वनछ्वान के विद्यार्थी फिर समुद्र संपूर्ण रूस बाल केंद्र में वापस लौटे

2018-09-26 17:29:33
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दोस्तो, इस वर्ष चीन के सछ्वान प्रांत के वनछ्वान क्षेत्र में आए भीषण भूकंप की 10वीं वर्षगांठ है। भूकंप से प्रभावित बच्चों के प्रति उस समय दुःख के साथ खुशी का मौका भी याद है। क्योंकि भूकंप के बाद उन्होंने स्वास्थ्य बहाली के लिये रूस का दौरा किया। उन्होंने रूसी अध्यापकों व विद्यार्थियों के साथ गहरी मित्रता बनायी। हालांकि दस साल बीत चुके हैं, लेकिन उन के बीच यह मित्रता और मजबूत हुई है। सौभाग्य से इस बार वनछ्वान के बच्चों को फिर एक बार समुद्र संपूर्ण रूस बाल केंद्र का दौरा करने का मौका मिला।

स्थानीय समयानुसार 9 सितंबर की सुबह व्लादिवोस्तोक में स्थित समुद्र संपूर्ण रूस बाल केंद्र में कई रूसी बच्चों ने हाथों में चीन-रूस दोनों देशों के राष्ट्रीय झंडे लेकर जोश भरा जयघोष व राष्ट्रीय नृत्य से चीन से आए 40 से अधिक बच्चों का स्वागत किया। रूसी बच्चों के प्रति ये चीनी बच्चे कुछ विशेष मित्र हैं। जिन में कुछ लोग दस साल पहले भूकंप के बाद यहां आये थे। जहां उन्होंने रूसी मित्रों व अध्यापकों के साथ 21 दिन बिताए। और दोनों के बीच गहरी मित्रता बनी।

स्वागत रस्म में समुद्र बाल केंद्र के अध्यक्ष अंड्रेय बाजिलेवस्की ने संक्षिप्त में एक प्यार भरा भाषण दिया। उन्होंने कहा, दस साल पहले यानी वर्ष 2008 में समुद्र बाल केंद्र उन चीनी बच्चों का दूसरा घर बना। आज मैंने दिल से कहा कि आप लोगों के घर वापस लौटने का स्वागत है। आप लोग घर पहुंच चुके हैं।

बाजिलेवस्की ने कहा कि लोग उस इतिहास और मिलने के सुन्दर समय को नहीं भूलेंगे। चीन व रूस के युवाओं ने मुश्किल समय में एक दूसरे की मदद की, और मूल्यवान मित्रता बनायी। यह मित्रता आज तक कायम है, और भविष्य में भी वह पहले की तरह रहेगी।

वर्ष 2008 में वनछ्वान में भीषण भूकंप आने के बाद रूस सरकार ने क्रमशः भूकंप से ग्रस्त 1500 से अधिक बच्चों को रूस में स्वास्थ्य बहाल करने का आमंत्रण दिया। उन में आधे से ज्यादा बच्चे समुद्र बाल केंद्र में आए। अब सछ्वान विश्वविद्यालय के कानून कॉलेज में एमएल पढ़ रही श्वेए श्वेए उन में से एक हैं। बाल केंद्र में वापस लौटकर उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा,रूसी भाषा सुनकर मैंने बहुत परिचित व स्नेहपूर्ण भावना महसूस की। जो अपने जन्मस्थान की भाषा की तरह है। हालांकि इस का मतलब मेरी समझ में नहीं आया।

