दूसरा यूरोप-एशिया महिला मंच सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित

2018-09-28 10:19:48
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दूसरा यूरोप-एशिया महिला मंच सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित

20 से 21 सितंबर तक दूसरा यूरोप-एशिया महिला मंच रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित हुआ। मंच का मुद्दा था विश्व सुरक्षा व अनवरत विकास में महिलाओं की कोशिश। 100 से अधिक देशों के राजनीतिज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्वानों के अलावा उद्यमों के लगभग 2000 प्रतिनिधियों ने इस में भाग लिया। उन्होंने विश्व सुरक्षा की सुनिश्चितता, सृजन में सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था का विकास, लोकोपकार व मानवीय कार्यक्रम को बढ़ावा देने आदि क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया।

20 सितंबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यूरोप-एशिया महिला मंच में भाग लिया और भाषण भी दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान की जटिल अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में महिलाओं ने बहुत क्षेत्रों में अपनी अभूतपूर्व क्षमता दिखायी, और वे शांति व सुरक्षा के पक्ष में ज्यादा से ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, तथा विभिन्न देशों के विधिनिर्माण व कानून के कार्यान्वयन विभागों में तमाम महिलाएं, महिला उद्यमी, महिला वैज्ञानिक, व विभिन्न व्यवसायों की श्रेष्ठ महिलाएं सक्रिय रूप से अपना काम कर रही हैं। पुतिन ने कहा,ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को सफलता मिलने पर विश्व व देश ज्यादा से ज्यादा बेहतर बन सकेंगे। जिससे हम राष्ट्रीय निहित शक्ति को मजबूत कर, विश्व यहां तक कि पूरी सभ्यता के निरंतर विकास हासिल कर सकेंगे।

पुतिन ने जोर देकर कहा कि लैंगिक असमानता को दूर करना होगा। साथ ही महिलाओं के प्रति व्यावसायिक भेदभाव को समाप्त करने की ज़रूरत भी है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिये बच्चियों को लड़कों की तरह शिक्षा के समान मौके देने होंगे, महिलाओं को रोजगार पाने या नये धंधे खोलने में मदद देनी चाहिये, महिलाओं को ज्यादा स्वतंत्रता मिलनी चाहिये, और महिलाओं को कारगर सामाजिक व कानूनी सुनिश्चितता देनी चाहिये। वैज्ञानिक व तकनीकी विकास से महिलाओं को नये मौके मिल सकें। वे घर के काम करने के अवकाश में दूरस्थ शिक्षा भी ले सकती हैं। वे अपने साझेदारों के साथ नये धंधे खोलती हैं, और खूब सफलता प्राप्त कर सकती हैं। यहां तक कि कुछ महिलाएं पुरुषों के लिए आदर्श भी बन चुकी हैं।

रूसी संघीय परिषद की अध्यक्ष वालेंटिना माटविएंको ने मंच के पूर्णाधिवेशन की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पहले यूरोप-एशिया महिला मंच ने रूस में महिला से जुड़े कार्यों के विकास को बढ़ावा दिया। रूस में लगातार तीन वर्षों से महिला नेताओं की संख्या सब से अधिक है। रूस में 47 प्रतिशत उच्च स्तरीय प्रबंधक महिलाएं हैं। रूस में लगभग 2000 से अधिक गैर सरकारी महिला संगठनों की स्थापना की गयी। लेकिन विश्व के दायरे में महिला व बच्चों के प्रति कई चुनौतियां मौजूद हैं। माटविएंको ने कहा,अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में मानवीय सभ्यता के प्रति सब से बड़ी चुनौती आतंकवाद  है। मध्य पूर्व, उत्तरी अफ़्रीका आदि क्षेत्रों में लाखों हताहतों व शरणार्थियों में बहुत महिलाएं व बच्चे शामिल हैं।

माटविएंको के अनुसार विश्व की गरीब जनसंख्या में 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। विशेषज्ञों द्वारा इस बात की पुष्टि की गयी कि वर्तमान की आर्थिक विकास के स्तर के आधार पर आर्थिक असंतुलन को दूर करने के लिये 100 से 200 साल के समय की जरूरत है। माटविएंको ने विश्व की श्रेष्ठ महिलाओं से संयुक्त रूप से गरीबी दूर करने, पुरुष व महिला के बीच असमानता को बदलने, और घरेलू हिंसा आदि महिलाओं के अधिकारों व हितों को नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई को खत्म करने की अपील की।

20 सितंबर को आयोजित मंच के पूर्णाधिवेशन में विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने महिलाओं से जुड़े मामलों पर श्रेष्ठ भाषण दिये। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थाई कमेटी की उपाध्यक्ष, चीनी राष्ट्रीय महिला संघ की अध्यक्ष शेन य्वेएय्वेए ने पूर्णाधिवेशन में कहा कि व्यापक महिलाएं विश्व सुरक्षा व अनवरत विकास प्राप्त करने की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। ज्यादा से ज्यादा महिलाओं ने शांति, विकास, सहयोग व समान जीत के महान कार्य में भाग लिया है। उन्होंने कहा,चीन लगातार विश्व सुरक्षा व अनवरत विकास के लिये कोशिश कर रहा है। चीनी महिलाएं यूरोप व एशिया के विभिन्न देशों की महिलाओं के साथ हाथ में हाथ डालकर विश्व शांति की रक्षा करने, क्षेत्रीय विकास को मजबूत करने, और मानवीय साझा नियति समुदाय का निर्माण करने के लिये अपना योगदान देना चाहती हैं।

शेन य्वेए य्वेए ने जोर देकर कहा कि हमें आपसी विश्वास व आपसी लाभ पर कायम रहकर समानता से सहयोग करना, सक्रिय रूप से सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना, एक साथ चुनौतियों का सामना करना, और मतभेदों का उचित समाधान करना चाहिये। इस प्रक्रिया में यूरोप व एशिया के देशों को अपनी विशेष भूमिका अदा करनी चाहिये। महिला अधिकारों व हितों के विकास को मजबूत करने, लैंगिक असमानता को दूर करने में यूरोप व एशिया के देशों को बहुत अच्छे अनुभव प्राप्त हैं। जो साझा करने व सीखे के योग्य हैं। विभिन्न देशों को ध्यान से वर्ष 2030 अनवरत विकास कार्यक्रम लागू करना चाहिये, और महिलाओं की श्रेष्ठता व भूमिका को अच्छी तरह से अदा करना चाहिये। साथ ही एक दूसरे से सीखकर एक साथ महिला कार्य के व्यापक विकास को बढ़ावा देना चाहिये। शेन य्वेएय्वेए ने कहा कि चीन से पेश एक पट्टी एक मार्ग सुझाव अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। एक पट्टी एक मार्ग और विभिन्न देशों के विकास रणनीति के जुड़ने से इस से संबंधित देशों की जनता को लाभ मिलेगा।

गौरतलब है कि पहला यूरोप-एशिया महिला मंच वर्ष 2015 में सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित हुआ। 80 देशों से आए लगभग 1000 महिला प्रतिनिधियों ने इस में भाग लिया था। उन्होंने हर तीन साल में एक बार यूरोप-एशिया महिला मंच के आयोजन का फैसला किया। विश्व महिला मंच के बाद यूरोप-एशिया महिला मंच भी महिला से जुड़े मामलों का विचार-विमर्श करने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय मंच बन जाएगा।

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