चीन बच्चियों के लिये नेटवर्क गुण का स्तर कर रहा है उन्नत

2018-10-23 14:54:28
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn
1/5

दोस्तों, वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद व सोशल सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने में वयस्कों की अपेक्षा बच्चे शायद ज्यादा माहिर हैं। यह कहा जा सकता है कि आज के बच्चे इंटरनेट के साथ बड़ी हो रही पीढ़ी है। इंटरनेट ने बच्चों को सूचना के समृद्ध संसाधन दिये हैं, और उन्हें अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं। लेकिन इस के साथ बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर उस की नकारात्मक भूमिका भी दिन-ब-दिन गंभीर हो रही है।

11 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस था। उसी दिन चीनी राष्ट्रीय महिला संघ व चीनी बाल व युवा कोष द्वारा आयोजित वर्ष 2018 अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के मुद्दे पर एक सेमिनार पेइचिंग में उद्घाटित हुआ। सेमिनार पर जारी एक रिपोर्ट के अनुसार संपूर्ण रूप से देखा जाए, तो चीनी बच्चों के इंटरनेट का प्रयोग करने की क्षमता उन्नत हुई है। लेकिन उन पर इंटरनेट से मिली नकारात्मक सूचनाओं से कुप्रभाव पड़ने की संभावना भी बहुत बड़ी है। खास तौर पर लड़कियों के प्रति वे आसानी से नेटवर्क जोखिम से ग्रस्त होंगी। सेमिनार में उपस्थित प्रतिनिधियों ने फूल कली की रक्षा कार्रवाई नामक संयुक्त प्रस्ताव जारी किया, और बच्चियों के विकास के लिये सामंजस्यपूर्ण व हरित नेटवर्क वातावरण का निर्माण करने की अपील की।

सेमिनार में चीनी बाल कोष ने नये युग में बालिका व परिवार में नेटवर्क गुण की जांच रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के प्रति नेटवर्क गुण में इंटरनेट का प्रयोग करने की क्षमता, सूचनाओं की पहचान क्षमता, बुरी सूचनाओं की रोकथाम करने की क्षमता, समस्याओं का समाधान करने की क्षमता, और इंटरनेट के निर्माण में भाग लेने की क्षमता शामिल हुई हैं। संपूर्ण रूप से देखा जाए, तो चीनी बच्चों की इंटरनेट का प्रयोग करने की क्षमता शक्तिशाली है, लेकिन इंटरनेट से मिली नकारात्मक सूचनाओं के प्रति उन की पहचान क्षमता कमज़ोर है। खास तौर पर लड़कियां आसानी से नेटवर्क जोखिम के शिकार बन सकती हैं। चीनी बाल कोष के महासचिव चू शीशन ने कहा, बच्चियां आसानी से नेटवर्क जोखिम का शिकार बन सकती है। कामुक जानकारी के उत्पीड़न के पक्ष में 29.3 प्रतिशत बच्चियों को ऐसी सूचना के उत्पीड़न से मिली है। उन के अलावा 35.9 प्रतिशत बच्चियों को साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा। 24.1 प्रतिशत बच्चियां साइबर हिंसा व गाली की शिकार बनी। और 11.5 प्रतिशत बच्चियों को अजनबी से मिलने का जोखिम मिला। यह कहा जा सकता है कि लड़कियां नेटवर्क से सुविधाएं मिलने के साथ नेटवर्क जोखिम के मुख्य शिकार भी बनती हैं।

इस रिपोर्ट के आधार पर लड़कियों के नेटवर्क गुण का स्तर उन्नत करने के लिये न सिर्फ़ बच्चियों के आत्म तत्व पर ध्यान देने की जरूरत है, बल्कि सामाजिक वातावरण व पारिवारिक वातावरण पर भी ध्यान देना होगा। अब स्कूल व परिवार के बीच नेटवर्क गुण की शिक्षा पर कोई संपर्क नहीं रखा गया। चू शीशन ने कहा, एक पक्ष में स्कूलों में नेटवर्क गुण की शिक्षा पर्याप्त नहीं है। स्कूली उम्र की बच्चियां अपना अधिकतर समय स्कूलों में बिताती हैं। लेकिन वर्तमान में विभिन्न मिडिल व प्राइमरी स्कूलों में नेटवर्क गुण से संबंधित शिक्षा काफ़ी नहीं है। चाहें कक्षा में हो या कक्षा के बाहर दोनों पक्षों में ऐसी शिक्षा का अभाव है। दूसरे पक्ष में मां बाप बच्चियों के नेटवर्क के प्रयोग पर ज्यादा निगरानी रखते हैं, पर काफ़ी निर्देशन नहीं देते। पारिवारिक शिक्षा में अधिकतर मां बाप अपनी बेटी के नेटवर्क का प्रयोग करने की कार्रवाई पर निगरानी व प्रबंध या प्रतिबंध लगाते हैं। लेकिन कारगर रूप से नेटवर्क संसाधन का प्रयोग करने में बच्चियों को मार्गदर्शन देने में उन के अनुभव का अभाव है।

इस के प्रति रिपोर्ट में सरकारी विभागों, इंटरनेट उद्यमों, परिवारों, स्कूलों से एक साथ कोशिश करके बच्चियों के प्रति एक मैत्रीपूर्ण नेटवर्क वातावरण बनाने की अपील की गयी। सेमिनार में उपस्थित विभिन्न जगतों के प्रतिनिधियों ने एक साथ फूल कली की रक्षा कार्रवाई नामक संयुक्त प्रस्ताव जारी किया, और बच्चियों के विकास के लिये सामंजस्यपूर्ण व हरित नेटवर्क वातावरण का निर्माण करने की अपील की।

चीनी राष्ट्रीय महिला संघ की उपाध्यक्ष ह्वांग श्याओवेई ने भाषण देते  हुए कहा कि, हमें कानून के आधार पर नेटवर्क के निर्माण पर बल देना चाहिये, और नेटवर्क सूचनाओं के वर्गीकरण और ग्रेडिंग व्यवस्था में सुधार करना चाहिये। साथ ही बच्चों की इंटरनेट प्रयोग से जुड़ी कार्रवाई पर निगरानी, प्रबंध व मार्गदर्शन को मजबूत करना चाहिये। और बच्चों के प्रति, खास तौर पर बच्चियों के अधिकारों व हितों को नुकसान पहुंचाने वाली साइबर अवैध व आपराधिक कार्वराई के प्रति ज्यादा गंभीर सज़ा देनी चाहिये। ताकि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिये एक सुरक्षित नेटवर्क माहौल तैयार हो सके। इसके अलावा हम स्कूल, परिवार व बस्ती के बीच एक शिक्षा नेटवर्क की स्थापना करेंगे, और बच्चों खास तौर पर बच्चियों की शारीरिक व मानसिक विशेषता के आधार पर स्कूलों व परिवारों में नेटवर्क सुरक्षा का प्रसार-प्रचार करेंगे और शिक्षा देंगे। साथ ही पूरे समाज को नेटवर्क सुरक्षा की रक्षा में भाग लेने का आह्वान किया जाएगा, ताकि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिये नेटवर्क व जीवन को सुरक्षित क्षेत्र बनाये जा सके।

शेयर