श्वेए श्वेए व उन के सहपाठियों ने रूसी अध्यापकों के नेतृत्व में फिर एक बार बाल केंद्र के छात्रावास, क्लास रूम व भोजनालय का दौरा किया। विद्यार्थी बहुत खुश हैं, उन्होंने देखने के दौरान यहां जीवन बिताते समय अपनी कहानी बतायी। भोजनालय को देखने के बाद श्वेए श्वेए ने कहा,उस समय हर दिन हमें यहां आलू प्यूरी, सॉसेज, मांस व फल मिलते थे। भोजन बहुत हैं, जिसे हम पूरा नहीं खा सकते थे। और भोजनालय में चम्मच बहुत बड़ी थी। हम लाल सूप पीते थे। वह शायद लाल गोभी का सूप था। उस समय सभी बच्चे एक साथ बैठकर भोजन करते थे। अध्यापक हमारी देखभाल करते थे। हम बहुत खुश थे।

डाए याओ भी समुद्र बाल केंद्र में आने वाले उन चीनी विद्यार्थियों में से एक हैं। उसी साल वे केवल 12 वर्ष की थी। इस वर्ष वे सछ्वान व्यावसायिक तकनीक कॉलेज के संगीत शिक्षा विभाग से स्नातक हुई हैं। उन्हें आशा है कि वे एक अध्यापिका बन सकेंगी। इस बार डाए याओ ने समुद्र बाल केंद्र में वापस लौटकर घर जैसा अनुभव महसूस किया है। वहां के शिक्षक की याद करते हुए डाए याओ ने कहा,उस समय रूसी शिक्षक हर दिन हमारे साथ खेलती थीं, हमें ज्ञान सिखाती थीं। उन्होंने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी। इसलिये मैं अब भी एक शिक्षक बनना चाहती हूं।

गौरतलब है कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 12 सितंबर को व्लादिवोस्तोक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ समुद्र संपूर्ण रूस बाल केंद्र का दौरा किया।

जब शी चिनफिंग वहां पहुंचे, तो पुतिन ने उनका स्वागत किया। दोनों देशों के नेताओं ने वनछ्वेन भूकंप से ग्रस्त क्षेत्रों से आए चीनी बच्चों के रूस में स्वस्थ होने से जुड़ी चित्र प्रदर्शनी देखी। फिर दोनों ने थिएटर में जाकर बाल केंद्र द्वारा आयोजित वनछ्वेन भूकंप से प्रभावित बच्चों के रिसेप्शन की 10वीं वर्षगांठ के स्मारक समारोह में भाग लिया। समारोह में दोनों नेताओं ने भाषण भी दिया।

शी चिनफिंग ने कहा कि चीन व रूस अच्छे पड़ोसी देश होने के साथ अच्छे साझेदार भी हैं। दोनों देशों की जनता एक दूसरे की मदद देती है, जिस के दौरान बहुत प्रभावित बातें पैदा हुईं। वर्ष 2008 में चीन के वनछ्वेन में भीषण भूकंप आया। इस के बाद रूसी बचाव दल ने जल्द ही भूकंप से ग्रस्त क्षेत्रों में जाकर बचाव कार्य शुरू किया। साथ ही रूस सरकार के निमंत्रण पर भूकंप से ग्रस्त क्षेत्रों के 996 बच्चे इलाज के लिये समुद्र संपूर्ण रूस बाल केंद्र में गये। चीन-रूस संबंधों के विकास का इतिहास दोनों देशों के युवाओं के बीच घनिष्ठ आदान-प्रदान का इतिहास भी है। हाल के वर्षों में चीन-रूस युवाओं का आदान-प्रदान दिन-ब-दिन घनिष्ठ हो रहा है। जिससे दोनों के बीच आपसी समझ व मित्रता मजबूत हुई है।

पुतिन ने कहा कि रूस व चीन के बीच आपसी विश्वास व आपसी सहयोग के मैत्रीपूर्ण संबंध बने हुए हैं। दोनों देशों के युवाओं के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान से दोनों देशों के संबंधों के लिये और ज्यादा मजबूत आधार तैयार होगा। जो भविष्य में रूस-चीन संबंधों के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। आशा है कि रूस व चीन की युवा पीढ़ी दोनों देशों की जनता की गहन परंपरागत मित्रता का विकास कर सकेगी।

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