अल्पसंख्यक जातीय कलाकारों के प्रशिक्षण को मजबूत करें:जोंगयोंग डोलमा

2018-03-20 11:31:37
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अल्पसंख्यक जातीय कलाकारों के प्रशिक्षण को मजबूत करें:जोंगयोंग डोलमा

वे बर्फ पर्वत से आई है। उस समय गांव से काउंटी तक जाने में सात दिन लगते थे। वे ऊंची व मधुर आवाज़ से तिब्बती बंधुओं का देशप्रेम गाती हैं। वे लगातार 7वीं, 8वीं व 9वीं एनपीसी की प्रतिनिधि बनी, और 10वीं व 11वीं सीपीपीसीसी की सदस्य भी बनी। उनके अनुसार एनपीसी के प्रतिनिधि व सीपीपीसीसी के सदस्य बनने के बाद उन पर ज्यादा ज़िम्मेदारियां हैं। तो उन्हें ज्यादा अच्छा काम करना होगा। उन्हें आशा है कि अल्पसंख्यक जाति की श्रेष्ठ संस्कृति अच्छी तरह से विकसित हो सकेगी। वे प्रसिद्ध तिब्बती गायिका, चीन की राष्ट्रीय पहली स्तरीय अभिनेत्री ज़ोंगयोंग डोलमा हैं।

गत् सत्तर के दशक के अंत में जोंगयोंग डोलमा ने शांगहाई संगीत कॉलेज में प्रवेश किया। वर्ष 1983 में वे बहुत श्रेष्ठ अंकों से स्नातक हुईं। अपने जन्मस्थान की याद के कारण उन्होंने युन्नान में वापस लौटकर वहां के प्रांतीय गीत व नृत्य मंडल में काम करना शुरू किया। कई दशकों में उनके मधुर गीत हिम पठार से पूरे चीन यहां तक कि विश्व में पहुंच गये। और उन्हें वर्तमान में तिब्बती जाति की स्वर्णिम आवाज़ माना जाता है।

इस वर्ष जोंगयोंग डोलमा फिर एक बार सीपीपीसीसी की सदस्य बनी। उन्होंने जनता के प्रति गहरी भावना लेकर अल्पसंख्यक जातीय कलाकारों के प्रशिक्षण को मजबूत करने का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा,चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की अच्छी नीति के बिना, जनता के प्रशिक्षण के बिना, मैं आज की लोकप्रिय गायिका नहीं बन सकती। मैंने बहुत अल्पसंख्यक जातीय गांवों में दौरा किया। वहां ऐसे बच्चों की संख्या बहुत है, जो अच्छी तरह से गाना गा सकते हैं, और जिन्हें अपनी जाति के प्रति गहरी भावना होती है। तो मैंने दिल में यह सोचा था कि अगर उन्हें मेरी तरह मौका व मंच मिल पाते हैं, तो कितना अच्छा होगा।

जोंगयोंग डोलमा के ख्याल से हालांकि शानदार मंच पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने से वे बहुत उत्साहित हैं, लेकिन समाज के आधार में जनता के लिये कार्यक्रम प्रस्तुत करने से उन्हें अलग अलग महसूस व भावना मिल पाती हैं। हर बार जब उन्होंने जनता की नज़र में दिखती हुई खुशी व भावना को देखा, वे हमेशा खुद से कहती हैं कि मुझे हर समय पर जनता की सेवा करनी चाहिये। इसलिये इस बार की सरकारी कार्य रिपोर्ट सुनकर वे जनता पर केंद्रित होकर काम करने पर बहुत प्रभावित हुई हैं। उन के अनुसार,मुझे लगता है कि इस बार की सरकारी कार्य रिपोर्ट में सबसे प्रभावित करने वाली बात यह है कि रिपोर्ट के सभी विषय जनता पर केंद्रित हैं। एक वाक्य ने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी कि लगातार जनता के लाभ प्राप्त करने, खुशी प्राप्त करने व सुरक्षा प्राप्त करने की भावना को उन्नत करना चाहिये। यह तो जनता की सब से तीव्र इच्छा है। जो जनता के मन की आवाज़ ही है। इसलिये इस बार की सरकारी कार्य रिपोर्ट पढ़कर मैं बहुत प्रभावित हूं।

