र के हर महिला हर बच्चा नामक सुझाव वर्ष 2010 में उसी समय के संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून द्वारा पेश किया गया। जिस का लक्ष्य नये सहस्राब्दी स्वास्थ्य लक्ष्य को पूरा करने के कदम को मजबूत करना है।

चीनी राष्ट्रीय वैदेशिक मैत्री संघ के अमेरिका व ओशिनिया विभाग के उपाध्यक्ष ची योंगज्वुन, मिस्र स्थित चीनी दूतावास के काउन्सलर वांग ई समेत चीन व मिस्र दोनों देशों के लगभग सौ मेहमानों ने उसी दिन की शुरूआत रस्म में भाग लिया। गतिविधि में चीनी चिकित्सा घाव मरम्मत तकनीक से जुड़ा वीडियो प्रोग्राम दिखाया गया।

संयुक्त राष्ट्र के अधीन हर महिला हर बच्चा नामक सुझाव ढांचे के तले चीनी सहयोग साझेदार नेटवर्क एक व्यापक स्वास्थ्य सहयोग साझेदार नेटवर्क है। जिसकी स्थापना चीनी जन वैदेशिक मैत्री संघ व संयुक्त राष्ट्र महासचिव कार्यालय द्वारा सितंबर 2014 में हस्ताक्षरित सहयोग ज्ञापन के आधार पर की गयी। चीनी वैदेशिक मैत्री संघ के अमेरिका व ओशिनिया विभाग के उपाध्यक्ष ची योंगज्वुन ने प्रेस को बताया कि संयुक्त राष्ट्र "हर महिला, हर बच्चा" गतिविधि में चिकित्सा सहयोग का विशेष महत्वपूर्ण स्थान है। और यह चीन और अफ्रीका के बीच सहयोग करने का अहम भाग बनेगा। गत वर्ष संबंधित चीनी प्रतिनिधि मंडल ने मलेशिया व थाईलैंड का दौरा किया, इस वर्ष चीनी चिकित्सा सहायता का पहला पड़ाव मिस्र है। चीन व मिस्र इस मौके से लाभ उठाकर चिकित्सा क्षेत्र में संपर्क व सहयोग को गहन करेंगे। उन्होंने कहा,हम इस बार के चिकित्सा सहयोग से भविष्य में सहयोग के ज्यादा मौकों व क्षेत्रों की खोज करना चाहते हैं, और चीन के बारे में विदेशी लोगों को बताना चाहते हैं। इसलिये हमें उम्मीद है कि हम अपने सफल अनुभवों और अच्छी दवाइयों को स्थानीय लोगों के साथ साझा कर सकेंगे। ताकि स्थानीय रोगियों का अच्छा उपचार किया जा सके, और वे स्वस्थ होकर भविष्य का सुन्दर जीवन बिता सकें। साथ ही चीन संयुक्त राष्ट्र संघ के बड़े मंच पर और अच्छी तरह से अपनी भूमिका अदा कर सकेगा।

वर्ष 2016 में मेबो ग्रुप औपचारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र“हर महिला हर बच्चा”कार्रवाई में एक सदस्य बना। मिस्र में इस ग्रुप की 20 से अधिक शाखा चिकित्सा संस्थाओं की स्थापना की गयी। अंतर्राष्ट्रीय जीव विज्ञान उद्यम के एक प्रतिनिधि के रूप में मेबो ग्रुप के बोर्ड अध्यक्ष शू फंग ने संवाददाता को इन्टरव्यू देते हुए कहा कि मुझे आशा है कि ज्यादा से ज्यादा मेबो जैसे सीमा पार उद्यम संयुक्त राष्ट्र के इस सुझाव पर निर्भर होकर विश्व के विभिन्न देशों की महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य के लिये योगदान दे सकेंगे। उन्होंने कहा,हमारा लक्ष्य विश्व में बहुत विकासशील देशों में महिलाओं व बच्चों की मृत्यु दर को कम करना है। इसलिये हमारी तकनीक भी“हर महिला हर बच्चा”इस कार्रवाई के सामाजिक मूल्य से मेल खाती है। इस बार मिस्र में आयोजित इस शुरूआत रस्म का उद्देश्य वरिष्ठ व अनुभवी विशेषज्ञ अपनी तकनीक नयी पीढ़ी वाले युवा चिकित्सकों को बताना है। ऐसे करके संयुक्त राष्ट्र के सुझाव का पालन करने के साथ इस का विकास भी किया गया। यानी चीन की चिकित्सा तकनीक विश्व की जनता को लाभ देने का लक्ष्य पूरा होगा।

इस शुरूआत रस्म में भाग लेने वाले संयुक्त अरब अमीरात के खाड़ी दवा कारखाने की मिस्र शाखा के मैनेजर मैग्दी सात्ती ने इन्टरव्यू देते समय बताया कि गतिविधि की समाप्ति के बाद मिस्र और चीन के प्रतिनिधि मिस्र की राजधानी काहिरा में स्थित विभिन्न अस्पतालों का दौरा करेंगे। इधर के वर्षों में चीन और मिस्र के बीच चिकित्सा सहयोग के विस्तार से मिस्र के चिकित्सा प्रशिक्षण संस्थाओं को भी लाभ मिला है। उन के अनुसार,इस बार का चिकित्सा सहयोग केवल चीन व मिस्र के उद्यमों के बीच नहीं है, वह राष्ट्रीय स्तर का आदान-प्रदान व सहायता है। चीनी प्रतिनिधिमंडल मिस्र के चिकित्सा संस्थाओं का दौरा करके दोनों देशों के चिकित्सा सहयोग के लिये वास्तविक सुझाव पेश करेंगे।

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