सीपीपीसीसी की कला जगत की सदस्य के रूप में जोंगयोंग डोलमा ने संस्कृति के विकास पर सब से बड़ा ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य रिपोर्ट में श्रेष्ठ परंपरागत संस्कृति का विकास करने पर चर्चा की गयी। एक कलाकार के रूप में वे बहुत प्रभावित हैं। उन्हें आशा है कि ज्यादा से ज्यादा अल्पसंख्यक जातीय कलाकारों के प्रशिक्षण से विभिन्न जातियों की श्रेष्ठ संस्कृति का विकास किया जा सकेगा। उन्होंने कहा,सीपीसी की केंद्रीय कमेटी के महासचिव ने कहा है कि कलाकारों को श्रेष्ठ कार्यक्रम प्रस्तुत करने चाहिये। और अच्छी नैतिकता व अच्छी कला क्षमता दोनों प्राप्त हुए आदर्श व्यक्ति पैदा होना चाहिये। अगर उन आदर्श व्यक्तियों में 56 जातियों में हर एक जाति एक आदर्श व्यक्ति प्राप्त हैं। तो स्थिति बदल जाएगी। क्योंकि वे अपनी जाति में कला के सुयोग्य व्यक्तियों को प्रशिक्षण देंगे।

अल्पसंख्यक जातीय कलाकारों के प्रशिक्षण को मजबूत करें:जोंगयोंग डोलमा

जोंगयोंग डोलमा ने अपने प्रस्ताव में कहा कि अल्पसंख्यक जातियों की श्रेष्ठ परंपरागत संस्कृति व कला का संरक्षण, विकास व बढ़ावा देना चीनी राष्ट्र की संस्कृति को और समृद्ध व विकास बनाने में एक महत्वपूर्ण भाग है। और इस काम का केंद्र है अल्पसंख्यक जातीय कला के सुयोग्य व्यक्तियों का प्रशिक्षण। इसलिये उन्होंने यह सुझाव दिया कि चीन के विभिन्न प्रसिद्ध कला कॉलेजों में अल्पसंख्यक जातीय कला के सुयोग्य व्यक्तियों को प्रशिक्षण देने के लिये जातीय कक्षाओं व तरह तरह की अल्पसंख्यक जाती की प्रशिक्षण कक्षाओं की स्थापना करनी चाहिये। ऐसी कक्षाओं को सरकार से समर्थन मिल सकता है। साथ ही सीमांत अल्पसंख्यक जातीय क्षेत्रों में जातीय गीत व नृत्य मंडल का पुनर्निर्माण किया जाएगा। महासचिव शी चिनफिंग के अनुदेश की सकारात्मक प्रतिक्रिया करने के लिये उलान मुजी की श्रेष्ठ परंपराओं का विकास किया जाएगा, ताकि जातीय कला मंडल जनता की सेवा दे सके, और कला की सृजन करके ज्यादा से ज्यादा श्रेष्ठ कार्यक्रम बना सके।

जनता को केंद्र मानकर काम करना जोंगयोंग डोलमा के एनपीसी के प्रतिनिधि व सीपीपीसीसी के सदस्य बनने के बाद अपना कर्तव्य संभालने की आधारभूत शक्ति है। उन्होंने कहा कि गीत गाना जिन्दगी का काम नहीं है, लेकिन एक उपयोगी व्यक्ति बनना जिन्दगी का काम ही है। हाल के कई सालों में उन्होंने अपने जन्मस्थान की जनता पर ध्यान देकर सक्रिय रूप से तरह तरह की लोकोपकार गतिविधियों में भाग लिया। जन्मस्थान की गरीबी को दूर करने के लिये उन्होंने अपने प्रभाव से पूंजी निवेश इकट्ठा करके जन्मस्थान में जलाशय, रास्ता व पावर स्टेशन का निर्माण किया। जिससे उन के जन्मस्थान में जल व बिजली के अभाव का इतिहास समाप्त हुआ है। उनके द्वारा निर्मित रास्ता तुंगमेई कहा जाता है, जो उनका निकनेम है। इस की चर्चा में जोंगयोंग डोलमा ने कहा,मेरा दिल हमेशा आभारी रहता है। मेरे जन्मस्थान की जनता ने मुझे पाल दिया। मैं अपनी मधुर गीत से उन्हें धन्यवाद देती हूं। मैं अपनी आवाज़ से कहानी बताना चाहती हूं, और अपनी आवाज़ से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाली अल्पसंख्यक जातियों को प्रोत्साहन देना चाहती हूं। मुझे विश्वास है कि हमारे जीवन ज्यादा से ज्यादा अच्छा होगा। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में हम दिन-ब-दिन बेहतर होंगे।

जैसा जोंगयोंग डोलमा ने कहा है, उनका दिल हमेशा से आभारी है। वे लगातार अपने जन्मस्थान की जनता के लिये अपना योगदान दे रही हैं। उन्हें विश्वास है कि अगर सभी लोग एक साथ कोशिश करेंगे, तो चीन का भविष्य ज़रूर और उज्जवल होगा।

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